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IPL की सबसे फिसड्डी टीम दिल्ली कैपिटल्स ने टॉप टीम गुजरात टाइटंस को कैसे हरा दिया?
- Author, मोहम्मद शाहिद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में गिने जाने वाले अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जब मंगलवार को आईपीएल का मैच शुरू हुआ तो ऐसा मानकर चला जा रहा था कि जीत मेज़बान टीम की ही होगी.
इसको लेकर कई अनुमान थे. पहला ये कि जो टीम मेज़बान है वो पॉइंट्स टेबल में टॉप पर बरक़रार है, दूसरा होम ग्राउंड का होना भी एक अनुमान था, लेकिन क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल यूं ही नहीं कहा जाता है.
आईपीएल के पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर खड़ी दिल्ली कैपिटल्स ने पॉइंट्स टेबल की टॉप टीम गुजरात टाइटंस को 5 रन से हरा दिया.
इस मैच की जीत का कोई एक नायक नहीं रहा बल्कि इसको अगर ये कहें कि ये पूरी टीम की एकजुटता की एक मिसाल है तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी.
दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान डेविड वॉर्नर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.
वहीं गुजरात टाइटंस के कप्तान हार्दिक पांड्या से जब पूछा गया कि अगर वो टॉस जीतते तो क्या करते तो इस पर उन्होंने कहा कि वो गेंदबाज़ी करते.
पांड्या को आख़िरकार वही मिला जो वो चाहते थे और दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत में जो पांच ओवर खेले उसे देखकर लगा कि पांड्या का सोचना सही है.
दिल्ली के विकेटों की लगी झड़ी
पहले ओवर की पहली ही गेंद पर गुजरात के गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने टीम को बढ़त दिलाई. ओपनिंग के लिए लाए गए फ़िलिप सॉल्ट ने कवर्स में डेविड मिलर को कैच थमा दिया.
पहले ओवर में दिल्ली का कुल स्कोर एक विकेट के नुक़सान पर 5 रन था और क्रीज़ पर कप्तान डेविड वॉर्नर और प्रियम गर्ग टिके हुए थे.
दूसरे ओवर की दूसरी ही गेंद पर प्रियम गर्ग ने शॉट खेल कर रन पूरा नहीं किया जिसकी वजह से कप्तान वॉर्नर रन आउट हो गए. सबसे दिलचस्प बात ये थी कि ये नो बॉल थी, लेकिन वॉर्नर रन आउट हुए थे इसलिए उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा.
दिल्ली की टीम को वॉर्नर से काफ़ी उम्मीदें रहती हैं क्योंकि कुछ चुनिंदा बल्लेबाज़ों में वही फ़ॉर्म में हैं, इसलिए अब ये माना जाने लगा था कि दिल्ली का हश्र आज बहुत बुरा होने जा रहा है.
तीन ओवर में दिल्ली का स्कोर 2 विकेट के नुक़सान पर कुल 16 रन था.
इसके बाद क्रीज़ पर राइली रूसो आए. दिल्ली की टीम से मिचेल मार्श बीमारी के कारण टीम से बाहर हैं. उनकी जगह राइली रूसो को जगह दी गई थी.
लेकिन वो भी कोई कमाल नहीं दिखा पाए और तीसरे ओवर में शमी की पांचवीं गेंद पर 8 रन के निजी स्कोर पर विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को कैच थमा बैठे.
पांचवें ओवर की पहली और आख़िरी गेंद पर शमी ने प्रियम गर्ग और मनीष पांडे को भी चलता किया. उन्होंने दोनों को विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा के हाथों कैच आउट कराया.
छठे ओवर तक दिल्ली के पांच बल्लेबाज़ पवेलियन लौट चुके थे और टीम का स्कोर सिर्फ़ 28 रन था. इसके अलावा मोहम्मद शमी ने अपने चारों ओवर फेंक दिए थे. उन्होंने 11 रन देकर 4 विकेट लिए, इसके बाद उनकी जगह सब्स्टिट्यूट प्लेयर को लाया गया.
अक्षर पटेल से उम्मीदें, हीरो निकले अमन ख़ान
लगातार पवेलियन लौटते बल्लेबाज़ों के बीच दिल्ली कैपिटल्स को एक बार फिर अक्षर पटेल से उम्मीदें थीं.
पांचवें विकेट के लिए अक्षर पटेल और अमन हकीम ख़ान क्रीज़ पर थोड़े जमते दिखे. 10 ओवर तक टीम का स्कोर 5 विकेट के नुक़सान पर 55 रन हो चुका था.
लेकिन 14वें ओवर में अक्षर पटेल भी 27 रन बनाकर मोहित शर्मा की गेंद पर राशिद ख़ान को कैच दे बैठे. हालांकि अमन ख़ान दूसरे छोर पर टिके रहे और उन्होंने आईपीएल का अपना पहला अर्धशतक बनाते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया.
दिल्ली की टीम 20 ओवरों में 8 विकेट के नुक़सान पर सिर्फ़ 130 रन ही बना पाई.
गुजरात का हाल दिल्ली जैसा
जिस तरह से टॉस जीतकर पहले खेलने उतरी दिल्ली कैपिटल्स का हश्र हुआ था, लगभग कुछ वैसा ही हाल गुजरात के साथ भी देखने को मिला.
दिल्ली के जहां पांच ओवर तक पांच विकेट गिर चुके थे, वहीं गुजरात के भी पांच ओवर तक तीन विकेट गिर चुके थे.
गुजरात को पहले ओवर की अंतिम गेंद पर ख़लील अहमद ने पहला झटका दिया और ऋद्धिमान साहा शून्य पर कैच आउट हो गए. पहले ओवर में गुजरात टाइटंस का स्कोर ज़ीरो था.
चौथे ओवर की पहली गेंद पर एनरिक नॉर्ख़े ने शुभमन गिल को कैच आउट कराया.
ईशांत शर्मा ने पांचवें ओवर की अंतिम गेंद पर सफलता हासिल की और उन्होंने विजय शंकर को बोल्ड कर दिया. विजय ने सिर्फ़ 6 रन बनाए.
पांच ओवर तक गुजरात का स्कोर 3 विकेट के नुक़सान पर 26 रन पहुंच गया था.
सातवें ओवर में कुलदीप यादव ने दिल्ली को चौथी सफलता दिलाई और डेविड मिलर को बोल्ड कर दिया.
आख़िरी दो ओवरों में 33 रन की ज़रूरत
इस बीच गुजरात के लिए अच्छा ये रहा कि दूसरे छोर पर कप्तान हार्दिक पांड्या टिके रहे और उन्होंने 44 गेंदों में 7 चौकों की बदौलत अपना अर्धशतक पूरा किया.
टीम की रन गति सही दिशा में जा रही थी और ये लग भी रहा था कि गुजरात मैच जीत सकती है, लेकिन 18वें ओवर की पहली गेंद पर अभिनव मनोहर, ख़लील अहमद की गेंद पर आउट हो गए.
उनके बाद क्रीज़ पर आए राहुल तेवतिया ने बढ़िया शॉट्स खेले. उनके आने के बाद भी गुजरात की जीत की उम्मीदें बरक़रार थीं.
टीम को आख़िरी 12 गेंदों में 33 रन की ज़रूरत थी और 19वां ओवर एनरिक नॉर्ख़े को दिया गया. वो अपनी शुरुआती तीन गेंदों में गुजरात को दबाव में ले आए, लेकिन राहुल तेवतिया ने इस ओवर की अंतिम तीन गेंदों पर लगातार तीन छक्के लगाकर दिल्ली को दबाव में ला दिया और टीम की जीत की उम्मीद बरक़रार रखी.
आख़िरी 6 गेंदों पर गुजरात को जीत के लिए 12 रनों की ज़रूरत थी और क्रीज़ पर पांड्या और तेवतिया को देखते हुए ये टार्गेट मुश्किल भी नहीं लग रहा था.
लेकिन अंतिम ओवर अनुभवी गेंदबाज़ ईशांत शर्मा डालने के लिए आए. उनकी पहली गेंद को पांड्या ने खेला और दो रन लिए, दूसरी गेंद पर पांड्या ने एक रन लिया, तीसरी गेंद को तेवतिया ने खेला जिस पर कोई रन नहीं बना. चौथी गेंद पर ईशांत शर्मा ने हिटमैन राहुल तेवतिया को कैच आउट करा दिया.
तेवतिया के जाते ही टीम की उम्मीद लगभग ख़त्म हो गई क्योंकि टीम को 2 गेंदों में 9 रनों की ज़रूरत थी और क्रीज़ पर राशिद ख़ान थे. राशिद ने पांचवीं गेंद पर दो रन और अंतिम गेंद पर एक रन लिया जिसके बाद उनकी टीम पांच रन से हार गई.
किसने दिलाई जीत
दिल्ली कैपिटल्स की टीम पॉइंट्स टेबल में सबसे निचले पायदान पर अब भी बरक़रार है. नौ मैचों में उसने सिर्फ़ तीन मैच जीते हैं जबकि छह हारे हैं. उसके पास सिर्फ़ छह पॉइंट्स हैं.
दिल्ली के अब तक जो मैच हुए हैं उसमें उसकी हार की सबसे बड़ी वजहों में से एक वजह उसकी गेंदबाज़ी को बताया जाता रहा है और मंगलवार को हुए मैच में उसने उसी गेंदबाज़ी के कारण मैच जीता.
बल्लेबाज़ी में भी दिल्ली अब तक कोई ख़ास कमाल नहीं दिखा सकी है. जब-जब उसकी टीम मैदान में उतरी है तो उसकी ओर से गिने-चुने तीन से चार बल्लेबाज़ ही कुछ जौहर दिखा सके हैं जिनमें कप्तान डेविड वॉर्नर, अक्षर पटेल और मनीष पांडे के नाम शामिल हैं.
हालांकि, मंगलवार के मैच में दिल्ली की ओर से इनमें से कोई बल्लेबाज़ नहीं चला और अमन ख़ान ने टीम को सम्मानजनक स्कोर देने में बड़ी मेहनत की. उनकी पारी के बाद वो दिल्ली के लिए एक बड़ी उम्मीद बन गए हैं.
वहीं दिल्ली को जीत की दहलीज़ तक उसकी गेंदबाज़ी लेकर गई. गुजरात की ओर से जहां सिर्फ़ शमी ने चार विकेट निकाले थे और वो इकलौते हीरो और मैन ऑफ़ द मैच साबित हुए, वहीं दिल्ली में सभी गेंदबाज़ मिलकर कसी हुई गेंदबाज़ी कर रहे थे.
ख़लील अहमद और ईशांत शर्मा ने 2-2 विकेट लिए तो वहीं एनरिक नॉर्खे़ और कुलदीप यादव ने एक-एक विकेट लिया. कुलदीप काफ़ी किफ़ायती भी साबित हुए. उन्होंने सिर्फ़ 15 रन दिए.
पोस्ट मैच सेरेमनी में दिल्ली के कप्तान डेविड वॉर्नर ने ईशांत शर्मा को लेकर कहा कि ईशांत बेहद अनुभवी हैं और वो जो चाहते हैं करके दिखाते हैं.
वॉर्नर ने ये भी माना कि जब शुरुआत में पांच विकेट गिर गए थे तो उन्हें लगा कि वो मैच हार गए हैं.
वहीं गुजरात टाइटंस की बात करें तो उसकी गेंदबाज़ी में धार ज़रूर थी, लेकिन बल्लेबाज़ी की ओर से टीम निराश रही.
टीम के गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने भी पोस्ट मैच सेरेमनी में माना कि 130 रन का स्कोर आराम से बनाया जा सकता था और शुरुआती छह ओवरों में ही जीत की भूमिका लिखी जा सकती थी.
उन्होंने कहा कि 'जल्दी-जल्दी विकेट गिरना टीम के लिए ठीक नहीं रहा और सिर्फ़ एक अच्छी पार्टनरशिप की दरकार थी जिसकी वजह से मैच जीता जा सकता था, साथ ही पांड्या और तेवतिया की पार्टनरशिप अगर पहले हुई होती तो मैच वो जीत जाते.'
शमी ने ये भी कहा कि अभी बहुत मैच बाकी हैं. अब देखना होगा कि आने वाले मैचों में गुजरात टाइटंस की गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी में क्या असर दिखता है.
बहरहाल, बुधवार को आईपीएल में दो मैच हैं. पहला मैच लखनऊ और चेन्नई के बीच जबकि दूसरा मैच पंजाब और मुंबई के बीच है.
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