भारत बनाम दक्षिण अफ़्रीका टेस्ट मैच आज: विवादों के बीच मैदान में विराट कोहली

    • Author, आदेश गुप्त
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए

हाल ही में बीसीसीआई और भारत की टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के बीच तनातनी की ख़बरों के बाद भारतीय टीम दक्षिण अफ़्रीका में रविवार से तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच खेलने के लिए तैयार है.

पहला टेस्ट मैच 26 दिसंबर से 30 दिसंबर तक दक्षिण अफ़्रीका में सेंचूरियन पार्क में खेला जाएगा.

टेस्ट सिरीज़ की शुरुआत से पहले ही भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा था, जब वनडे और टी-20 के टीम कप्तान रोहित शर्मा मांसपेशियों में खिंचाव के कारण टेस्ट सिरीज़ से बाहर हो गए थे. उनकी जगह प्रियांक पांचाल को टीम में शामिल किया गया है.

दूसरी तरफ़ मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका को भी बड़ा झटका लगा क्योंकि उसके तेज़ गेंदबाज़ एनरिक नोर्किया चोटिल होने के कारण टेस्ट सिरीज़ से बाहर हो गए. टेस्ट सिरीज़ में दक्षिण अफ़्रीका की कमान डीन एल्गर संभाल रहे हैं.

पिछले दिनों विराट कोहली की कप्तानी में भारत न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में ज़रूर हारा लेकिन इसके अलावा टेस्ट सिरीज़ में उसका प्रदर्शन दमदार ही रहा है.

विराट कोहली अपनी टेस्ट कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम का अजेय दुर्ग तोड़ने में भी कामयाब रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या वह दक्षिण अफ़्रीका से भी पार पा सकेंगे?

क्या वह भारत को पहली बार टेस्ट सिरीज़ में जीत का स्वाद चखा पाएँगे वह भी तब जब टीम के आधे बल्लेबाज़ रनों को तरस रहे हैं और अपनी जगह बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हों?

क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन कहते हैं, "दक्षिण अफ़्रीका का दौरा भारत ही नहीं वरन कप्तान विराट कोहली के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि ख़ासकर उनका ख़ुद का बैटिंग फ़ॉर्म पिछले दो ढाई साल से ठीक नहीं है.''

''एक बल्लेबाज़ के तौर पर उन्हें अपनी फ़ॉर्म दिखानी होगी. उनके पास कप्तान के रूप में दक्षिण अफ़्रीका में पहली बार टेस्ट सिरीज़ जीतने का सुनहरा अवसर है. इससे पहले भारत वहां जीता नहीं है, तो अगर वह दोनों चीज़ें पूरी करते हैं तो यह उनके लिए सफ़ल दौरा होगा. अगर दोनो ही बातें पूरी नहीं होती तो फ़िर उन पर बेहद दबाव आ जाएगा."

ये भी पढ़ें -

भारतीय बल्लेबाज़ों का संकट

रोहित शर्मा चोट के कारण टीम से बाहर हैं तो अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा भी बैटिंग फ़ॉर्म को लेकर जूझ रहे है, विराट कोहली का भी यही हाल है.

तीन टॉप ऑर्डर बैट्समैन के मुश्किलों में रहते भारतीय बल्लेबाज़ी पर पड़ने वाले असर को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं, "काग़ज़ पर तो भारतीय टीम मज़बूत लगती है क्योंकि टीम में रहाणे, पुजारा, कोहली और राहुल है. रोहित शर्मा का टीम में ना होना बहुत बड़ा झटका है लेकिन जो टीम में हैं उनकी फ़ॉर्म भी ख़राब रही है.''

''पुजारा, रहाणे और कोहली ने पिछले दो साल से कोई ख़ास रन नहीं बनाए है. अब यह तो पहला टेस्ट मैच ही बताएगा कि उन्होंने कितनी जल्दी अपने आपको दक्षिण अफ़्रीका की पिचों और परिस्थितियों के अनुरूप ढाला है या सामंजस्य स्थापित किया है?"

वैसे दक्षिण अफ़्रीका की बल्लेबाज़ी भी इन दिनों कमज़ोर है लेकिन उनके गेंदबाज़ भारत को परेशानी में डाल सकते हैं. हालांकि भारत को थोड़ी राहत मिली है क्योंकि उनके तेज़ गेंदबाज़ जो हाल ही में बेहद कामयाब रहे हैं. दरअसल, एनरिक नोर्किया वह चोट के कारण टेस्ट सिरीज़ से बाहर हो गए है.

दूसरी तरफ़ भारतीय टीम से इतनी अधिक अपेक्षाएं है जिसके कारण चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे और विराट कोहली पर बेहद दबाव होगा कि वह पहले टेस्ट मैच की पहली पारी से ही बड़े स्कोर बनाए ताकि गेंदबाज़ों को मैच जीताने का मौक़ा मिले.

ऐसे में नए उपकप्तान बने सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल और उनके जोड़ीदार मयंक अग्रवाल की भूमिका को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि विदेशों में सलामी जोड़ी टेस्ट मैच में अपना अहम किरदार निभाती है.

उन्होंने कहा, "अगर यह जोड़ी डेढ़ दो घंटे विकेट पर टिककर अच्छी साझेदारी निभा दे और गेंदबाज़ों को थका दें तो मध्यम क्रम के बल्लेबाज़ों को खेलने में आसानी हो जाती है. लेकिन अगर पहले घंटे में ही दो तीन विकेट गिर जाते हैं तो बल्लेबाज़ी की कलाई खुल जाती है. मयंक अग्रवाल ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ घरेलू सिरीज़ में और केएल राहुल ने विदेशों में अच्छा प्रदर्शन किया है तो अब इनकी ज़िम्मेदारी है कि यह ना सिर्फ़ अच्छी शुरुआत दे वरन विकेट पर भी टिके."

ये भी पढ़ें -

भारतीय गेंदबाज़ों पर भरोसा

चोट के कारण टीम से बाहर हुए आलराउंडर रविंद्र जडेजा जिन्होंने पिछले दिनों हर टेस्ट सिरीज़ में अपने बल्ले का दमख़म दिखाया भले ही अधिक विकेट नहीं लिए को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि वह साल 2018 में गेंदबाज़ के रूप में आर अश्विन की जगह कप्तान विराट कोहली की पहली पसंद थे.

अयाज़ मेमन बताते हैं, "जडेजा की बल्लेबाज़ी तो मज़बूत थी ही फिल्डिंग भी ज़बरदस्त है. अब उनके चोटिल होकर बाहर होने से आर अश्विन का रास्ता साफ़ हो गया है. ऐसा लगता है कि वह टीम में अकेले स्पिनर के तौर पर टेस्ट मैच खेलेंगे और बाक़ी तेज़ गेंदबाज़ होंगे.''

''तेज़ गेंदबाज़ों में ईशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर के अलावा मोहम्मद सिरीज़ हो सकते हैं लेकिन रविंद्र जडेजा का ना होना टीम के लिए नुक़सानदायक है. इसके बावजूद आर अश्विन जो शानदार फ़ॉर्म में हैं और शार्दुल ठाकुर में रन बनाने के अलावा विकेट लेने की भी क्षमता है उपयोगी साबित हो सकते हैं."

डीन एल्गर, क्विंटन डिकॉक, मार्करम और वॉनडर डुसैन जैसे बल्लेबाज़ों से सजी दक्षिण अफ़्रीका की बैटिंग को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि इनके रहने के बावजूद टीम हल्की लग रही है हालांकि डीन एल्गर बेहतरीन बल्लेबाज़ हैं. क्विंटन डिकॉक के बारे में कुछ मालूम नहीं है कि वह खेलेंगे या नहीं क्योंकि पिता बनने के कारण हो सकता है कि वह एक दो टेस्ट मैच ना भी खेले.

दरअसल हाशिम अमला, एबी डिविलियर्स और फॉफ़ डू प्लेसी जैसी क्षमता और क़ाबिलियत जैसे खिलाड़ी दक्षिण अफ़्रीका की टीम में नहीं है और शायद इसलिए लग रहा है कि इनकी कमज़ोर बल्लेबाज़ी के कारण भारत के पास सिरीज़ जीतने का मौक़ा है.

कैगिसो रबाडा, लुइंगी एनगीदी और केशव महाराज जैसे दक्षिण अफ़्रीकी गेंदबाज़ों को लेकर अयाज़ मेमन कहते हैं कि तेज़ गेंदबाज़ नोर्किया के बाहर होने से उनकी टीम के आक्रमण की धार कमज़ोर हो गई है. उन्होंने 12 टेस्ट मैच में ही 47 विकेट ले रखे हैं. भारत को रबाडा से ख़तरा है.

एनगीदी की कोशिश टेस्ट टीम में अपना नाम जमाने की होगी क्योंकि जब भी टीम विदेशों में जाती है तो वह बैंच प्लेयर की श्रेणी में आ जाते हैं. दक्षिण अफ़्रीका को फ़िर भी अच्छी लम्बाई के तेज़ गेंदबाज़ मिल ही जाते हैं लेकिन बल्लेबाज़ी उनकी कमज़ोर नस है जिसका फ़ायदा भारतीय गेंदबाज़ों को उठाना चाहिए.

दक्षिण अफ़्रीका में केवल तीन टेस्ट मैच की सिरीज़ है ऐसे में पहले टेस्ट मैच के परिणाम के महत्व को लेकर अयाज़ मेमन मानते हैं कि चाहे तीन मैच या फ़िर पाँच मैच की सिरीज़ हो, पहले टेस्ट मैच का परिणाम हमेशा असर डालता है.

उन्होंने कहा, "ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ऐशेज़ सिरीज़ में पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड जिस तरह हारी उसके बाद वह दूसरे टेस्ट मैच में जिस शारिरिक भाषा को लेकर मैदान में उतरी उसे देखकर लगा ही नहीं कि यह मैच में है. भारत को पहले टेस्ट मैच से ही सधा हुआ प्रदर्शन करना होगा ना कि यह हो कि नम्बर चार पर कौन खेलेगा या तेज़ गेंदबाज़ी की शुरूआत कौन करेगा. साल 2018 में भारत का दक्षिण अफ़्रीका में प्रदर्शन बहुत ही अच्छा था जहां जीती हुई स्थिति में भी पहला टेस्ट मैच हार गया. तीसरा टेस्ट मैच भारत ने जीता था. वहॉ 2-1 से परिणाम भारत के पक्ष में आ सकता था जो आया नहीं, लेकिन अब मौक़ा है जिसका फ़ायदा उठाने से चुकना नहीं चाहिए."

वहीं दक्षिण अफ़्रीका रवाना होने से पहले भारत के कप्तान विराट कोहली ने टीम को चेताया कि वहां उछाल भरे तेज़ विकेट होंगे जहां बल्लेबाज़ी करना चुनौतीपूर्ण होगा, परिस्थितियां स्विंग गेंदबाज़ों को मदद करेंगी, गेंदबाज़ों को भी सही दिशा में गेंदबाज़ी करनी होगी. वहां के हालात को पहले ही समझना बहुत ज़रूरी है क्योंकि वहां बहुत अधिक अभ्यास मैच नहीं है.

विराट कोहली ने रोहित शर्मा की कमी को महसूस करते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड में दिखाया कि वह किस क्षमता और प्रतिभा के बल्लेबाज़ हैं.

उन्होंने बताया, "अब यह केएल राहुल और मयंक अग्रवाल पर है कि वह एक क़दम आगे बढ़कर अपनी उस बल्लेबाज़ी क्षमता को दिखाई जैसी उन्होंने पिछले दिनों दिखाई. रविंद्र जडेजा को लेकर भी विराट कोहली ने कहा कि क्रिकेट के तीनों क्षेत्रों में उनकी कमी महसूस होगी. विदेशी दौरों पर वह बहुत ही मूल्यवान खिलाड़ी साबित होते हैं. इसके बावजूद हमारी टीम में ऐसे खिलाड़ी है जो टीम को जीताने जैसी परिस्थिति पैदा कर सकते हैं."

यह उनके लिए दोनों हाथों से फ़ायदा उठाने का अवसर है. विराट कोहली ने यह भी कहा है कि वह दक्षिण अफ्रीका दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं और शानदार प्रदर्शन करने के लिए बेताब है. कोहली ने कहा, "दक्षिण अफ़्रीका एक ऐसी जगह है जहां अभी तक एक भी सिरीज़ नहीं जीते हैं लेकिन हम इतिहास बदलने उतरेंगे." वहीं दक्षिण अफ़्रीकी टीम में भी भारत को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. उनके बल्लेबाज़ डीन एल्गर ने कहा है कि विदेशी परिस्थितियों में भारतीय गेंदबाज़ी में काफ़ी सुधार हुआ है. जसप्रीत बुमराह तेज़ गेंदबाज़ों की मददगार पिचों का फ़ायदा उठाने में कामयाब होंगे.

कुछ ऐसा ही भारत के बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा का भी मानना है. उन्हें विश्वास है कि भारत के तेज़ गेंदबाज़ अच्छा प्रदर्शन जारी रखेंगे और आगामी सिरीज़ के तीनों मैचों में 20 विकेट हासिल करेंगे. उनके अनुसार तेज़ गेंदबाज़ टीम का सबसे मज़बूत पक्ष है. वहीं विदेश में दोनों टीमों में अंतर साबित करते है.

दक्षिण अफ़्रीका में कोरोना के ओमीक्रोन स्वरूप के कारण तीन टेस्ट मैचों और तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ दर्शकों के बग़ैर होगी.

ये भी पढ़ें -

क्या है अब तक रिकॉर्ड

भारत दक्षिण अफ़्रीका में आठवीं बार टेस्ट सिरीज़ खेलेगा. इससे पहले खेली गई हर टेस्ट सिरीज़ में मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका का ही पलड़ा भारी रहा है और अपनी ज़मीन पर वह भारत के ख़िलाफ़ अब तक अजेय है. उसने भारत को कभी भी अपने घर में टेस्ट सिरीज़ नहीं जीतने दी है जबकि भारत साल 1992-93 से वहां टेस्ट सिरीज़ खेल रहा है.

भारत ने दक्षिण अफ़्रीका में अभी तक 20 टेस्ट मैच खेले हैं, तीन जीते हैं, 10 हारे हैं और सात ड्रा रहे. दक्षिण अफ़्रीका में भारत सात में से छह टेस्ट सिरीज़ हारा है जबकि साल 2010-11 में खेली गई तीन टेस्ट मैच की सिरीज़ 1-1 से बराबरी पर समाप्त हुई. पिछली बार भारत ने साल 2017-18 में दक्षिण अफ़्रीका से तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ खेली थी जिसमें दक्षिण अफ़्रीका 2-1 से विजयी रहा.

ये भी पढ़ें -

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)