You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
INDvSA: भारत के हाथ में दिख रहा था केप टाउन, कैसे जीती दक्षिण अफ़्रीकी टीम, टर्निंग प्वाइंट
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका ने केप टाउन में खेले गए तीसरे और आख़िरी टेस्ट मैच में भारत को सात विकेट से हरा दिया. भारत ने पहली पारी के आधार पर बढ़त हासिल की तो लगा मैच मेहमानों के हाथ में है लेकिन अफ़्रीकी टीम ने खेल पलट दिया और सिरीज़ 2-1 से जीत ली.
भारत के हाथ से दक्षिण अफ़्रीका में पहली बार टेस्ट सिरीज़ जीतने का मौका भी निकल गया. भारत ने मेजबान टीम को जीत के लिए 212 रनों का लक्ष्य दिया था.
कीगन पीटरसन के 82, वान डर डुसैन के नाबाद 41 और कप्तान डीन एल्गर के उपयोगी 30 रनों की मदद से तीन विकेट खोकर मेजबान टीम ने लक्ष्य हासिल कर लिया.
यह सिरीज़ दक्षिण अफ़्रीका के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि उनके मुक़ाबले भारत को जीत का हक़दार माना जा रहा था.
वैसे भी भारतीय टीम काग़ज़ पर बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी में दक्षिण अफ़्रीका से मज़बूत थी लेकिन अपने तेज़ गेंदबाज़ों के दम पर पहले तो दक्षिण अफ़्रीका ने भारतीय बल्लेबाज़ों को दबोचा और उसके बाद बल्लेबाज़ों ने उस भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी की धार भोथरी की जिसके कारण भारत विदेशों में भी जीत रहा था.
पुजारा ने छोड़ा पीटरसन का कैच
भारत के पास मैच पर पकड़ बनाने के मौके थे लेकिन खिलाड़ियों ने उन्हें थामा नहीं.
दूसरी पारी में जब मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह विकेट लेने के लिए जी-जान लगा रहे थे तभी बुमराह की गेंद पर पहली स्लिप में खड़े चेतेश्वर पुजारा ने कीगन पीटरसन का आसान सा कैच छोड़ दिया.
तब दक्षिण अफ़्रीका का स्कोर 126 रन था और पीटरसन 59 रन बनाकर खेल रहे थे. आख़िरकार पीटरसन इस जीवनदान का फ़ायदा उठाकर 82 रन बनाकर शार्दूल ठाकुर की गेंद पर बोल्ड हुए.
चायकाल के बाद भारत के कप्तान विराट कोहली भी शायद समझ चुके थे कि अब मैच हाथ से निकल चुका है. यही सोचकर उन्होंने आर अश्विन और उमेश यादव को मोर्चे पर लगाया और बुमराह और शमी हाथ बांधे खड़े रह गए.
आख़िरकार बावुमा ने आर अश्विन की गेंद को मिडविकेट बाउंड्री लाइन के बाहर पहुँचाकर टीम के लिए विजयी चौका लगाया. बावुमा 28 और डुसैन 41 रन बनाकर नाबाद रहे. भारत के मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और शार्दूल ठाकुर ने एक-एक विकेट लिया.
अफ़्रीकी टीम का पलटवार
इससे पहले केप टाउन के तेज़ और उछाल लेते विकेट पर भारत के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया. भारत विराट कोहली के 79 और चेतेश्वर पुजारा के 43 रनों की मदद से पहली पारी में 223 रन ही बना सका.
दक्षिण अफ़्रीका के तेज़ गेंदबाज़ कैगीसो रबाडा ने चार और मार्को येनसन ने तीन विकेट हासिल किए.
इसके बाद दक्षिण अफ़्रीका ने कीगन पीटरसन के 72 रनों के सहारे 210 रन बनाए. भारत के तेज़ गेंदबाज़ों की चौकड़ी जसप्रीत बुमराह ने पांच, मोहम्मद शमी और उमेश यादव ने दो-दो और शार्दुल ठाकुर ने एक विकेट अपने नाम किया.
भारत को पहली पारी के आधार पर 13 रनों की बढ़त मिली.
दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज़ एक बार फ़िर दक्षिण अफ़्रीका की पेस बैटरी का सामना नहीं कर सके और पूरी टीम का पुलिंदा 198 रन पर ही बंध गया, वह भी तब जब विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने केवल 139 गेंदों पर नाबाद 100 रनों की पारी खेली. उनके अलावा विराट कोहली 29 और केएल राहुल ही 10 रन बनाकर दो अंकों तक पहुँच सके.
दक्षिण अफ़्रीका के मार्को येनसन ने चार और कैगीसो रबाडा और लुंगी एनगीडी ने तीन-तीन विकेट आपस में बाँटे.
पंत दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट शतक लगाने वाले भारत के पहले विकेटकीपर बल्लेबाज़ बने. वैसे यह उनका चौथा टेस्ट शतक रहा.
इसके अलावा एक टेस्ट मैच में सभी कैच आउट होने वाले खिलाड़ियों वाली भारतीय टीम पहली टीम बन गई है. उसके बीस खिलाड़ी कैच आउट हुए. इससे पहले साल 2010-11 में डरबन में खेले गए टेस्ट मैच में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ भी भारत के 19 खिलाड़ी कैच आउट हुए थे. इसके अलावा दो बार इंग्लैंड और और एक-एक बार पाकिस्तान और दक्षिण अफ़्रीका के 19 खिलाड़ी एक ही टेस्ट मैच में कैच आउट हुए है.
डीआरएस विवाद
तीसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में भारत के स्पिनर आर अश्विन की एक गेंद पर दक्षिण अफ़्रीका के कप्तान डीन एल्गर मैदानी अम्पायर द्वारा एलबीडब्लू आउट दिए गए लेकिन डीआरएस के बाद नॉटआउट घोषित किए गए.
इसके बाद कप्तान विराट कोहली, केएल राहुल और आर अश्विन ने स्टंप माइक के पास जाकर कई टिप्पणी की जिससे मैच के रोमांच का स्वाद बेस्वाद हुआ.
केएल राहुल ने कहा कि पूरा देश 11 लोगों के ख़िलाफ खेल रहा है. आर अश्विन ने भी कहा कि "आपको जीतने के लिए बेहतर रास्ते अपनाने चाहिए सुपरस्पोर्टस.
विराट कोहली ने कहा कि "जब आपकी टीम गेंद चमका रही हो तो उन पर भी नज़र रखो, सिर्फ़ विरोधी टीम पर ही नहीं.""
इसके बाद भारतीय गेंदबाज़ अपनी लय खो बैठे और उन्होंने अगले पाँच ओवर में ही 35 रन लुटा दिए.
हार के बाद सिरीज़ में वापसी की
इस सिरीज़ में पहले टेस्ट मैच में दक्षिण अफ़्रीका 113 रन से हारी लेकिन जोहानसबर्ग में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में उसने भारत को सात विकेट से हराया.
यही कारनामा उसने तीसरे टेस्ट मैच में भी किया. इसके साथ ही उसने केपटाउन में भारत के ख़िलाफ अपने अजेय रिकार्ड को भी बरक़रार रखा. यहॉ उसने छह में से चार मैचों में भारत को हराया है जबकि दो मैच ड्रॉ रहे.
मैच के बाद भारत के कप्तान विराट कोहली ने भी खुले दिल से माना कि पहले मैच में हारने के बाद भी सिरीज़ जीतने के लिए दक्षिण अफ़्रीका की तारीफ़ की जानी चाहिए. उन्होंने भारत की हार की वजह बल्लेबाज़ों की नाकामी को माना. उन्होंने केएल राहुल और ऋषभ पंत के शतक के अलावा मयंक अग्रवाल की कुछ पारियों को सिरीज़ का सकारात्मक पक्ष बताया.
जो भी हो दक्षिण अफ़्रीका में सिरीज़ हारने से भारत को बड़ा झटका लगा है. उसे किसी चमत्कार की उम्मीद थी जो नहीं हो सका. केपटाऊन में दक्षिण अफ़्रीका ने 24 टेस्ट मैचों में केवल चौथी बार जीत के लिए 200 से अधिक रनों का लक्ष्य हासिल किया है. सिरीज़ में तेज़ गेंदबाज़ों ने तो फ़िर भी दमख़म दिखाया लेकिन वह मैच बचा नहीं सके. स्पिनर आर अश्विन तो केवल तीन विकेट ले सके. विराट के शतक का सूखा जारी रहा. पुजारा और रहाणे भी उम्मीद पर खरे नहीं उतरे. बहुत से सवाल छोड़ गई है यह सिरीज़.
ये भी पढ़ें
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)