भारत-पाकिस्तान के खिलाड़ी जब मैदान में तू-तू, मैं-मैं पर उतरे

    • Author, पराग फाटक
    • पदनाम, बीबीसी मराठी

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी क्रिकेट मुक़ाबला होता है तो केवल देखने वालों की भावनाएं उफ़ान पर नहीं होती हैं. दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं के साथ-साथ दोनों टीम के खिलाड़ियों की भावनाएं भी उफ़ान पर होती हैं.

एक दूसरे के साथ मुक़ाबला नहीं गंवाने के तनाव में खिलाड़ी कोई नरमी नहीं दिखाना चाहते. ऐसे में मैदान में एक दूसरे से तू-तू, मैं-मैं भी देखने को मिलती रही है. ऐसे पाँच वाक़यों पर एक नज़र-

1. आमिर सोहेल और वेंकटेश प्रसाद के बीच झड़प

पाकिस्तान के बल्लेबाज़ आमिर सोहेल और भारतीय गेंदबाज़ वेंकटेश प्रसाद के बीच ये झड़प 1996 के वर्ल्ड कप के दौरान हुई थी. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 287 रन बनाए थे.

इसके जवाब में आमिर सोहेल और सईद अनवर ने पहले विकेट के लिए तेज़ी से 84 रन जोड़ दिए थे.

सोहेल शानदार फॉर्म में बल्लेबाज़ी कर रहे थे. 51 रनों पर जब सोहेल खेल रहे थे तब उन्होंने वेंकटेश प्रसाद की गेंद पर एक चौका जमाया. गेंद जब बाउंड्री के पार पहुँच गई थी तब सोहेल ने वेंकटेश प्रसाद की ओर बल्ला करते हुए बल्ले से गेंद को दिखाया.

सोहेल शायद प्रसाद को अपने आक्रामक अंदाज़ की बल्लेबाज़ी का संदेश देना चाह रहे थे. लेकिन इससे वेंकटेश प्रसाद आहत हो गए. हालांकि अगली ही गेंद पर प्रसाद ने अपना बदला ले लिया. उनकी गेंद को सोहेल ने मिड विकेट पर खेलने की कोशिश की और गेंद चकमा देते हुए उनका ऑफ़ स्टंप ले उड़ी.

सोहेल को आउट करने के बाद प्रसाद ने उन्हें पविलियन की ओर रास्ता दिखाया था. दोनों खिलाड़ियों के बीच इस तनातनी की सालों तक चर्चा होती रही. 25 साल बाद भी लोग इस भिड़ंत को याद करते हैं.

2. जब गौतम गंभीर भिड़े शाहिद अफ़रीदी और कामरान अकमल से

गौतम गंभीर भारतीय क्रिकेट में वैसे खिलाड़ी के रूप में जाने जाते रहे, जिनका रवैया बेहद आक्रामक होता था. ऐसे में पाकिस्तान क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी के साथ उनकी भिड़ंत 2007 में कानपुर में हुई थी.

गंभीर रन लेने के लिए भागते हुए शाहिद अफ़रीदी से टकरा गए थे. गंभीर का मानना था कि अफ़रीदी जानबूझकर उन्हें रन पूरा करने से रोक रहे थे. अफ़रीदी ने इन आरोपों का खंडन किया और इसके बाद दोनों क्रिकेटर आपस में उलझ गए. अंपायर ने दोनों खिलाड़ियों को शांत कराया.

इसके बाद 2010 में दांबुला में खेले गए एशिया कप के दौरान गंभीर की भिड़ंत पाकिस्तान के विकेट कीपर कामरान अकमल से हुई. कामरान अकमल ने सईद अजमल की गेंद पर गौतम गंभीर के विकेट के पीछे लपके जाने को लेकर अपील की थी, जिसे अंपायर बिली बाउडन ने स्वीकार नहीं किया था.

इसके बाद ड्रिंक्स ब्रेक हुआ. इस ड्रिंक्स ब्रेक में गंभीर और अकमल में विवाद हो गया. हालांकि दूसरे छोर पर मौजूद महेंद्र सिंह धोनी ने बीच बचाव करके मामले को आगे नहीं बढ़ने दिया.

3. हरभजन सिंह और शोएब अख़्तर की तू-तू, मैं-मैं

हरभजन सिंह और शोएब अख़्तर के बीच एशिया कप के 2010 में दांबुला में खेले गए मैच में ही झड़प हुई थी. इस मुक़ाबले में जीत के लिए भारत को 268 रन बनाने थे. अंतिम चार ओवरों में टीम इंडिया के सामने 36 रनों की चुनौती थी.

शोएब अख़्तर 47वें ओवर में गेंदबाज़ी करने उतरे. हरभजन सिंह ने उनकी दूसरी गेंद पर छक्का जड़ दिया. इस छक्के के बाद दोनों खिलाड़ी एक दूसरे पर चिल्लाते नज़र आए.

इसके बाद हरभजन सिंह ने मोहम्मद आमिर की गेंद पर छक्का लगाकर भारतीय टीम को जीत दिलाई.

इस छक्के के बाद हरभजन सिंह ने शोएब अख़्तर की ओर देखते हुए जीत का जश्न मनाना शुरू किया. शोएब अख़्तर ने उन्हें तब ड्रेसिंग रूम जाने को कहा था. यह बहस यूट्यूब पर भी देखी जा सकती है.

4. क्या सहवाग ने शोएब अख़्तर से कहा था- 'बाप बाप होता है'

वीरेंदर सहवाग भारतीय क्रिकेट टीम के बेहद आक्रामक बल्लेबाज़ों में शुमार रहे हैं. उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में शोएब अख़्तर के साथ अपने विवाद की एक कहानी बताई.

इस कहानी के मुताबिक शोएब अख़्तर 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंदबाज़ी करते हुए वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी को तोड़ना चाहते थे.

सहवाग के मुताबिक वे 200 रन पर खेल रहे थे और शोएब अख़्तर बार-बार उनसे हुक शॉट्स खेलने को कहते हुए बाउंसर फेंक रहे थे. शोएब सहवाग को उकसाना चाहते थे, ऐसे में सहवाग ने उनसे कहा कि 'दूसरे छोर पर तेरा बाप बैटिंग कर रहा है, हिम्मत है तो उसे बोल, वो मार कर बता देगा. शोएब ने अगले ओवर में तेंदुलकर को बाउंसर डाला और तेंदुलकर ने पुल शॉट्स के ज़रिए छक्का मार दिया. सचिन के छक्के के बाद मैंने शोएब के कहा, बेटा बेटा होता है और बाप बाप होता है.'

सहवाग ने जो कहा वह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया. लेकिन क़रीब डेढ़ साल पहले शोएब अख़्तर ने ऐसे किसी वाकये से इनकार किया है. हालांकि उन्होंने कहा, 'सहवाग ने मज़ेदार कहानी सुनाई, अगर वाक़ई में सहवाग मेरे साथ ऐसा करता तो मैं फ़ील्ड में उसे मार बैठता.'

हो सकता है कि शोएब अख़्तर सच बोल रहे हों, क्योंकि सहवाग ने जब पाकिस्तान के ख़िलाफ़ तिहरा शतक बनाया था तब सचिन तेंदुलकर ने 194 रन बनाए थे लेकिन इस पारी में कोई छक्का नहीं लगाया था.

इसके कुछ साल बाद जब सहवाग ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 254 रनों की पारी खेली तो तेंदुलकर को बल्लेबाज़ी करने का मौका मिला था. 2007 में सहवाग ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ फिर दोहरा शतक जमाया था लेकिन तब शोएब पाकिस्तान की टीम में नहीं थे.

5. जावेद मियांदाद का किरण मोरे की अपीलों पर उछलना

जावेद मियांदाद-किरण मोरे का विवाद भी भारत-पाकिस्तानी क्रिकेट में सबसे चर्चित विवादों में गिना जाता है.

1992 के वर्ल्ड कप में सिडनी में दोनों टीम के बीच मुक़ाबला था. भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 49 ओवरों में सात विकेट पर 216 रन बनाए. भारत की ओर से सचिन तेंदुलकर ने नॉट आउट 54 रन बनाए थे, जबकि कपिल देव ने 26 गेंदों पर 35 रन बनाए.

इसके जवाब में पाकिस्तान ने 17 रन तक दो विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद आमिर सोहेल और जावेद मियांदाद ने टीम का स्कोर संभाल लिया. जब पाकिस्तान का स्कोर दो विकेट पर 85 रन था तब यह वाक़या हुआ था.

मियांदाद ने सचिन तेंदुलकर की गेंद पर खेलने की कोशिश की तो विकेटकीपर मोरे ने कैच के लिए अपील की. इसी ओवर में एक रन पूरा करने के लिए मियांदाद भागे तो मोरे ने विकेट गिराकर रनआउट के लिए अपील की. मियांदाद तब क्रीज़ के अंदर आ गए थे. इसके बाद उन्होंने मोरे की लगातार अपीलों को देखते हुए उन्हें चिढ़ाने के लिए विकेट पर उछलना शुरू कर दिया.

भारतीय गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल करते हुए ये मैच जीत लिया था लेकिन इस मैच की जीत से ज़्यादा चर्चा मियांदाद और मोरे के विवाद की होती है.

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