वर्ल्ड कप: हवा की गति से भागने वाले फ्रांसीसी सुपरस्टार एमबापे के खौफ़ में डिफ़ेंडर्स

साल 2018 का फ़ीफ़ा विश्व कप. अर्जेंटीना और फ़्रांस के बीच रूस के कज़ान एरिना स्टेडियम में खेला गया नॉकआउट मैच.

ये वो मैच था, जिसने अर्जेंटीना के विश्व कप फ़ाइनल खेलने का सपना चकनाचूर कर दिया.

इस मैच ने जहाँ अर्जेंटीना के स्टार फ़ुटबॉलर लियोनेल मेसी को आलोचनाओं के कठघरे में खड़ा कर दिया, वहीं फ़्रांस का 19 साल का एक खिलाड़ी कीलियन एमबापे सामने आया, जिसे फ़ुटबॉल का अगला स्टार खिलाड़ी कहा गया.

ये मुकाबला अर्जेंटीना 4-3 से हारी और फ्रांस की ओर से इस मैच के फ़िनिशर बने एमबापे.

एमबापे का सबसे बड़ा हथियार है उनकी स्पीड. वो इतनी तेज़ गति से भागतें हैं कि विरोधी टीम के डिफ़ेंडर्स के होश फ़ाख़्ता हो जाते हैं. वे औसतन क़रीब 35 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से भागते हैं.

उनकी रफ़्तार को चुनौती देने वाले भी हैं लेकिन एमबापे के पास गति के साथ-साथ गोल दागने का 'किलर इंस्टिंक्ट' भी है.

एमबापे की तुलना ब्राज़ील के जाने-माने फ़ुटबॉलर पेले से होने लगी, जो 1958 के विश्व कप में महज 17 साल की उम्र में छा गए थे.

आज चार साल बाद एमबापे ख़ुद को लेकर किए गए इस दावे को क़तर में सही साबित करते दिख रहे हैं.

23 साल के कीलियन एमबापे की टीम फ़्रांस ने रविवार को फ़ीफ़ा विश्व कप मुकाबले के प्री-क्वार्टर फ़ाइनल मैच में पोलैंड को 3-1 से हराया.

लेकिन इस मैच का सबसे ज़बरदस्त प्वाइंट तब आया, जब एमबापे ने एक के बाद एक 74वें और 90वें मिनट पर गोल दागे और अपनी टीम को क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुँचा दिया.

जिनेडिन जिडान, मिशेल प्लातिनी, थियरी ऑनरी और जस्ट फॉनटेन- फ्रांस की टीम ने कई स्टार खिलाड़ी देखे हैं.

लेकिन इस बार विश्वकप में जीरू और एमबापे टीम के वो खिलाड़ी हैं, जो ज़बरदस्त फॉर्म में हैं. लेकिन एमबापे मैदान में अलग ही जादू चलाते हैं.

रविवार को हुए मैच में पोलैंड के खिलाफ़ खुद एमबापे ने दो गोल तो दागे ही, साथ ही पहला गोल दागने में ऑलिवियर जीरू की राह आसान की.

एमबापे- एक 'मैजिकल मैच' फ़िनिशर

एपबापे मैच के आख़िरी मिनटों में गोल करने की बेहतरीन कला रखते हैं.

साल 2018 में विश्व विजेता रही फ्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया था.

ये मैच भी 65वें मिनट पर एमबापे के गोल से फ़िनिश हुआ.

पोलैंड के ख़िलाफ़ किए गए दो गोल के साथ ही एमबापे विश्वकप में 9 गोल दागने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.

ये रिकॉर्ड क्रिस्टियानो रोनाल्डो से ज़्यादा हैं और लियोनेल मेसी के रिकॉर्ड के बराबर है, जिन्होंने विश्व कप के कुल 23 मैच में अब तक 9 गोल दागे हैं.

साल 2018 में अपने पहले विश्व कप में एमबापे ने चार गोल किए थे. अपना पहला गोल उन्होंने पेरू के खिलाफ़ किया था और इसके साथ ही वो फ्रांस के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए, जिसने विश्व कप में गोल किया.

क़तर में एमबापे ने अपना पहला गोल ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ किया और अपनी दमदार फ़ॉर्म को जारी रखते हुए डेनमार्क के ख़िलाफ़ फ्रांस को 2-1 जीत दिलाई. इस मैच में दोनों ही गोल एमबापे ने किए.

ट्यूनीशिया के ख़िलाफ़ जिस मैच में फ्रांस 0-1 से हारा, उसमें फ्रांस के कोच ने एमबापे को सब्सटीट्यूट खिलाड़ी बनाने का फ़ैसला किया था.

हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमबापे ने कहा कि वह विश्व कप को लेकर जुनूनी हैं और लागातार दूसरी बार विश्व विजेता की ट्रॉफ़ी उठाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, "ये मेरे सपनों की प्रतियोगिता है. मैं ख़ुशक़िस्मत हूँ जो इसमें खेल रहा हूँ, मैंने पूरा सीज़न इसके लिए खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया है. अब तक तो ये टूर्नामेंट बेहतर जा रहा है, लेकिन अभी भी हम उस उद्देश्य से बहुत पीछे हैं जो हमने अपनी टीम के लिए और मैंने ख़ुद के लिए तय किया है. और वो है ये टाइटल जीतना."

इस विश्व कप में एमबापे कुल पाँच गोल कर चुके हैं और वहीं लियोनेल मेसी ने तीन गोल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने एक ही गोल किया है.

ऐसे में जानकार उन्हें आने वाले वक्त का 'फुटबॉल स्टार' मान रहे हैं, और ये भी कहा जाता है कि रोनाल्डो और मेसी के बाद एमबापे ही उतने बड़े क़द के स्टार खिलाड़ी बनने का माद्दा रखते हैं.

ज़बरदस्त होगा मुकाबला जब आमने-सामने होंगे एमबापे और बेलिंघम

रविवार को फ्रांस और इग्लैंड के बीच विश्वकप का दूसरा क्वार्टर फ़ाइनल मुकाबला होगा. इस मैच में निगाहें होंगी 23 साल के एमबापे और 17 साल के इंग्लैंड के बेहतरीन अटैकिंग मिड-फ़ील्डर जूड बेलिंघम पर होंगी.

दोनों ही खिलाड़ी अपनी बेहतरीन फॉर्म के दमपर अपनी-अपनी टीमों को क्वार्टर फ़ाइनल तक ले कर आए हैं.

फ़ुटबॉल के जानकार 17 साल के बेलिंघम को वर्तमान समय का सबसे बेहतरीन मिड-फ़िल्डर बताते हैं.

रविवार देर रात हुए मैच में सेनेगल के खिलाफ़ मध्यांतर से ठीक पहले बेलिंघम ने जॉर्डन हेंडरसन और हैरी केन के लिए गोल दागने की राह आसान बनाई.

ऐसे में जब आने वाले मैच फ्रांस और इंग्लैंड की टीम जब ग्राउंड पर उतरेगी, तो जिन दो खिलाड़ियों पर हर फ़ुटबॉल फैन की नज़र होगी वो होंगे एमबापे और बेलिंघम.

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