आईपीएल के प्लेऑफ़ में जगह बनाने की होड़ बन गई है बेहद रोचक

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- Author, अर्णव वसावडा
- पदनाम, बीबीसी गुजराती
आईपीएल 2023 के लीग मैच ख़त्म होने को है और इस साल का मुक़ाबला अपने सबसे रोमांचक मोड़ पर है.
बुधवार तक कुल 70 मैच में से 55 मुक़ाबले हो चुके हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ़ में कोई भी टीम अपनी जगह पक्की नहीं कर पाई है.
बुधवार के मैच में दिल्ली की टीम भले ही हार गई हो और उनके तीन मैच ही क्यों ना बचे हो.
अब भी अगर वो आने वाले तीनों मैच जीत जाती है, तो उनके पास भी लंबी छलांग लगाने का अवसर है.
आईपीएल 2023 का प्वाइंट्स टेबल देख लीजिए. हर एक प्वाइंट पर एक से ज्यादा टीमें फँसी हुई हैं.
प्लेऑफ़ में जगह के लिए इतनी भीड़ प्वाइंट्स टेबल में पहले शायद ही देखने को मिली हो.
यानी कुछ भी संभव है. यहाँ तक कि अगर गुजरात की टीम अपने अगले तीनों मैच बुरी तरह हार जाए, तो उसके लिए भी प्ले ऑफ़ में बने रहना आसान नहीं होगा.
10वें नंबर पर मौजूद दिल्ली की टीम भी अगर अपने अगले तीन मैच बड़े अंतर से जीत जाए, तो धोनी की टीम चेन्नई भी प्ले ऑफ़ से बाहर हो सकती है.
आख़िरकार ऐसा कौन सा मोड़ आया कि आईपीएल में अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है.
देर आए दुरुस्त आए

मुंबई - 200/4(16.3) बनाम आरसीबी - 199/6 (20 ओवर) (मुंबई 6 विकट से जीता)
केकेआर - 182/5(20.0) बनाम पंजाब - 179/7 (20 ओवर) (केकेआर 5 विकट से जीता)
दिल्ली - 187/3(16.4) बनाम आरसीबी - 181/4 (20 ओवर) (दिल्ली 7 विकट से जीता)
हैदराबाद- 217/6(20.0) राजस्थान- 214/2 (20 ओवर) (हैदराबाद 4 विकेट से जीता)
मंगलवार को मुंबई के वानखेड़े में इस आईपीएल का 54वाँ मुकाबला खेला गया.
इस मैच में मुंबई की टीम ने 200 का आँकड़ा सिर्फ़ 99 गेंदो में हासिल कर आरसीबी को हरा दिया.
इसके बाद आईपीएल के प्वाइंट्स टेबल में मुंबई की टीम ने लंबी छलांग लगाई और अब वह सीधे तीसरे नंबर पर पहुँच चुकी है.
वहीं केकेआर ने भी पंजाब के ख़िलाफ़ रोमांचक मुक़ाबले में 180 रनों का पीछा करते हुए पाँच विकेट से जीत हासिल की.
इसके बाद दो अंक हासिल करके केकेआर ने भी लंबी छलांग लगाई.
आईपीएल 2023 में 10 टीमें हैं. प्वाइंट्स टेबल में दिल्ली और हैदराबाद की टीम 10वें और 9वें नंबर पर बनी हुई हैं.
ऐसा लग रहा था कि ये दोनों टीमें प्लेऑफ़ की रेस से बाहर हो जाएँगी. लेकिन पिछले दो मुक़ाबलों ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है.
दिल्ली की बात करें, तो पिछले पाँच मुक़ाबलों में से चार में उसने जीत दर्ज की है.
वहीं हैदराबाद की बात करें, तो पिछले पाँच मुक़ाबलो में से दो में उसने जीत हासिल की है.
अब हाल ऐसा है कि राजस्थान, केकेआर, आरसीबी, पंजाब 10 अंकों के साथ रन रेट के हिसाब से आगे पीछे हैं.
वहीं दिल्ली और हैदराबाद की टीमें आठ अंकों पर बनी हुई हैं.
आईपीएल के नए नियम का भी 'इम्पैक्ट'

इस साल आईपीएल में कई नए नियम शामिल किए गए.
हालाँकि क्रिकेट के जानकार बताते है कि इसका फ़ायदा सभी टीम को मिला है.
वरिष्ठ खेल पत्रकार संदीप द्विवेदी बताते है, "इस साल इम्पैक्ट प्लेय़र के साथ-साथ टॉस के समय दो टीम का विकल्प कप्तान और कोच के पास है. इससे खेल के मैदान पर हालात बिगड़ते नज़र आने पर इम्पैक्ट प्लेयर का इस्तेमाल कर टीम फिर से वापसी कर सकती है. आईपीएल में अभी का जो ट्रेंड दिखा है, वो ये है कि अब बल्लेबाज़ एंकर का रोल ना निभा कर अटैकिंग रवैया अपनाने लगे हैं. इससे अधिक टीमें 200 का आँकड़ा पार कर रही है. इस साल हर एक टीम के पास सपोर्ट स्टाफ़ से लेकर प्लेइंग इलेवन तक अच्छा टैलेंट देखने को मिला है."
वहीं वरिष्ठ पत्रकार अमित शाह बताते है, "इम्पैक्ट प्लेयर की वजह से टीम को अपनी रणनीति बेहतर तरीक़े से बनाने का मौक़ा मिलता है. वहीं इस साल कई टीम की कप्तानी भी सवालों के घेरे में है. उदाहरण के तौर पर संजू सैमसन, जो राजस्थान के लिए अच्छे कप्तान साबित हो रहे थे, वहीं मैदान पर लिए उनके कुछ फ़ैसलों ने टीम को फिर से नीचे धकेल दिया है. वहीं दिल्ली के कप्तान डेविड वॉर्नर भी टीम के लिए अच्छा खेल रहे अक्षर पटेल का सही फ़ायदा उठाने में नाकाम नज़र आए."
अनुमान यहाँ तक है कि प्लेऑफ़ से पहले लीग मैच के आख़िरी मुक़ाबले तक ये तय नहीं होगा कि कौन तीसरे नंबर पर है और कौन चौथे.
खेल पत्रकार चिंतन बुच बताते है, "राजस्थान रॉयल्स जिस तरह से अपने पहले पाँच मैच खेली और बाद में लगातार चार मैच हारी, उसने सभी टीम के लिए प्लेऑफ़ का रास्ता और पेचीदा बना दिया. वहीं मुंबई की टीम, जो आईपीएल की शुरुआत में कमज़ोर दिख रही थी, उसने कमबैक किया और तीन मैच में वापसी की, जिसने प्लेऑफ़ का समीकरण अभी तक बनने नहीं दिया."
यानी कुल मिलाकर आने वाले दिनों में होने वाले मैच पहले 54 मुक़ाबलों से ज़्यादा मायने रखेंगे.
तो अब क्या है प्लेऑफ़ की संभावनाएँ?

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अब सबसे निचले पायदान पर मौजूद हैदराबाद और दिल्ली को अगर प्लेऑफ़ में जगह बनानी है, तो आने वाले सभी मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे.
हैदराबाद को लखनऊ, गुजरात, बैंगलुरू और मुंबई को हराना होगा.
दिल्ली की टीम बुधवार का मैच हार चुकी है.
फिर भी प्लेऑफ़ का सपना साकार करने के लिए उसे चार बार की चैम्पियन टीम चेन्नई को एक मैच में हराना होगा और पंजाब को दोनो मुकाबलों में शिकस्त देनी होगी.
वहीं मुंबई और बेंगलुरू के लिए समीकरण सरल है.
उनको भी अपने आने वाले सभी मैच जीतने होंगे. तब जाकर प्लेऑफ़ का रास्ता उनके लिए साफ़ होगा.
लेकिन मंगलवार के मैच के बाद आरसीबी के लिए अब राह कठिन होती जाएगी.
इस आईपीएल में लखनऊ का सफ़र उतार-चढाव वाला रहा है.
लखनऊ की टीम एक साथ दो मैच सिर्फ़ एक बार जीत पाई है.
अब मुंबई की जीत के बाद लखनऊ को फ़्रंट फ़ुट पर खेलना होगा. यहाँ से अगर एक भी मैच लखनऊ हारती है, तो बाद में उसे अन्य टीम के प्रदर्शन पर निर्भर करना पड़ सकता है.
वहीं धोनी की टीम अगर एक भी मैच में जीत हासिल कर लेती है, तो उसे भी दूसरी टीमों पर निर्भर रहना पड़ सकता है.
यानी प्लेऑफ़ में कौन रहेगा- उसका पता प्लेऑफ़ के वक़्त ही लगे, तो बड़ी बात नहीं होगी.
गुरुवार को केकेआर और राजस्थान के बीच अहम मैच होने जा रहा है, जिसके बाद प्लेऑफ़ का समीकरण और बदल सकता है.
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