INDvsPAK: पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैदान पर फिर भिड़ेगा भारत

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
न्यूज़ीलैंड में 4 मार्च से शुरू हो चुके महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का सबसे हाई प्रोफ़ाइल मुक़ाबला भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार की सुबह खेला जा रहा है. भारत, पाकिस्तान और मेजबान न्यूज़ीलैंड के अलावा इसमें ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका और वेस्टइंडीज़ की टीम भी हिस्सा ले रही है.
यह महिला विश्व कप का 12वां संस्करण है. इस विश्व कप का आयोजन पिछले साल 2021 में 6 फ़रवरी से सात मार्च तक होना था लेकिन तब कोविड-19 के कारण इसे टाल दिया गया.
टूर्नामेंट का प्रारूप
इस महिला विश्व में शामिल आठ टीमें फ़ाइनल तक लगभग 31 मैच खेलेगी. शुरुआत में सभी टीमें सात राउंड में आपस में एक दूसरे का सामना करेगी. पहला राउंड चार मार्च से शुरू हो चुका है, जबकि दूसरे राउंड की शुरुआत सात मार्च से होगी और भारतीय महिला टीम दस मार्च को मेज़बान न्यूज़ीलैंड का सामना करेगी.
तीसरे राउंड की शुरुआत 11 मार्च से होगी और भारतीय महिला टीम 12 मार्च को वेस्टइंडीज़ से भिड़ेगी. चौथे राउंड में भारतीय टीम 16 मार्च को इंग्लैंड से, पांचवें राउंड में 19 मार्च को ऑस्ट्रेलिया से, छठे राउंड में 22 मार्च को बांग्लादेश ले और सातवें राउंड में 27 मार्च को दक्षिण अफ़्रीका से सामना करेगी.
इसके बाद पहला सेमीफ़ाइनल 30 मार्च को, दूसरा सेमीफ़ाइनल 31 मार्च को और फ़ाइनल मुक़ाबला तीन अप्रैल को खेला जाएगा. इस प्रारूप के अनुसार सभी टीमें आपस में एक एक मैच खेलेगी और शीर्ष पर रहने वाली चार टीमें सीधे सीधे सेमीफ़ाइनल में पहुँचेगी. टूर्नामेंट के इसी प्रारूप के कारण हर टीम के लिए प्रत्येक मैच बेहद महत्वपूर्ण होगा और उन मैचों में नेट रन रेट का भी अपना अलग महत्व होगा.
भारतीय महिला टीम का दमख़म
महिला विश्व कप में भारतीय टीम की कमान बेहद अनुभवी मिताली राज सँभालेंगी. उनके अलावा टीम में उपकप्तान हरमनप्रीत कौर, विकेटकीपर रिचा घोष, स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, यस्तिका भाटिया, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, झूलन गोस्वामी, पूजा वस्त्रकर, एक्ता बिष्ट और सिमरन दिल बहादुर शामिल है.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम लगभग एक महीने से न्यूज़ीलैंड में ही है और इस वजह से वह अभी तक वहां के माहौल में ढल भी गई होगी. दरअसल महिला विश्व कप के शुरू होने से पहले उसे न्यूज़ीलैंड की टीम के ख़िलाफ एकमात्र टी-20 और पांच मैचों की एकदिवसीय सिरीज़ खेलने का मौक़ा मिला. एकमात्र टी-20 मुक़ाबला 9 फ़रवरी को खेला गया, जिसे न्यूज़ीलैंड की महिला टीम ने 18 रन से जीता. उसके बाद न्यूज़ीलैंड की टीम ने पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला 4-1 से अपने नाम की.

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भारतीय महिला टीम के लिए सांत्वना की बात बस यह रही कि उसने पांचवें और आख़िरी एकदिवसीय मैच को छह विकेट से जीता और पूर्ण रूप से सफ़ाया होने से अपने आप को बचाया. इस मैच में न्यूज़ीलैंड ने ऐमेलिया केन के 66 रनों की मदद से निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 251 रन बनाए. इसके बाद भारतीय महिला टीम ने जीत का लक्ष्य स्मृति मंधाना के 71, हरमनप्रीत कौर के 63 और कप्तान मिताली राज के नाबाद 57 रनों के सहारे 46 ओवर में केवल चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.
इस जीत से भारत की कप्तान मिताली राज ने राहत की साँस भी ली होगी क्योंकि न्यूज़ीलैंड रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था कि "न्यूज़ीलैंड में कप्तानी करके मैं रोमांचित हूँ. हमें अहसास है कि एक अरब लोगों की उम्मीदें हमसे लगी है. दबाव काफ़ी है लेकिन हमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद है.
भारतीय महिला टीम ने विश्व कप के अभ्यास मैचों में पहले तो दक्षिण अफ़्रीका को बेहद रोमांचक अंदाज़ में केवल दो रन से और दूसरे अभ्यास मैच में वेस्टइंडीज़ को बेहद आसानी से 81 रन से हराया. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ हरमनप्रीत कौर ने 104 रनों की शतकीय पारी खेली तो यस्तिका भाटिया ने 58 रन बनाए. इसके बाद खब्बू लेग स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने चार विकेट लेकर केवल दो रनों से मिली जीत में अपनी अहम भूमिका निभाई.
चोट से उभरी स्मृति मंधाना
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ हुए अभ्यास मैच में सलामी बैटर स्मृति मंधाना के बाएँ कान पर बल्लेबाज़ी करते हुए गेंद लगी लेकिन उससे उभरकर उन्होंने मंगलवार एक मार्च को वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ खेले गए दूसरे अभ्यास मैच में 66 रन बनाए. उनके अलावा दीप्ति शर्मा ने 51, कप्तान मिताली राज ने 30 और यस्तिका भाटिया ने 42 रन बनाकर अपनी फ़ॉर्म दिखाई. भारतीय टीम ने 258 रन बनाए और इसके बाद वेस्टइंडीज़ को नौ विकेट पर 177 रन ही बनाने दिए. भारत की सीधे हाथ की मध्यम तेज़ गेंदबाज़ पूजा वस्त्रकर ने तीन विकेट लिए.

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न्यूज़ीलैंड में भारतीय महिला टीम का प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम न्यूज़ीलैंड में मेज़बान टीम से एकमात्र टी-20 मुक़ाबला 18 रन से हारी. टीम पाँच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला 4-1 से हारी लेकिन इसके बावजूद जिन खिलाड़ियों ने कुछ दमदार खेल दिखाया उसका फ़ायदा विश्व कप में मिलेगा. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ पहले एकदिवसीय मैच में कप्तान मिताली राज ने 59 और यस्तिका भाटिया ने 41 रन बनाए. दूसरे एकदिवसीय मैच में भी कप्तान मिताली राज ने नाबाद 66 रन बनाए. उनके अलावा विकेटकीपर बैटर रिचा घोष ने 65 और यस्तिका भाटिया ने 31 रन बनाए. इस मैच में ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा ने चार विकेट झटके.
तीसरे मैच में सलामी बैटर शेफाली वर्मा ने 51 और दीप्ति शर्मा ने नाबाद 69 रन बनाए. इस मैच में अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी ने तीन विकेट अपने नाम किए. चौथा मैच बारिश के कारण केवल बीस बीस ओवर का हुआ जिसमें रिचा घोष ने 52 और कप्तान मिताली राज ने 30 रन बनाए. पांचवें और आख़िरी मैच में स्मृति मंधाना ने 71 और हरमनप्रीत कौर ने 63 रन बनाए को कप्तान मिताली राज ने भी नाबाद 57 रन बनाए.
इस आधार पर कहा जा सकता है कि विश्व कप में भारतीय महिला टीम की बल्लेबाज़ी का दारोमदार सलामी जोड़ी स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के अलावा कप्तान मिताली राज, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और विकेटकीपर बैटर रिचा घोष पर रहेगा.
गेंदबाज़ी में अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी के अलावा मेघना सिंह और स्पिनर में खब्बू लेग स्पिनर रागेश्वरी गायकवाड़, ऑफ स्पिनर दीप्ति शर्मा और स्नेह राणा के अलावा सीधे हाथ से लेगब्रेक करने वाली पूनम यादव की भूमिका अहम होगी.
पाकिस्तान की महिला टीम ने चौंकाया
उधर पाकिस्तान की महिला टीम ने पहले अभ्यास मैच में मेज़बान न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराकर सबको हैरान कर दिया. इस अभ्यास मैच में न्यूज़ीलैंड की टीम 45 ओवर में 229 रन पर सिमट गई. पाकिस्तान ने अपनी आठ गेंदबाज़ों को आज़माया जिनमें खब्बू लेग स्पिनर नाशरा संधू ने चार विकेट झटके. वह अभी तक 43 एकदिवसीय मैच खेलकर 56 विकेट ले चुकी है. इसके बाद पाकिस्तानी महिला टीम ने जीत का लक्ष्य निदा डार के 54, आलिया रियाज़ के नाबाद 62 और सलामी बैटर सिदरा अमीन के 34 रनों की बदौलत छह विकेट खोकर 49.2 ओवर में हासिल कर लिया. उनकी ओमैमा सोहेल ने भी 34 रन बनाए. ऐसे में भारतीय टीम को उनसे बचकर रहना होगा.
महिला विश्व कप में भारत और पाकिस्तान
आईसीसी महिला विश्व कप की शुरुआत साल 1973 में इंग्लैंड में हुए आयोजन से हुई. सात टीमों के बीच मुक़ाबले हुए जिनमें भारत और पाकिस्तान की टीम नहीं थी. इंग्लैंड अंकों के आधार चैंपियन बना.
साल 1978 में दूसरा महिला विश्व कप भारत की मेज़बानी में खेला गया. इसमें केवल चार टीमें मेज़बान भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलियाई और न्यूज़ीलैंड की टीमें थी. ऑस्ट्रेलिया अंकों के आधार पर चैंपियन बना.
इसके बाद भारत ने साल 1997 और साल 2013 में भी महिला विश्व कप की मेज़बानी की.
महिला विश्व कप में पाकिस्तान की टीम पहली बार साल 1997 में भारत में हुए महिला विश्व कप में खेली और ग्रुप ए में शामिल अपने पांचों मैच हार गई. भारतीय महिला टीम सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारी. फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैंड को पाँच विकेट से मात दी.
2005 में भारतीय महिला टीम दक्षिण अफ्रीका की मेज़बानी में हुए महिला विश्व कप में पहली बार फ़ाइनल में पहुँची जहॉ वह ऑस्ट्रेलिया से 98 रन से हारा. तब भारत की कप्तान मिताली राज थी और उसी टीम में झूलन गोस्वामी भी थी. आठ टीमें के बीच हुए विश्व कप में पाकिस्तान की टीम नहीं थी.
साल 2009 में ऑस्ट्रेलिया में हुए विश्व कप में पाकिस्तानी महिला टीम आठ टीमें में शामिल थी और उसी के साथ ग्रुप बी में भारतीय टीम भी थी. दोनों टीमें पहली बार विश्व कप के किसी मैच में 7 मार्च 2009 को आमने सामने हुई जहां भारतीय टीम दस विकेट से जीती.
दरअसल पाकिस्तान की टीम 29 ओवर में ही 57 रन पर ढेर हो गई. भारतीय टीम अनघा देशपांडे के नाबाद 26 रन के सहारे दस ओवर में ही दस विकेट से जीत गई.
साल 2013 में भारत की मेज़बानी में हुए विश्व कप में आठ टीमों के बीच पाकिस्तान की टीम भी थी. दोनों टीमें सुपर सिक्स तक नहीं पहुँची और भारतीय टीम ने सातवें स्थान के लिए हुए मैच में पाकिस्तान को छह विकेट से हराया. भारतीय टीम ने जीत के लिए 193 रनों का लक्ष्य कप्तान मिताली राज की 103 रनों की शतकीय पारी की बदौलत 46 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.
साल 2017 का महिला विश्व कप इंग्लैंड में हुआ. आठ टीमों में भारत और पाकिस्तान भी शामिल थी. राउंड"तीन" में हुए मुक़ाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 95 रन से करारी मात दी. भारतीय महिला टीम ने सलामी बैटर पूनम राउत के 47 रनों की बदौलत नौ विकेट खोकर 169 रन बनाए लेकिन जवाब में पाकिस्तानी टीम 38.1 ओवर में ही महज़ 74 रनों पर सिमट गई. खब्बू लेग स्पिनर एकता बिष्ट ने केवल 18 रन पर पाँच विकेट झटककर भारत की जीत की राह आसान की.
भारतीय महिला टीम मिताली राज की कप्तानी में फ़ाइनल में भी पहुँची लेकिन मेज़बान इंग्लैंड से नौ रन से हार गई. इस तरह भारतीय पुरूष टीम की तरह भारतीय महिला क्रिकेट टीम भी अभी तक महिला विश्व कप के इस प्रारूप में पाकिस्तान के ख़िलाफ अजेय है.
इस बार विश्व कप में भारत की उम्मीदों को लेकर तेज़ गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी मानती है कि वह दो विश्व कप फ़ाइनल खेल चुकी है लेकिन उनके पास विजेता ट्रॉफ़ी नहीं है जिसका अफ़सोस उन्हें है. उन्हें टीम में शामिल खिलाड़ियों की प्रतिभा पर विश्वास है और उन्हें लगता है कि टीम इस बार भी शानदार प्रदर्शन करेगी.
वहीं भारत की कप्तान मिताली राज ने बीसीसीआई टीवी से बातचीत करते हुए कहा कि वह टीम के संयोजन से ख़ुश है, ख़ासकर शेफाली वर्मा, पूजा वस्त्रकर और विकेटकीपर बैटर रिचा घोष के प्रदर्शन से. वह बल्लेबाज़ी में अपनी फ़ॉर्म से भी संतुष्ट हैं और उसे विश्व कप में भी जारी रखना चाहती है.
वह विश्व कप में अपने पुराने अनुभवों को भूलकर खेलना चाहती है और उनका मानना है कि युवा खिलाड़ी इतने बड़े स्तर की क्रिकेट का आनन्द लेकर खेले. वह यह भी कहती हैं कि केवल युवा खिलाड़ियों की ही नहीं अनुभवी खिलाड़ियों के साथ की भी ज़रूरत होती है. वह न्यूज़ीलैंड में बैटर के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं लेकिन गेंदबाज़ों से नहीं.

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भारतीय टीम के प्रदर्शन पर निगाहें
भारत की बैटर स्मृति मंधाना भी विश्व कप को लेकर कहती हैं कि वह हरमनप्रीत कौर की बल्लेबाज़ी से बहुत खुश हैं ख़ासकर वह जिस तरह से छक्के लगाती है. विश्व कप में उनके साथ लम्बी साझेदारी करना टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा. स्मृति मंधाना यह भी कहती हैं कि न्यूज़ीलैंड की टीम के ख़िलाफ दो मैच में टीम ने 250 से अधिक रन बनाए लेकिन हार गए. अब विश्व कप में ऐसा होना चाहिए कि टीम रनों का बचाव कर सके.
इसके अलावा टीम के फिल्डिंग कोच सुभादीप घोष का मानना है कि जब वह न्यूज़ीलैंड पहुँचे तो उनका पहला उद्देश्य वातावरण के अनुरूप ढलना था. वह टीम की फिल्डिंग में हुए सुधार ले संतुष्ट हैं विशेषकर अंतिम मैच में जिस तरह से खिलाड़ियों ने शानदार कैच पकड़े.
भारत के लिए सबसे तेज़ अर्धशतक बनाने वाली रिचा घोष कहती हैं कि उस दौरान उन्होंने शतक के बारे में नहीं सोचा वरन टीम की ज़रूरत के हिसाब से बल्लेबाज़ी की. वह महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित हैं और उन जैसा विकेटकीपर बल्लेबाज़ बनना चाहती है. धोनी की पावर हिटिंग ने उन्हें सबसे अधिक प्रभावित किया.
अब देखना है कि इस महिला विश्व कप में में भारतीय टीम कैसा प्रदर्शन करती है ?
लेकिन अच्छी बात यह है कि उसका पहला मुक़ाबला उस पाकिस्तानी टीम से है जिससे वह विश्व कप में कभी नहीं हारी. अभी तो ख़ैर महिला विश्व कप की इतनी चर्चा नहीं हो रही है लेकिन उम्मीद है कि 6 मार्च को भारत पाकिस्तान मैच से इसका बुख़ार भी बढ़ेगा.
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