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टी20 वर्ल्ड कपः सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए क्या दांव लगाएगी टीम इंडिया, पाकिस्तान को है चमत्कार की दरकार
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने जैसे ही ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ अपना आखिरी मुक़ाबला रविवार को जीता, टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में उसकी जगह पक्की हो जाएगी.
फिलहाल वो इस ग्रुप में टॉप पर है और ज़िम्बाब्वे पर जीत मिली तो भारत अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखेगा. वहीं अगर ये मैच भारत हार गया तो सेमीफ़ाइनल का उसका सफ़र इसी ग्रुप के दो अन्य मैचों के नतीजों पर निर्भर हो जाएगा.
भारत के लिए अच्छी बात ये है कि ज़िम्बाब्वे के साथ खेलने से पहले दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड, पाकिस्तान और बांग्लादेश मैचों के परिणाम आ चुके होंगे, इसलिए यह साफ़ होगा कि उसे क्या करना है.
भारतीय टीम ने इस वर्ल्ड कप में अब तक जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ उसकी जीत की सब को उम्मीद है, लेकिन भारत को कुछ खामियों पर भी ध्यान देना ज़रूरी है.
इसमें सबसे महत्वपूर्ण है पॉवरप्ले के प्रदर्शन में सुधार, यानी पारी के पहले छह छह ओवरों में दमदार खेलना. अब तक हमारी टीम इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी है.
भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी कप्तान रोहित शर्मा और केएल राहुल की है, जिन्होंने अब तक खेले गए चार मैचों में केवल एक बार अर्धशतकीय साझेदारी निभाई है.
दरअसल तेज़ी से रन बनाने की कोशिश में ये दोनों बल्लेबाज़ हवा में गेंद मारने का प्रयास कर रहे हैं और इस बार ठंड जल्दी आने और बारिश की वजह से उन्हें इस तरह के अप्रोच को अपनाने में दिक्कत हो रही है.
टीम इंडिया को क्या करना होगा?
हम सभी जानते हैं कि एशिया कप तक विराट कोहली ख़राब फॉर्म की वजह से टीम की कमज़ोर कड़ी साबित हो रहे थे. विराट की उन असफलताओं की वजह ख़राब फॉर्म के साथ शुरुआत से ही एरियल शॉट खेलना था. एशिया कप के बाद उन्होंने अपने स्वाभाविक खेल पर लौटने का फ़ैसला किया और वह इस विश्व कप में भारतीय टीम के इस समय सबसे सफल खिलाड़ी साबित हो रहे हैं.
इस तरह के मौसम में तेज़ गेंदबाज़ों को मदद मिलने से विराट कोहली की तरह दरारों में शॉट खेलकर पहले पारी को जमाने और फिर ज़रूरत पड़ने पर हवा में शॉट खेलने की रणनीति कारगर साबित हो रही है. बहुत संभव है कि भारत को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ ज़्यादा दिक्कत न हो पर सेमीफ़ाइनल में खेलते वक़्त पॉवरप्ले को बिना विकेट खोए निकालना बहुत अहम होगा.
केएल राहुल ने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ जिस तरह की अर्धशतकीय पारी खेली, उससे लगता है कि वह रंगत में आ गए हैं. पर कप्तान को इस तरफ ध्यान देने की ज़रूरत है. पिछले मैच में तस्किन ने जिस तरह की कसी गेंदबाज़ी की, उसकी वजह से भारत पहली नौ गेंदों में सिर्फ़ एक रन ही बना सका था. भारत को इस तरह की शुरुआत से बचना होगा.
पंत पर कार्तिक को तरजीह देना सही नहीं रहा
भारतीय टीम प्रबंधन की इस विश्व कप में अब तक ऋषभ पंत पर दिनेश कार्तिक को विकेट कीपर के तौर पर खिलाने को वरीयता दी है. लेकिन कार्तिक लगातार इस भूमिका में फ़्लॉप साबित हो रहे हैं.
बांग्लादेश के ख़िलाफ़ मैच में उनके दो कैच न पकड़ पाने से भारत की स्थिति बिगड़ी थी. ये तो अच्छा हुआ कि बारिश की वजह से खेल रुकने से लिटन दास की लय टूट गई, अन्यथा अप्रत्याशित परिणाम भी निकल सकता था.
कार्तिक को आखिरी ओवरों में तेज़ी से रन जोड़ने के लिए रखा गया है. लेकिन उन्हें जब भी मौका मिला, वह अपनी भूमिका में खरे नहीं उतर सके हैं.
तो अगर ऋषभ पंत को उतारने पर विचार किया गया तो बेहतर होगा. ऐसा करने से भारत की बल्लेबाज़ी मजबूत ही नहीं होगी बल्कि टीम में दाएं और बाएं का तालमेल बनाने में भी मदद मिल सकती है.
अक्षर की जगह दीपक हुडा का मिल सकती है वरीयता
दक्षिण अफ्ऱीकी टीम में बाएं हाथ के कई बल्लेबाज़ों के होने पर अक्षर पटेल की जगह दीपक हुडा को खिलाया गया था.
ज़िम्बाब्वे टीम में भी क्रेग इर्विन, सीन इर्विन, रयान बुर्ल और सीन विलियम्स के रूप में बाएं हाथ के खिलाड़ी हैं, इसे ध्यान में रखते हुए दीपक को एक और मौका मिल सकता है, क्योंकि वह ज़रूरत पड़ने पर एक-दो ओवर गेंदबाज़ी भी कर सकते हैं.
यहां तक भारतीय गेंदबाज़ी अटैक की बात है तो वह अब अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने में सफल रहा है.
अर्शदीप सिंह ने तो उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया है. वह लगभग हर मैच में टीम को पॉवरप्ले में सफलता दिला रहे हैं. वहीं भुवनेश्वर और मोहम्मद शमी भी अच्छे रहे हैं. किसी गेंदबाज़ के प्रदर्शन में सुधार की ज़रूरत है तो वह हैं अश्विन. असल में अश्विन को मध्य ओवरों में सफलता दिलाने की ज़रूरत है. वह ठीक-ठाक गेंदबाज़ी करके भी अन्य टीमों के स्पिनरों की तरह मध्य के ओवरों में सफलता नहीं दिलवा पा रहे हैं.
दक्षिण अफ़्रीका के लिए जीत ज़रूरी
भारत को फतह करने वाली दक्षिण अफ़्रीका की टीम पाकिस्तान से हारने के कारण मुश्किल में फंस गई है.
उसे सेमीफाइनल में स्थान बनाने के लिए नीदरलैंड को फतह करना होगा.
यदि वो यह मैच जीत जाती है तो उसका सेमीफ़ाइनल में न्यूजीलैंड और इंग्लैंड में से किस के साथ मुक़ाबला होगा, इसके लिए भारत और ज़िम्बाब्वे मैच के परिणाम का इंतज़ार करना होगा. पर दक्षिण अफ़्रीका का अब तक जिस तरह का प्रदर्शन रहा है, उसमें उसे नीदरलैंड को फतह करने में शायद ही कोई दिक्कत हो.
दक्षिण अफ़्रीका के पास रबाडा, नॉर्किया और पार्नेल के रूप में ऐसा पेस अटैक है, जिसके सामने नीदरलैंड के बल्लेबाज़ों को टिक पाना आसान नहीं होगा. पर उनके स्पिनर केशव महाराज इस मैच में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
पाकिस्तान को जीत के साथ चमत्कार की भी ज़रूरत
भारत और जिम्बाब्वे से हारने के बाद पाकिस्तान का टी20 वर्ल्ड कप में अभियान ख़त्म हुआ सा माना जा रहा था. लेकिन दक्षिण अफ़्रीका पर जीत से उनकी सेमीफ़ाइनल की संभावनाएं तो बन गई हैं, पर इसके लिए बांग्लादेश पर जीत के अलावा चमत्कार की भी ज़रूरत होगी.
सेमीफ़ाइनल में ग्रुप-2 से पहुंचने वाली शीर्ष टीम का इंग्लैंड से तो दूसरे स्थान की टीम का मुक़ाबला न्यूज़ीलैंड से होगा.
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