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आईपीएल: भाई बनाम भाई मुक़ाबले में लखनऊ की हार, गुजरात टाइटंस 56 रन से जीती
आईपीएल का 51वें मुक़ाबले में आज दो भाई आमने-सामने थे.
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच हुए इस मुक़ाबले में हालांकि, हार्दिक पांड्या की टीम भारी पड़ी और क्रुणाल पांड्या की टीम को 56 रनों की बड़ी हार झेलनी पड़ी.
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए हार्दिक पांड्या की टीम गुजरात टाइटंस ने 228 रनों का विशाल लक्ष्य खड़ा कर दिया.
क्रुणाल पांड्या ने टॉस जीतकर पहले अपने भाई हार्दिक की टीम को बल्लेबाज़ी का न्योता दिया था.
गुजरात की ओर से शुभमन गिल, रिद्धिमान साहा ने अपने बाजुओं का दम दिखाया और इनके आगे लखनऊ के गेंदबाज़ बेअसर रहे. नतीजा ये हुआ कि हार्दिक पांड्या की टीम ने महज़ दो विकेट खोकर ही इतना बड़ा स्कोर खड़ा किया.
बदले में लखनऊ ने भी ठोस शुरुआत की. सलामी बल्लेबाज़ी के लिए उतरे कायल मायर्स और क्विंटन डी कॉक ने तेज़ी से रन बनाए, लेकिन फिर एक-एक कर गिरते विकेट और रनों की धीमी रफ़्तार ने ये मैच गुजरात की झोली में डाल दिया.
भाई वर्सेज़ भाई मुक़ाबले पर क्या बोले 'पांड्या ब्रदर्स
दरअसल, केएल राहुल के चोटिल होने के बाद क्रुणाल पांड्या लखनऊ सुपर जाएंट्स की कप्तानी कर रहे हैं.
वहीं, गुजराट टाइटंस की कप्तानी हार्दिक पांड्या के पास है.
मैच में भी कुछ ऐसा मौका बना कि हार्दिक पांड्या ने मोहसिन ख़ान की गेंद पर शॉट मारा लेकिन गेंद क्रुणाल पांड्या के हाथों में गई और गुजरात के कप्तान को पवेलियन लौटना पड़ा.
दोनों भाइयों के आमने-सामने खेलने पर टॉस के समय हार्दिक पांड्या ने कहा, "ये एक भावुकता भरा दिन है. हमारे पिता को आज हम पर बहुत नाज़ होता. ये शायद पहली बार हो रहा है. ये हमारे परिवार के लिए गर्व का पल है. आज एक पांड्या ज़रूर जीतेगा. ये परिणाम की फिक्र किए बिना खेलने से जुड़ा है. हमें अच्छा क्रिकेट खेलना है."
वहीं क्रुणाल पांड्या ने इस मौके को किसी सपने के सच होने जैसा बताया.
कैसी रही गुजरात की पारी?
गुजरात टाइटंस की ओर से रिद्धिमान साहा और शुभमन गिल पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतरे. पहले ही ओवर में दो चौके जड़कर रिद्धिमान साहा ने अपना इरादा साफ़ कर दिया.
चार ओवर में गुजरात टाइटंस का स्कोर 50 पार हो चुका था. रिद्धिमान साहा ने अपनी रफ़्तार जारी रखी और सिर्फ़ 20 गेंदों में पॉवरप्ले ख़त्म होने से पहले अपनी फ़िफ़्टी जड़ दी.
सामने उनका बराबर सहयोग शुभमन गिल दे रहे थे. दोनों के बल्ले से जिस तरह रन निकल रहे थे उससे सातवें ओवर में ही ये साफ़ हो गया कि टीम का स्कोर 200 पार जा सकता है.
सामने लखनऊ के गेंदबाज़ एकदम फीके दिखे. फिर वो यश ठाकुर हो या रवि बिश्नोई और आवेश ख़ान, सभी बॉलरों ने जमकर रन लुटाए.
हालांकि, 13वें ओवर में आवेश ख़ान ने इस सलामी बल्लेबाज़ों की साझेदारी को तोड़ा और गुजरात को रिद्धिमान साहा के तौर पर 142 रनों के स्कोर पर पहला झटका लगा.
साहा ने 43 गेंदों पर तेज़ 81 रन बनाए.
तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या आए, लेकिन बल्लेबाज़ी की कमान शुभमन गिल ने संभाले रखी. हार्दिक पांड्या हालांकि, 16वें ओवर में आउट हो गए लेकिन उनकी जगह आए डेविड मिलर ने भी रनों की रफ़्तार को बरकरार रखा. मिलर 12 गेंदों में 21 रन बनाकर नाबाद रहे.
वहीं, बल्ले से 94 रन निकालने वाले शुभमन गिल शतक से महज़ छह रनों से चूक गए.
हालांकि, पारी समाप्त होने के बाद ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत में गिल ने ज़िक्र किया कि आख़िरी ओवर में उनके दिमाग में भी शतक जड़ने की बात चल रही थी लेकिन उन्होंने आख़िरी ओवर की चौथी गेंद पर सिंगल लिया और वो रन बनाने से चूक गए.
लखनऊ के गेंदबाज़ कोई ख़ास छाप नहीं छोड़ सके लेकिन आवेश ख़ान सबसे किफ़ायती रहे. ख़ान ने चार ओवरों में एक विकेट लेकर 34 रन लिए.
लखनऊ ने भी की मज़बूत शुरुआत
लखनऊ सुपर जाएंट्स की ओर से कायल मायर्स और क्विंटन डी कॉक सलामी बल्लेबाज़ी करने उतरे.
मायर्स ने तेज़ी से बल्ला चलाते हुए 48 रन बनाए, लेकिन नौवें ओवर में मोहित शर्मा की गेंद पर उन्होंने शॉट खेला और राशिद ख़ान ने एक शानदार कैच लपकते हुए मायर्स की पारी को विराम दे दिया.
तीसरे नंबर पर आए दीपक हुड्डा, जो फिलहाल फॉर्म में नहीं है और आज के मुक़ाबले में भी रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे. शमी की गेंद पर हुड्डा भी 13वें ओवर में चलते बने.
इसके बाद मोहित शर्मा ने मार्कस स्टॉयनिस का विकेट लिया. इस समय तक लखनऊ 130 रनों पर 3 विकेट खो चुकी थी और टीम के रन बनने की रफ़्तार भी धीमी पड़ गई थी.
क्विंटन डी कॉक का ये इस साल आईपीएल का पहला मुक़ाबला था.
शुरुआत के दो मैचों में क्विंटन डी कॉक उपलब्ध नहीं थे और उनकी बजाय कायल मायर्स को सलामी बल्लेबाज़ी का ज़िम्मा दिया गया. इसके बाद डी कॉक को मौका नहीं मिल पा रहा था.
हालांकि, आज वो लखनऊ के नियमित कप्तान केएल राहुल की जगह आज के मैच में शामिल किए गए थे.
डी कॉक ने पिछले आईपीएल सीज़न में 500 से अधिक रन बनाए थे. इस बार के अपने पहले मुक़ाबले में भी उन्होंने महज़ 41 गेंदों पर 70 रन बनाए. हालांकि, 16वें ओवर में राशिद ख़ान की फिरकी में फंसकर डी कॉक भी चलते बने.
इसके बाद टीम की बची-खुची उम्मीदें भी ढह गईं.
इसके बाद राशिद ख़ान ने सेट बैट्स मैन क्विंटन डी कॉक को 16वें ओवर में पवेलियन भेजा.
टीम को आख़िरी दो ओवरों में 73 रनों की दरकार थी.
आयुष बडोनी ने कुछ शॉट्स खेले लेकिन इस समय तक मैच टीम के हाथों से निकल चुका था. हालांकि, वो भी 11 गेंदों पर 21 रन बनाकर लौट गए. कप्तान क्रुणाल पांड्या आए और शून्य के स्कोर पर कैच दे बैठे. आख़िरी ओवर तक लखनऊ की टीम 171 रन ही बना सकी और मुक़ाबला 56 रनों से हार गई.
गुजरात ने टॉस के समय ही जीत लिया था मुक़ाबला?
टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनने के क्रुणाल पांड्या के फ़ैसले ने कमेंटेटर और प्रशंसक, सभी को हैरान किया.
अहमदाबाद स्टेडियम में दिन के समय होने वाले मैचों में अमूमन टॉस जीतने वाली टीमें पहले बल्लेबाज़ी चुनती हैं.
ऐसे भी लखनऊ और गुजरात के बीच आज से पहले तीन मुक़ाबले हो चुके हैं और तीनों गुजरात ने जीते हैं.
हार्दिक पांड्या का बयान इसकी पुष्टि भी करता है.
उन्होंने कहा, "हम पहले बल्लेबाज़ी करना भी चाहते थे. टॉस के नतीजे से खुश हूं."
वहीं, क्रुणाल पांड्या से जब उनके फ़ैसले पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "हमारे पास मज़बूत बल्लेबाज़ी है. हमने अच्छा क्रिकेट खेला है और हमारे पास टॉप चार तक पहुंचने का अच्छा मौका है."
लेकिन मैच के नतीजे ने ये साफ़ कर दिया कि क्रुणाल पांड्या का आंकलन सटीक नहीं बैठा.
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