उत्तराखंडः नाबालिग खिलाड़ियों के यौन शोषण मामले में कोच गिरफ़्तार

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- Author, राजेश डोबरियाल
- पदनाम, देहरादून से, बीबीसी हिंदी के लिए
देहरादून में नाबालिग खिलाड़ियों के यौन शोषण के आरोपी सेलिब्रिटी क्रिकेट कोच नरेंद्र शाह को पुलिस ने गुरुवार रात एम्स ऋषिकेश से गिरफ़्तार कर लिया. नरेंद्र शाह पर कई नाबालिग क्रिकेट खिलाड़ियों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है.
बीते दिनों नरेंद्र शाह की क्रिकेट एकेडमी की एक खिलाड़ी का ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें खुद को नरेंद्र शाह बता रहा एक आदमी उस नाबालिग खिलाड़ी से अश्लील बातें करता हुआ सुना जा सकता है.
यह ऑडियो वायरल होने के बाद नरेंद्र शाह ने 24 मार्च की शााम ज़हर खा लिया. उन्हें देहरादून मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था जहां तबियत ठीक होने के बाद भी नरेंद्र शाह कुछ न कुछ दिक्कत बताकर डिस्चार्ज होने से बचते रहे. चार अप्रैल को दून अस्पताल से शाह को ऋषिकेश एम्स रेफ़र कर दिया गया.
गुरुवार रात को शाह को एम्स से डिस्चार्ज कर दिया गया. इसके तुरंत बाद ही नेहरू कॉलोनी पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.
थाना इंचार्ज लोकेंद्र बहुगुणा ने बीबीसी हिंदी को बताया कि शाह के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 356, 506 के साथ ही पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
उन्होंने बताया कि शाह को कोर्ट में पेश कर पुलिस उनकी रिमांड की मांग करने जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
आरोपों से पत्नी का इनकार
कोच की पत्नी किरण शाह ने तमाम आरोपों को ख़ारिज किया है. जबकि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएश ने कोच नरेंद्र शाह को निलंबित कर दिया है.
उत्तराखंड की क्रिकेट खिलाड़ी स्नेह राणा के कोच रहे नरेंद्र शाह अपनी पत्नी किरण शाह के साथ देहरादून के जोगीवाला इलाक़े में लिटिल मास्टर क्रिकेट क्लब के नाम से एक क्रिकेट एकेडमी चलाते हैं.
20 साल से भी ज़्यादा पुरानी यह एकेडमी लड़कियों को क्रिकेट सिखाने वाली उत्तराखंड की संभवतः सबसे पुरानी एकेडमी है.
जोगीवाला में इस एकेडमी के गेट पर अब ताला लगा है और यहां लगे बोर्ड को हटाकर भी अंदर डाल दिया गया है. इस बोर्ड में स्नेह राणा की बड़ी सी तस्वीर भी लगी है और नरेंद्र शाह और किरण शाह को स्नेह का कोच बताया गया है.

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वायरल ऑडियो में क्या है?
बीते दिनों वायरल हुए एक ऑडियो में. ख़ुद को स्नेह राणा का कोच बताते हुए एक आदमी अपना नाम नरेंद्र शाह बताता है. किशोरी उस आदमी को सर कहकर संबोधित कर रही है.
इस ऑडियो में नरेंद्र शाह नाम का आदमी पहले तो 15 साल की खिलाड़ी को ट्रायल देने और ट्रायल लेने वालों से 'बात हो जाने' का दावा करते सुनाई देते हैं. इसके बाद वह उस खिलाड़ी से अश्लील बातें करने लगते हैं.
एक अन्य ऑडियो क्लिप में वही व्यक्ति नाराज़गी जताते हैं कि उनकी बातें रिकॉर्ड कर ली गई हैं और खिलाड़ी को अपशब्द कहते हुए क्रिकेट करियर तबाह करने की धमकियां देते सुनाई देते हैं.
जिस फ़ोन से धमकी भरा फ़ोन किया गया वो उसी एकेडमी में खेलने वाली और पीड़िता के साथ रहने वाली एक अन्य खिलाड़ी का है.
एक अन्य रिकॉर्डिंग में यह आदमी उसे भी रिकॉर्डिंग डिलीट करने के लिए धमकाता है लेकिन वह मना कर देती है.
इस ऑडियो रिकॉर्डिग के वायरल होने के बाद नरेंद्र शाह ने बीते 24 मार्च की शाम ज़हर खा लिया था. उन्हें देहरादून के दून अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.
दून अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंड डॉक्टर धनंजय डोभाल ने बीबीसी हिंदी को बताया था कि वो ख़तरे से बाहर हैं.

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बयान दर्ज नहीं हो पाया था
अस्पताल में भर्ती होने के कारण पुलिस उनका बयान दर्ज नहीं कर पाई थी, हालांकि डॉक्टर डोभाल ने बताया कि सभी जाचों के बाद नरेंद्र शाह फिट पाए गए.
बीच बीच में उन्होंने अलग अलग परेशानी के चलते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा.
नरेंद्र शाह ने सिर में दर्द और सांस लेने में दिक्कत की समस्या बताई लेकिन डॉक्टरों का कहना था ये कोई गंभीर बात नहीं थी.
बाद में उन्हें एम्स रेफ़र कर दिया गया और वहां भी डॉक्टरों ने उन्हें फिट करा दिया और डिस्चार्ज कर दिया.

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नाबालिग़ खिलाड़ियों ने कराई लिखित शिकायत
देहरादून कचहरी में हमें शाह दंपति की एकेडमी में रहीं तीन खिलाड़ी मिलीं. उन्होंने बीते सोमवार (27 मार्च) को शाह दंपति के ख़िलाफ़ पुलिस को लिखित शिकायत दी थी.
उनकी एकेडमी में खेलने वाली ज़्यादातर लड़कियां पहाड़ों से थीं जिन्हें क्रिकेट में स्नेह राणा की तरह शानदार करियर बनाने का सपना दिखाकर शाह दंपति देहरादून ले आए थे.
ये लड़कियां संपन्न परिवारों से नहीं हैं और हर महीने एकेडमी की फ़ीस के रूप में दिए जाने वाले पांच से दस हज़ार रुपये उनके मां-बाप पर भारी पड़ते थे.
जिस 15 साल की बच्ची के साथ नरेंद्र शाह की बातचीत वायरल है उनके पिता भी सोमवार को चमोली से सात-आठ घंटे का सफ़र तय करके देहरादून पहुंचे थे. उनकी बेटी ने पिछले साल ही शाह की एकेडमी में एडमिशन लिया था.
उन्होंने बताया कि वह चमोली के एक क़स्बे में फ़ास्ट-फूड की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं. बेटी में क्रिकेटर बनने की संभावना दिखी तो शाह दंपति के कहने पर उन्होंने उसे देहरादून भेज दिया.

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वह कहते हैं कि किरण शाह ने कहा था कि वह उसे अपनी बेटी की तरह रखेंगी.
उन्होंने बताया कि पिछले साल उनकी बड़ी बेटी ने विज्ञान विषयों के साथ 12वीं पास की थी. वह उसे आगे नहीं पढ़ा पाए क्योंकि तीन बच्चों में सबसे छोटी बेटी को क्रिकेटर बनाने के लिए हर महीने सात-आठ हज़ार रुपये ख़र्च करने पड़ रहे थे.
इन युवा खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान समझ आया कि ये खिलाड़ी दोहरे दबाव में थीं. क्रिकेट में करियर बनाने की चाह थी, जिसकी राह में उनके अनुसार नरेंद्र शाह खड़े थे.
हालांकि सभी ने कहा कि उन्होंने किरण शाह को सब-कुछ बताया था लेकिन उन्होंने या तो उन्हें ही दोष दिया या फिर कुछ नहीं किया.
नरेंद्र शाह सीएयू के चमोली के ज़िला सचिव हैं और सीएयू की महिला क्रिकेट के संयोजक भी. उनकी एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही इन खिलाड़ियों ने बताया कि वह ख़ुद को सीएयू के वरिष्ठ पदाधिकारियों का क़रीबी बताते थे और बात न मानने पर 'कभी न खेलने देने' की धमकी देते थे.

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खिलाड़ियों की आपबीती
बीबीसी हिंदी से बातचीत के दौरान इन युवा खिलाड़ियों ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा कि नरेंद्र शाह सालों से एकेडमी में खेलने वाली बच्चियों का यौन शोषण करते रहे हैं और अपने सीएयू के पदाधिकारियों से अपने संबंधों का हवाला देकर करियर बर्बाद करने की धमकी देते रहे हैं.
पुलिस को दी तहरीर के मुताबिक़, शाह इन युवा खिलाड़ियों को सीएयू के दो वरिष्ठ और प्रभावशाली पदाधिकारियों के पास जाने का दबाव बनाते थे.
शाह दंपत्ति की क्रिकेट एकेडमी की पांच लड़कियां और तीन लड़के वहां से सात-आठ किलोमीटर दूर किराए के कमरे लेकर रहते थे. नरेंद्र शाह अक्सर रात को 11-12 बजे उनके पास पहुंच जाते और उनसे साथ घूमने चलने के लिए कहते.
नाम ज़ाहिर करने की शर्त पर एक खिलाड़ी ने यह भी कहा कि 'क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए शहर से बाहर जाने पर नरेंद्र शाह इन लड़कियों को डराते थे और अपने साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालते थे.'
एक खिलाड़ी ने बताया कि 'किरण शाह ने पहले उन्हें कहा कि सर (नरेंद्र शाह) के साथ ज़्यादा मत रहना. इस पर जब नरेंद्र शाह ने इन लड़कियों पर अपने साथ घूमने का दबाव डाला तो उन्होंने मैम (किरण शाह) का नाम लेकर मना कर दिया.'
खिलाड़ियों ने बताया, 'ऐसा एक से ज़्यादा बार और एक से ज़्यादा लड़कियों के साथ हुआ कि बाद में किरण शाह पलट गईं. उन्होंने इन बच्चियों को यहां तक कहा कि तुम लोग हम दोनों (नरेंद्र-किरण शाह) के बीच तलाक़ करवाना चाहती हो.'
एक अन्य खिलाड़ी ने बताया कि किरण-नरेंद्र शाह उनके फ़ोन तक चेक करते थे कि किससे बात कर रही हैं, किसे मैसेज कर रही हैं.
इन लड़कियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर में अपना खाना तो बनाना ही पड़ता था, एकेडमी में खेलने वाले लड़कों के लिए भी खाना बनाना पड़ता था.
इन खिलाड़ियों ने इस पर ऐतराज़ जताया, लेकिन उन्हें आदेश दिया गया कि खाना तो लड़कियों को ही बनाना पड़ेगा.

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एकेडमी छोड़ दी इसलिए खेलने की उम्मीद नहीं
हमें एक ऐसी खिलाड़ी भी मिलीं जिनका दावा था कि नरेंद्र शाह की ऐसी ही हरकतों से परेशान होकर तीन साल पहले एकेडमी छोड़ दी थी.
उस खिलाड़ी ने कहा कि वह जानती हैं कि उसका अब देहरादून या उत्तराखंड से चयन नहीं हो पाएगा क्योंकि नरेंद्र शाह उनसे चिढ़ गए हैं.

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क्रिकेट एसोसिएशन से निलंबित
नरेंद्र शाह का ऑडियो वायरल होने के बाद उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन ने कार्यकारिणी की एक आपात बैठक बुलाकर नरेंद्र शाह को उनके पदों से निलंबित कर दिया लेकिन अभी तक किसी जांच पर फैसला नहीं लिया है.
लेकिन सोमवार को सीएयू अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला ने बीबीसी हिंदी से फ़ोन पर बातचीत करते हुए कहा कि एसोसिएशन ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है और इसीलिए शाह का निलंबन किया गया है.
यह पूछे जाने पर कि क्या एसोसिएशन इस मामले में कोई जांच करवा रहा है?
गुनसोला ने कहा कि क्योंकि उनके पास कोई शिकायत ही नहीं आई है इसलिए जांच करवाने का सवाल ही पैदा नहीं होता.
गुनसोला और सीएयू प्रवक्ता विजय प्रताप मल्ल ने बीबीसी हिंदी के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि विशाखा गाइडलाइन्स के अनुपालन में सीएयू में इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) है या नहीं?
भारत सरकार की राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के तहत महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने की ज़िम्मेदारी खेल संघ और खेल प्राधिकरणों की है. यौन उत्पीड़न मामलों की शिकायत के लिए यौन उत्पीड़न निषेध (पीओएसएच) समिति का गठन अनिवार्य है.

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पुलिस ने शुरू की जांच
बीते सोमवार को नरेंद्र शाह के ख़िलाफ़ तीन शिकायतें मिलने के बाद देहरादून पुलिस ने केस दर्ज कर लिया और जांच शुरू कर दी थी.
उसी दिन देहरादून के जोगीवाला स्थित नरेंद्र-किरण शाह की क्रिकेट एकेडमी में पुलिसकर्मी पहुंचे लेकिन वहां ताला लगा हुआ था.
उनकी पत्नी किरण शाह को बीबीसी हिंदी ने उन पर लगे आरोपों की जानकारी देते हुए उनका पक्ष जानने की कोशिश की. फ़ोन पर उन्होंने ज़्यादा बातचीत करने से इनकार कर दिया लेकिन 'इस पूरे मामले को तीन लड़कियों का तमाशा बताया और कहा कि उन्होंने तो सैकड़ों खिलाड़ियों का भविष्य बनाया है.'
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