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आईपीएलः धोनी हुए जायसवाल के मुरीद, क्रिकेट फैन्स ने बांधे संजू की तारीफ़ों के पुल
"यशस्वी जायसवाल ने काफ़ी अच्छी बल्लेबाज़ी की. उन्होंने कैलकुलेटेड रिस्क लिया और टीम को बढ़िया शुरुआत दिलाई. अंत में जुरेल ने भी अच्छी बल्लेबाज़ी की."
यह कहना है चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का जो राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ मिली 32 रनों की हार के बाद प्रेजेंटेशन के दौरान बोल रहे थे.
मैच में यशस्वी जायसवाल ने पहली गेंद से ही चौके, छक्के लगाने शुरू कर दिए थे. आलम यह था कि शुरुआती तीन ओवरों में ही 42 रन स्कोरबोर्ड पर टंगे थे तो सातवें ओवर में जायसवाल ने अपनी हाफ सेंचुरी केवल 26 गेंदों पर पूरी कर ली.
छह चौके और तीन छक्के की मदद से बनी हाफ सेंचुरी में 42 रन तो इन बड़े शॉट्स से ही आए. 14वें ओवर की पांचवी गेंद पर जब यशस्वी आउट हुए तब तक उनकी टीम ने जहां 132 रन बना लिए थे.जायसवाल के बल्ले से इनमें से 77 रन निकले थे. धोनी ने उनकी पारी की तारीफ की.
मैच के बाद जायसवाल भी बोले, "काफ़ी सोच-समझ कर रिस्क ले रहा था. मैं गैप देख रहा था और हवा के रुख को देख कर शॉट लगा रहा था."
कप्तान संजू सैमसन ने जायसवाल की बल्लेबाज़ी पर फ़ख़्र जताते हुए कहा, "जिस तरह से जायसवाल बैटिंग कर रहे हैं मुझे उन पर गर्व है. हम ड्रेसिंग रूम में अधिक से अधिक आक्रामक खेलने की बात ही करते हैं. जायसवाल, जुरेल और पडिक्कल ने जिस तरह से बल्लेबाज़ी की वो असाधारण थी."
200वें मैच में 200 रन का रिकॉर्ड
यह राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल में 200वां मैच था. संजू सैमसन के नेतृत्व में राजस्थान रॉयल्स ने इस मैच में शुरू से ही चेन्नई सुपर किंग्स पर दबाव बना कर रखा.
इस जीत की पटकथा लिखी यशस्वी जायसवाल ने जिन्होंने आईपीएल की अपनी सबसे बड़ी पारी खेली और टीम को एक यादगार शुरुआत दी.
शुरुआती 10 ओवरों में 100 रन बना चुकी राजस्थान रॉयल्स की टीम बीच के ओवरों के दौरान सुस्त पड़ने लगी. तब इस मैच की कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री 180 के स्कोर की उम्मीद जता रहे थे. लेकिन ध्रुव जुरैल के साथ देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर रन गति को धक्का दिया और टीम का स्कोर 200 के पार ले गए.
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में पहली बार किसी टीम ने 200 का आंकड़ा पार किया है. इससे पहले इस मैदान पर सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के नाम था. 15 साल पहले राजस्थान रॉयल्स ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़िलाफ़ 197 रन बनाए थे जो इस मैच से पहले यहां सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड था.
पहले यशस्वी जायसवाल ने अपने अर्द्धशतक की बदौलत बड़े स्कोर की नींव रखी. जब बीच के ओवरों में उसके बाद जुरेल और पडिक्कल ने कमाल का फ़िनिशिंग टच दिया. दूसरी पारी में तेज़ गेंदबाज़ों ने पावरप्ले में रन नहीं दिया और जब स्पिनरों की बारी आई तो उन्होंने चेन्नई को पूरी तरह से बैकफ़ुट पर धकेल दिया.
चेन्नई सुपर किंग्स के ख़िलाफ़ इस सीज़न में राजस्थान रॉयल्स ने दोनों मैच जीत लिए हैं. पॉइंट टेबल में शीर्ष तीन टीमों के एक समान 10 अंक हैं लेकिन संजू की टीम बेहतर नेट रन रेट की बदौलत टॉप पर है. वहीं धोनी की टीम पहले पायदान से लुढ़क कर अब नंबर-3 पर आ गई है.
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राजस्थान रॉयल्स vs चेन्नई सुपर किंग्स
- राजस्थान रॉयल्सः 202/5
- चेन्नई सुपर किंग्सः 170/6
- 32 रनों से राजस्थान रॉयल्स जीता.
- आईपीएल के इस सीज़न में दूसरी बार चेन्नई सुपर किंग्स पर जीत.
- पॉइंट टेबल में दोबार नंबर-1 पर पहुंचे.
- प्लेयर ऑफ़ द मैचः यशस्वी जायसवाल (43 गेंदों पर 77 रन बनाए).
- राजस्थान रॉयल्स का आईपीएल में 200वां मैच.
- चेन्नई सुपर किंग्स अब राजस्थान रॉयल्स से लगातार चार मैच हार चुकी है.
संजू नए कैप्टन कूल
संजू की टीम के ख़िलाफ़ इस सीज़न में खेले गए दोनों मैच चेन्नई सुपर किंग्स की टीम हार चुकी है. तो वहीं पिछले दो सीज़न के दौरान भी धोनी की टीम संजू की टीम से हार चुकी है. कुल मिलाकर राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ चेन्नई सुपर किंग्स की यह लगातार चौथी हार है. वहीं इन दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले सात मुक़ाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम केवल एक मैच जीती है.
कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की टीम को लगातार पटखनी देने वाले संजू सैमसन को अब नया कैप्टन कूल कहा जा रहा है.
वे न केवल विकेट के पीछे माही (धोनी) की तरह चपल है बल्कि मैदान पर तेज़ी से फ़ैसले भी लेते हैं और परिस्थिति के मुताबिक़ अपने गेंदबाज़ भी बदलते हैं.
इस मैच में संजू ने न केवल टॉस जीता बल्कि राजस्थान रॉयल्स क्रिकेट के हर डिपार्टमेंट में अच्छा खेली.
मैच में पहली गेंद पड़ते ही संजू की टीम ने अपनी पकड़ बना ली. अंत-अंत तक भी धोनी की टीम इस मुक़ाबले में कहीं नहीं थी. मैच के अधिकांश हिस्से पर राजस्थान रॉयल्स की पकड़ बनी हुई थी.
चेन्नई सुपर किंग्स की बैटिंग लाइनअप को देखते हुए 203 रन का लक्ष्य भेदना उतना मुश्किल भी नहीं था.
लेकिन जयपुर के सवाई मानसिंह मैदान के रिकॉर्ड को देखते हुए यह आसान लक्ष्य तो कतई नहीं था.
उन्होंने बढ़िया टीम गेम दिखाया तो इसके पीछे उनके नए कैप्टन कूल संजू सैमसन का बहुत बड़ा किरदार था.
संजू ने अपने गेंदबाज़ों का बखूबी इस्तेमाल किया. उन्हें इस बात का इल्म था कि किस बल्लेबाज़ के सामने किस गेंदबाज़ को कब गेंद थमानी है.
पढ़ें मैच रिपोर्टः आईपीएलः चेन्नई सुपर किंग्स को राजस्थान रॉयल्स ने 32 रन से हराया, पॉइंट टेबल में भी नंबर-1 बने
चेन्नई सुपर किंग्स ने ये सोचा भी नहीं होगा कि संजू इतनी जल्दी स्पिनर्स को बुला लेंगे. उन्होंने पावरप्ले के शुरुआती ओवर में ही स्पिनर्स उतार दिए और उसका नतीजा भी बखूबी उन्हें मिला.
शिवम दुबे तेज़ गेंदबाज़ी के आगे थोड़े कमज़ोर दिखते हैं इसलिए जब वे रन बरसाने लगे तो संजू ने स्पिनर्स को हटा कर जेसन होल्डर को गेंद थमा दी. इसका नतीजा भी तुरंत मिला, होल्डर की गेंद पर दुबे मुश्किल से रन जुटाते दिखे.
मैच के बाद उनकी कप्तानी की तारीफ़ हर कोई कर रहा था.
इरफ़ान पठान ने ट्वीट किया, "संजू सैमसन को कप्तानी के लिए 10 में से 10 अंक."
मैच में राजस्थान रॉयल्स की जीत के बाद sanju ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा.
एक यूज़र ने लिखा, "अगर आप धोनी की बराबरी का भविष्य में एक कप्तान चाहते हैं तो संजू सैमसन बिल्कुल दुरुस्त व्यक्ति हैं."
एक अन्य यूज़र ने संजू सैमसन को इस आईपीएल का बेस्ट कैप्टन बताया.
धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया के लिए खेल चुके युजवेंद्र चहल ने कुछ दिन पहले ही एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी गेंदबाज़ी में बीते एक साल में जो भी सुधार आया है, वो संजू के कारण हुआ है.
उस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा था कि संजू काफ़ी हद तक धोनी जैसे लगते हैं, वे मैदान में धोनी की तरह ही कूल रहते हैं.
चहल आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की तरफ़ से खेल रहे हैं. वे आईपीएल में विराट और रोहित की कप्तानी में भी पहले खेल चुके हैं.
हारने पर धोनी क्या बोले?
इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाज़ी के लिए तो नहीं उतर सके लेकिन विकेट के पीछे से रन आउट कर प्रशंसा बटोरी. धोनी ने विकेट के पीछे क़रीब 15 मीटर की दूरी से स्टंप्स को बिना ग्लव्स उतारे ही विकेट पर गेंद दे मारा और इसकी वजह से ध्रुव जुरेल रन आउट हो गए.
मैच के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने इस मैच को हारने की वजहें भी बताई.
धोनी बोले, हमने पावरप्ले में काफ़ी रन दे दिए. हालांकि तब पिच बैटिंग के लिए सबसे अधिक माकूल थी.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम ओवरों में बैट के एज़ (किनारे) से लग कर काफ़ी चौके गए जिसकी वजह से एक बड़ा स्कोर खड़ा हुआ.
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