भारत की टीम वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में क्या ऑस्ट्रेलिया को मात दे पाएगी?

    • Author, शिवाकुमार उलगनाथन
    • पदनाम, बीबीसी तमिल

आईपीएल के मौजूदा सीज़न में बीते एक महीने चौके और छक्कों की बरसात देखने को मिल रही है.

आईपीएल के इसी घमासान के बीच आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होने वाले मुक़ाबले के लिए बीसीसीआई ने 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है.

इस घोषणा के साथ ही लोगों का ध्यान इस ओर भी गया है कि इन खिलाड़ियों को बदले हुए फ़ॉर्मेट के मुताबिक़ भी खेलना होगा.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ये फ़ाइनल मुक़ाबला 7 से 11 जून के बीच लंदन के ओवल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा.

भारतीय टीम में जिस खिलाड़ी के चयन ने सबको चौंकाया है, वो हैं अजिंक्य रहाणे.

चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से आईपीएल मुक़ाबले में शानदार प्रदर्शन के चलते उन्होंने टीम में अपनी वापसी की है.

इससे पहले आख़िरी बार उन्होंने जनवरी, 2022 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था.

टीम इंडिया की मज़बूती

श्रेयस अय्यर और जसप्रीत बुमराह घायल होने के चलते टीम के लिए उपलब्ध नहीं थे.

मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव और शार्दुल ठाकुर के साथ पाँचवें तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर जयदेव उनादकट को टीम में शामिल किया गया है.

वहीं रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल स्पिन गेंदबाज़ी की कमान संभालेंगे.

रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ घरेलू सिरीज़ में अच्छा प्रदर्शन किया है.

अक्षर पटेल ने इसी सिरीज़ में बल्ले से शानदार खेल दिखाया था. लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों में चुनौतियाँ दूसरे तरह की होंगी.

ज़्यादातर टीमें इंग्लैंड में स्पिनरों से ज़्यादा तेज़ गेंदबाज़ों पर भरोसा करती हैं.

वहीं विकेटकीपर के तौर पर अगर केएस भरत को मौक़ा मिला, तो अंतिम 11 खिलाड़ियों में केएल राहुल शायद ही अपनी जगह बना पाएँगे.

शुभमन गिल निश्चित तौर पर इंग्लैंड में भी अपनी मौजूदा फ़ॉर्म को जारी रखना चाहेंगे.

वहीं रवींद्र जडेजा और शार्दुल ठाकुर अगर अंतिम 11 में होंगे, तो उनसे बल्लेबाज़ी में भी कुछ रनों की उम्मीद की जाएगी.

स्पिनरों की सीमित भूमिका

वरिष्ठ पत्रकार आनंद वेंकटरमण ने दोनों टीमों की ताक़त और उम्मीदों पर बताया, "इंग्लैंड में ऑस्ट्रेलियाई टीम एक दूसरी टीम के तौर पर ही नज़र आती है. उस टीम की तुलना हाल में भारत के ख़िलाफ़ खेली गई सिरीज़ से नहीं कर सकते."

वेंकटरमण के मुताबिक, "जिस पिच पर फ़ाइनल मुक़ाबला खेला जाना है, वह परंपरागत तौर पर बैटिंग पिच है. दोनों टीमें यहां टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करना चाहेंगी. बाद के सत्रों में स्पिन गेंदबाज़ों की भी भूमिका है. अगर भारत बेहतरीन कॉम्बिनेशन के साथ खेला, तो चैम्पियन बन सकता है."

भारत के प्लेइंग एकादश के बारे में वेंकटरमण ने कहा, "अश्विन और अक्षर पटेल को शायद बेंच पर बैठना पड़े. बहुत संभव है कि भारत चार तेज़ गेंदबाज़ों शमी, सिराज, उमेश और शार्दुल के साथ खेलने उतरे. रवींद्र जडेजा इकलौते स्पिनर होंगे. टीम प्रबंधन बल्लेबाज़ी को मज़बूती देने के लिए केएल राहुल से विकेटकीपिंग के लिए कह सकता है."

रहाणे की उम्मीदों पर वेंकटरमण बताते हैं, "लंबे अंतराल के बाद टीम में वापसी करने के लिए रहाणे को काफ़ी मेहनत करनी होगी. वहीं विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा की कोशिश विकेट पर लंबे समय तक टिकने की होगी. शमी, शार्दुल, उमेश और सिराज के रूप में तेज़ आक्रमण बेहतर दिख रहा है और ऑस्ट्रेलिया को बराबरी की टक्कर मिल सकती है."

यहाँ ये भी ध्यान रखना होगा कि भारत ने 2021 में ओवल में खेले गए अपने अंतिम मैच में चार तेज़ गेंदबाज़ों और जडेजा को स्पिनर के तौर पर आज़माया था.

वो मुक़ाबला भारत ने 157 रन से जीता था. इससे पहले 2018 में भारत ने तीन तेज़ गेंदबाज़ और जडेजा को स्पिनर के तौर पर उतारा था और तब टीम को हार का सामना करना पड़ा था.

2021 और 2022 के दौरान भारत, इंग्लैंड में पाँचों टेस्ट मैच के दौरान चार तेज़ और एक स्पिनर के साथ खेलने उतरा था.

सिरीज़ 2-2 से बराबर रही थी, इसलिए बहुत संभव है कि भारत इसी कॉम्बिनेशन के साथ टेस्ट चैम्पियनशिप के फ़ाइनल में भी खेले.

वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फ़ाइनल के लिए ऑस्ट्रेलिया ने 17 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, उसे मई के अंत तक 15 सदस्यीय टीम को निर्धारित करना होगा.

डेविड वॉर्नर से कितनी उम्मीदें?

बीते एक साल से दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मुक़ाबले को अगर छोड़ दें, तो डेविड वॉर्नर संघर्ष करते नज़र आए हैं.

हालाँकि दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ पारी की बदौलत ही वे टीम में बने हुए हैं.

ऑस्ट्रेलिया के कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने भी वॉर्नर के हाल के प्रदर्शन की आलोचना की है, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि वॉर्नर ही सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभाएँगे.

वॉर्नर की ग़ैर मौजूदगी में भारत के ख़िलाफ़ ओपनिंग करने वाले ट्रेविस हेड को नंबर पाँच पर खेलना होगा, वहीं रेनशॉ और हैरिस ने भी घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर अपना दावा मज़बूत रखा है.

बैटिंग ऑलराउंडर की जगह के लिए मिचेश मार्श और कैमरुन ग्रीन में होड़ होगी.

वहीं पैट कमिंस की कप्तानी में टीम में उनके अलावा मिचेल स्टार्क, जोश हेज़लवुड और स्कॉट बोलैंड जैसे तेज़ गेंदबाज़ होंगे.

नाथन लॉयन और टॉड मर्फ़ी स्पिनर के तौर पर टीम का हिस्सा होंगे.

किसकी जीत की ज़्यादा उम्मीद?

आनंद वेंकटरमण ऑस्ट्रेलियाई टीम की मज़बूती पर कहते हैं, "बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफ़ी के दौरान ट्रेविस का प्रदर्शन शानदार रहा था. टीम में ग्रीन और मार्श के तौर पर बेहतरीन ऑलराउंडर भी मौजूद हैं."

"लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया का प्रदर्शन नॉक आउट मुक़ाबलों में शानदार रहा है. आम तौर पर स्मिथ भारत के ख़िलाफ़ अच्छा खेलते हैं. भारत को उनसे जल्दी पार पाना होगा. अगर वे लंबे समय तक विकेट पर टिके रहे, तो ये भारत को बहुत महंगा पड़ सकता है."

मौजूदा आईपीएल मैचों के तुरंत बाद ये अहम मुक़ाबला होना है, ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्या आईपीएल मैचों के चलते कोई असर हो सकता है?

इस पर आनंद कहते हैं, "कुछ बल्लेबाज़ों पर असर हो सकता है. आईपीएल 28 मई को समाप्त हो रहा है और फ़ाइनल सात जून से शुरू होगा. वैसे भी सभी टीमें आईपीएल के क्वालिफ़ाइंग राउंड तक नहीं पहुँचेंगी. वैसे इंग्लैंड पहले पहुँचने से भी खिलाड़ियों को फ़ायदा मिलेगा."

2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत को न्यूज़ीलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.

ऐसे में भारतीय टीम निश्चित तौर पर उस हार को पीछे छोड़कर जीत हासिल करना चाहेगी.

वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम फ़ाइनल जीत कर, भारत से हाल में मिली हार का हिसाब बराबर करना चाहेगी.

ऐसे में साफ़ है कि जो टीम दबाव को अच्छे तरह से हैंडल करेगी, वही चैम्पियन के तौर पर उभरेगी.

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