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पहलवानों के मामले में दिल्ली पुलिस दर्ज करेगी एफ़आईआर, सर्मथन में आईं कई हस्तियां
भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में कार्रवाई की मांग लेकर दिल्ली के जंतर.मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों को नामचीन खिलाड़ियों का समर्थन मिलने लगा है.
उनसे मिल रहे इन समर्थनों का असर शुक्रवार को दिखा भी, जब सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस इस केस में एफ़आईआर दर्ज करेगी.
हालांकि सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने शीर्ष कोर्ट से मांग की है कि इन महिला कुश्ती खिलाड़ियों को सुरक्षा देने के निर्देश दिए जाएं और रिटायर्ड जज की निगरानी में इस मामले की जांच की जाए.
ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा, दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी कपिल देव और ओलंपियन अभिनव बिंद्रा ने इन खिलाड़ियों का समर्थन किया है. जाने-माने अभिनेता सोनू सूद ने भी धरना दे रहे पहलवानों का मनोबल बढ़ाया है.
नीरज चोपड़ा ने ट्वीट कर लिखा, "ये देखकर मुझे बहुत दुख होता है कि हमारे एथलीट सड़कों पर न्याय मांग रहे हैं. उन्होंने हमारे महान देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए कड़ी मेहनत की और हमें गर्व का अनुभव कराया."
उन्होंने लिखा, "एक देश के तौर पर हम हर व्यक्ति के सम्मान की रक्षा के लिए ज़िम्मेदार हैं, फिर चाहे वह एथलीट हो या कोई और."
"जो हो रहा है, वो नहीं होना चाहिए था. यह एक संवेदनशील मुद्दा है और इसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटाया जाना चाहिए. न्याय सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए."
'खिलाड़ी अन्याय के ख़िलाफ़ कुश्ती की जंग जीतेंगे'
शूटिंग में ओलंपिक गोल्ड मेडल जीत चुके अभिनव बिंद्रा ने ट्वीट कर लिखा, ''एथलीट के तौर पर हम अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं. लेकिन ये देखना बड़ी चिंता की बात है कि इंडियन रेसलिंग प्रशासन में यौन प्रताड़ना के आरोपों को लेकर हमारे एथलीटों को सड़क पर आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है.''
''मैं उनके साथ हूं जो इस मामले से प्रभावित हैं. हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि इस मुद्दे को ठीक से संभाला जाए. एथलीटों की चिंताओं को सुना जाए और मामले को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से निपटाया जाए. ''
वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों का समर्थन किया है.
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पहलवानों की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, "क्या इन्हें कभी इंसाफ़ मिल पाएगा?"
यह तस्वीर शेयर करते हुए कपिल देव ने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को भी टैग किया है.
सोनू सूद ने भी पहलवानों के समर्थन में एक ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, "देश के खिलाड़ी अन्याय के ख़िलाफ़ कुश्ती की जंग जीतेंगे ज़रूर. जय हिन्द."
एक दिन पहले 'इंडियन एक्सप्रेस' अख़बार से बात करते हुए पहलवान विनेश फोगाट ने क्रिकेटरों और दूसरे खिलाड़ियों की चुप्पी पर सवाल उठाए थे.
उन्होंने कहा था कि अमेरिका में जब 'ब्लैक लाइव्स मैटर्स' आंदोलन चला, तो खिलाड़ियों ने खूब आवाज़ उठाई लेकिन आज जब हमारी बारी आई है तो कोई भी बोलने को तैयार नहीं है.
हालांकि विनेश फोगाट के इस इंटरव्यू के बाद कई बड़े खिलाड़ी पहलवानों के समर्थन में सामने आने लगे हैं.
पहलवानों के धरने के मामले में शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पीटी उषा के बयान पर नाराज़गी ज़ाहिर की है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "देश की छवि तब ख़राब होती है, जब यौन उत्पीड़न के अभियुक्त सांसद बच जाते हैं, जबकि पीड़ितों को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ता है. माफ करें मैम, हमें सामूहिक रूप से अपनी महिला खिलाड़ियों के लिए आवाज़ उठानी चाहिए."
उन्होंने लिखा, "उन (खिलाड़ियों) पर छवि ख़राब करने का आरोप नहीं लगाना चाहिए. वे ही हैं जो देश के लिए सम्मान जीतते हैं और हमें गर्व करने का मौका देते हैं."
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा की मनोनीत सांसद पीटी उषा ने गुरुवार को भारतीय ओलंपिक संघ की कार्यकारी समिति की बैठक के बाद कहा था कि 'पहलवानों का सड़कों पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है और इससे देश की छवि ख़राब' हो रही है.
बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों पर क्या कहा?
बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने और गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर पहलवानों का प्रदर्शन छठे दिन भी जारी है. उधर, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों पर एक कविता के जरिए जवाब दिया है.
उन्होंने कहा, "एक कविता मुझे इस समय याद आ रही है. जिस दिन जीवन के हानि-लाभ पर उतरूंगा, जिस दिन संघर्षों में जाली लग जाएगी, जिस दिन जीवन की लाचारी मुझ पर तरस दिखाएगी, उस दिन जीवन से मृत्यु कहीं बढ़ जाएगी."
बृजभूषण शरण ने कहा,"मित्रो, जिस दिन में अपने जीवन की समीक्षा करूंगा कि क्या खोया क्या पाया, जिस दिन मैं महसूस करूंगा कि मेरी संघर्ष करने की क्षमता अब समाप्त हो गई है, जिस दिन महसूस करूंगा कि मैं लाचार हूं, बेचारा हूं, मैं ऐसी ज़िंदगी जीना पसंद नहीं करूंगा और चाहूंगा कि ऐसी ज़िंदगी जीने से पहले मौत मेरे क़रीब आ जाए."
पहलवानों के समर्थन में जुटने लगे हैं लोग
इस बीच, जंतर-मंतर पर पहलवानों के प्रदर्शन में भीड़ और सुरक्षा बढ़ी हुई दिखी. पुलिस ने चारों ओर से बैरिकेडिंग कर रखी है और अलग-अलग किसान और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों का आना लगातार जारी है.
थोड़ी-थोड़ी देर पर किसानों और पहलवानों के समर्थन में नारे सुनाई पड़ते हैं. बैरिकेडिंग के अंदर बैठे लोग बारी-बारी से भाषण दे रहे थे. इनमें से ज़्यादातर लोग किसान संगठनों और खाप पंचायतों से जुड़े थे. लोग मौजूदा सरकार और पीएम मोदी की आलोचना कर रहे थे और बीजेपी सांसद और कुश्ती फ़ेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
गुरुवार को जंतर-मंतर पर अधिक भीड़ नहीं दिखी. मीडिया के लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे, सभी इंतज़ार कर रहे थे कि कोई बड़ा नेता इस प्रदर्शन से जुड़ने आएगा. जनवरी में पहलवान, नेताओं के साथ मंच साझा नहीं कर रहे थे. लेकिन इस बार मंच पर नेताओं को आने से नहीं रोका जा रहा.
दोपहर क़रीब 12 बजे राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी वहां पहुंचे. उन्होंने वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे पहलवान बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत दूसरे लोगों से मुलाकात की.
उन्होंने कहा, "डर का माहौल बनाया गया है. सरकार को तीन महीने पहले ही खिलाड़ियों की बात माननी चाहिए थी."
हरियाणा से कई खाप पंचायत के सदस्य भी जंतर-मंतर पर धरना दे रहे खिलाड़ियों का समर्थन करने पहुंचे. भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत भी वहां पहुंचे.
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को तुरंत न्याय मिलना चाहिए. भारतीय किसान यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष बीरेंद्र डागर ने बीबीसी से कहा, "पिछली बार किसानों ने जब आंदोलन किया था, तो सरकार को क़ानून वापस लेने पड़े थे. अगर इस बार भी न्याय नहीं हुआ, तो हम यहीं बैठेंगे."
उन्होंने दावा किया कि 11 से ज़्यादा किसान संगठन इस प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे. दो दिनों पहले बजरंग पुनिया ने खाप पंचायतों से अपील की थी कि वो इस आंदोलन को अपना समर्थन दें. इसका असर गुरुवार को देखा जा सकता था.
क्या है पूरा मामला?
18 जनवरी, 2023 को पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर बृज भूषण शरण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. तब विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था कि बृजभूषण सिंह और कोच, नेशनल कैंप में महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करते हैं.
इसके बाद केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों के साथ मुलाक़ात की थी और 23 जनवरी को आरोपों की जांच करने के लिए एक पांच सदस्यीय जाँच समिति बनाई थी. दिग्गज मुक्केबाज़ एमसी मेरीकॉम को इस समिति का अध्यक्ष चुना गया था. समिति को चार हफ्तों के अंदर जांच पूरी करने को कहा गया था.
इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को दे दी है, लेकिन इसे अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है. महिला पहलवानों का कहना है कि 21 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ शिक़ायत करने गए थे, लेकिन पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज नहीं की थी.
23 अप्रैल को दूसरी बार ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट की अगुवाई में पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया. शुक्रवार को धरना प्रदर्शन का छठा दिन है.
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