सूर्य कुमार यादवः इंग्लैंड से हारा भारत, पर चर्चा इस बल्लेबाज़ की क्यों

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- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
अंग्रेज़ी में एक शब्द है 'पायरोटेक्निक्स' जिसका शाब्दिक अर्थ होता है - आतिशबाज़ी बनाने की विद्या.
अक्सर जब कोई बल्लेबाज़ तेज़-तर्रार पारी खेलता है तो उसकी पारी को इसी पायरोटेक्निक की विशेषता से पुकारा जाता है.
लेकिन रविवार को ट्रेंट ब्रिज में सूर्य कुमार यादव ने जिस ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया उसके लिए शायद नया अलंकार गढ़ना पड़ेगा.
सिरीज़ के तीसरे और आख़िरी मैच में इंग्लैंड ने हालांकि भारत को हरा दिया, लेकिन इस मैच को वर्षों तक सूर्य कुमार की शतक की वजह से याद किया जाएगा.
इंग्लैंड की आक्रामक बैटिंग
इंग्लैंड ने पहले बैटिंग करते हुए तेज़ी से रन बनाए और 20 ओवरों में 7 विकेट खोकर 215 रन बनाए. टीम के लिए सबसे ज़्यादा 77 रन डेविड मलान ने बनाए जबकि लिविंग्स्टन ने नाबाद 42 रन बनाए.
एक बड़ा स्कोर का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने सिर्फ़ 31 रन पर 3 विकेट खो दिए. कप्तान रोहित शर्मा, ऋषभ पंत और विराट कोहली सभी पैवेलियन लौट चुके थे जब सूर्य कुमार ने श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर 119 रनों की साझेदारी निभाई.

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सूर्य कुमार यादव का जवाब
सूर्यकुमार ने शांत भाव से ऐसी आक्रामक बैटिंग की जिसने स्टैंड्स पर बैठे इंग्लैंड के समर्थकों को भी खड़े होकर अभिवादन करने के लिए मजबूर कर दिया. तेज़ बेटिंग करना एक बात है, लेकिन जिस तरह के अविश्वनीय शॉट्स सूर्यकुमार ने जैसी सहजता से खेली वो शायद मॉडर्न क्रिकेट में किसी और बल्लेबाज़ के बस की बात नहीं.
क्रिस जॉर्डन की एक गेंद लेग स्टंप पर यॉर्कर लेंथ की आई, सूर्यकुमार ने थोड़ी जगह बनाई, बैकफुट को नीचे मोड़ा और कलाइयों का इस्तेमाल करते हुए गेंद पर ऐसा स्लाइस किया को वो प्वाइंट बाउंड्री के पीछे 6 रनों के लिए चली गई. क्रिस जॉर्डन अच्छी यॉर्कर फेंकते हैं जिस पर आमतौर पर बैटर्स सम्मान के साथ खेलते हैं या लेग साइड में शॉट लगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहाँ तो सूर्यकुमार ने पॉइंट के पीछे छक्का मारा था.
56 गेंद की पारी में 6 छक्के और 14 चौकों की मदद से सूर्यकुमार ने 117 रन बनाए और मोईन अली की गेंद को बाउंड्री पार पहुँचाने की कोशिश में कैच आउट हुए. हालांकि भारतीय टीम ये मैच 17 रनों से हार गई लेकिन सूर्यकुमार की बैटिंग की तारीफ़ सभी ने की.
इंग्लैंड के कप्तान जॉस बटलर ने इसे 'अविश्वसनीय पारी' कहा तो पार्थिव पटेल ने कहा कि ये 'किसी भारतीय द्वारा खेला गया सर्वश्रेष्ठ टी20 पारी है.'
अपनी इस बेहतरीन पारी से सूर्यकुमार ने ऑस्ट्रेलिया में होने वाली टी20 वर्ल्ड कप में भारती टीम की मिडिल ऑर्डर में अपना स्थान पक्का कर लिया है. आयरलैंड-इंग्लैंड के इस दौरे पर भारतीय टीम के प्लेयर्स ने कुछ और कामयाबी भी हासिल की.

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दीपक हुड्डा का शतक
आयरलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 मैच में दीपक हुड्डा ने शानदार 104 रनों की पारी खेली. इस तरह हुड्डा सुरेश रैना, रोहित शर्मा और केएल राहुल के बाद टी20 इंटरनैशनल में शतक लगाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज़ बने.
हुड्डा ने 55 गेंद की पारी में 9 चौके और 6 छक्के लगाए. इससे पहले मैच में भी हुड्डा ने अच्छी बैटिंग की थी और ओपिनिंग करते हुए 47 रन बनाए थे. हुड्डा की बल्लेबाज़ी भारतीय टीम में एक्स फ़ैक्टर पैदा करती है.
ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या की वापसी
भारतीय टीम के लिए सबसे खुशी की बात रही ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को बैट और बॉल दोनों से सफ़लता पाते देखना. पंड्या पिछले कुछ साल से बोलिंग कम कर रहे थे और इसी बार आईपीएल में उन्होंने अपने स्पेल्स पूरे किए.
आयरलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी20 मैच में 4 विकेट लेकर उन्होंने जता दिया कि बोलर हार्दिक पंड्या की टीम में वापसी हो चुकी है. अगर हार्दिक पंड्या अच्छे फॉर्म में बोलिंग करते हैं तो वो टीम में बैलेंस बनाते हैं और पांचवे बोलर की बेहतरीन भूमिका निभाते हैं. इसी मैच में पंड्या ने पचास रन भी बनाए और टीम के नंबर वन ऑलराउंडर के सामने अपने नाम का ठप्पा लगा दिया.

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कोहली पर सवाल
टी20 सिरीज़ में विराट कोहली को दो बार बैटिंग का मौक़ा मिला. इन दो पारियों में उन्होंने कुपल 9 बॉल खेले और कुछ ख़ास नहीं कर पाए.
कपिल देव और वेंकटेश प्रसाद जैसे कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम में उनके स्थान पर ही सवाल उठाना खड़ा कर दिया तो कप्तान रोहित शर्मा ने उनका बचाव किया और कहा कि वर्षों से शानदार प्रदर्शन कर रहे किसी खिलाड़ी को एक-दो सिरीज़ के परफ़ॉर्मैंस से नहीं तोलना चाहिए.
लेकिल जिस तरह टीम में युवा खिलाड़ी दीपक हुड्डा और सूर्यकुमार रन बना रहे हैं और जैसे ही कएल राहुल की वापसी होती है, तो कोहली पर दबाव बनना लाजिमी है

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टीम के नए आक्रामक रूख़ से विरोधी भी इंप्रेस
इस सिरीज़ में एक और नई बात देखने को मिली और वो थी भारतीय टीम की आक्रामक बैटिंग. इससे पहले भारतीय टीम टी20 भी अक्सर वनडे के जैसे खेलती थी और संभल कर बैटिंग करते हुए आख़िरी के ओवरों में तेज़ी से रन बनाने की कोशिश करती थी.
लेकिन यहां पर कोच राहुल द्रविड़ ने नया फॉर्मूला निकाला है- क्रीज़ पर आते के साथ जमकर शॉट्स लगाईए. अगर आप तेज़ बल्लेबाज़ी नहीं कर पा रहे हैं, तो आने वाले बैटर्स को ज्यादा गेंद खेलने के लिए दें. सभी मैचों में भारतीय टीम ने तेज़ी से रन बनाए और उनकी आक्रामकता देखकर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान मॉगर्न ने भी भारतीय टीम की तारीफ़ की और कहा कि टीम की ये स्ट्रेटेजी बेहद प्रभावशाली है.
इस तरह तेज़ बैटिंग में विकेट खोने का भी रिस्क होता है लेकिन कप्तान रोहित शर्मा के मुताबिक टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों को आश्वासन दिया है कि टीम में उनकी जगह पर बेवजह असर नहीं पड़ेगा. यही 'लाइसेंस टू किल' भारतीय टीम को दूसरी टीमों से अलग बनाती है.
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