पाकिस्तानियों ने नीरज चोपड़ा की ओलंपिक में जीत पर उड़ेला प्यार

नीरज चोपड़ा के टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद जहाँ भारत में जश्न का माहौल है, वहीं पाकिस्तान से भी उन्हें बधाई संदेश आ रहे हैं.

इसी जैवलिन थ्रो स्पर्धा के फ़ाइनल में पाकिस्तान की तरफ से उतरे अरशद नदीम भी थे लेकिन पदक जीतने में नाकाम रहे. कहा जा रहा है कि अरशद नदीम नीरज चोपड़ा को ही अपना आदर्श मानते हैं.

बीबीसी उर्दू नदीम के घर पहुँचा तो उनके पिता ने कहा कि अगर उनके बेटे को कोरोना नहीं हुआ होता तो ज़रूर पदक जीतते.

अरशद के गाँव का माहौल

मैच से पहले अरशद नदीम के घर पर बड़ी संख्या में इस मुक़ाबले को देखने के लिए लोग मौजूद थे. उनके गाँव में इस मुक़ाबले को देखने के लिए जगह-जगह इंतजाम किया गया था.

मैच के दौरान लोग दुआएं करते देखे गए. हालांकि इस मुक़ाबले के बाद लोगों में उदासी थी.

बीबीसी उर्दू ने अरशद के पिता से बात की तो उन्होंने कहा अगर अरशद तुर्की नहीं गए होते और उन्हें कोरोना नहीं हुआ होता तो निश्चित ही वे सभी को पीछे छोड़ देते.

गाँव वाले कहते हैं कि अरशद भले ही ओलंपिक में मेडल नहीं जीते लेकिन उन्होंने बिना किसी साधन के लिए उनका फ़ाइनल में पहुँचना ही हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है.

"अद्भुत एथलीट हैं नीरज चोपड़ा"

पाकिस्तान के पत्रकार शिराज हसन ने नीरज चोपड़ा को लेकर लिखा है, "नीरज चोपड़ा अद्भुत एथलीट हैं. गोल्ड के लिए बधाई. वह वास्तव में इसके हक़दार थे. बहुत शानदार. अब हम जान गए हैं कि अरशद नदीम आपको अपना हीरो क्यों कहते हैं."

एक यूज़र ने आंसू के इमोज़ी के साथ ट्वीट किया कि ये ख़ुशी के आंसू हैं. वे लिखते हैं, "भारत के इतिहास में पहली बार ओलंपिक ट्रैक ऐंड फील्ड इवेंट में गोल्ड मिला है. नीरज चोपड़ा आप स्टार हैं. पाकिस्तान से प्यार और बधाई. आपने कर दिखाया."

उन्होंने साथ ही एक वीडियो भी पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा, "एक छोटे से गाँव से टोक्यो में गोल्ड जीतने के लिए तमाम पाकिस्तानियों की तरफ से सलाम. अरशद नदीम नहीं जीत सके तो कोई बात नहीं, हमारे हमसाये मुल्क के नीरज चोपड़ा जीते हैं तो हमेशा की तरह हम पाकिस्तानियों का दिल बहुत बड़ा है, हम आपको दिली मुबारकबाद पेश करते हैं. आप यूं ही कामयाबियां अपने मुल्क के नाम करते रहें."

पाकिस्तानी पत्रकार राउफ़ कलासरा ने ट्वीट कर लिखा है, ''टीवी कमंटेटर कह रहे हैं कि अरशद नदीम के लिए उनके प्रतिद्वंद्वी भारत के नीरज चोपड़ा हीरो हैं. अरशद ने क्या खेल भावना और अपनी मज़बूती दिखाई है. मैं उम्मीद करता हूँ कि भारत और पाकिस्तान का नेतृत्व भी इस भावना को दिखाएगा.''

पाकिस्तान के प्रशासन पर खीझ भी उतरा

पाकिस्तान से नीरज चोपड़ा की जीत पर जहाँ बधाई संदेश आ रहे हैं, वहीं ओलंपिक में अपनी टीम की बदहाली पर भी लोग अपनी खीझ निकाल रहे हैं.

वरिष्ठ खेल पत्रकार अब्दुल गफ़्फ़ार ने लिखा, शेर के जिगर जैसी शानदार कोशिश अरशद नदीम. आज कोई मेडल नहीं लेकिन इंशाअल्लाह पेरिस 2024 में मिलेगा.

अगले ओलंपिक के लिए पाकिस्तान को अरशद, तल्हा, महूर, इमाम बट्ट के प्रशिक्षण पर खर्च करना चाहिए.

जहाँ एक ओर नीरज को बधाई मिल रही है वहीं पाकिस्तान के जैवलिन खिलाड़ी अरशद के हारने पर वहां उन्हें मिल रही ट्रेनिंग पर सवाल भी उठ रहे हैं.

नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार फ़ैज़ान लखानी ने लिखा, "नीरज चोपड़ा को गोल्ड मेडल जीतने की बधाई. अब गूगल करें और देखें की भारत ने उसे कैसे ट्रेनिंग दी और हमन अरशद को कैसे प्रशिक्षित किया. और हां, नीरज को सब कुछ देने के बावजूद किसी भी भारतीय मंत्री या अधिकारी ने वीडियो के ज़रिए उसका लाभ उठाने की कोशिश नहीं की."

खेल एक, ट्रेनिंग के तरीके दो अलग-अलग

पाकिस्तान सुपर लीग की टीम इस्लामाबाद यूनाइटेड के रणनीति प्रबंधक हसन चीमा ने नीरज के एक ट्वीट और नदीम की ट्रेनिंग को लेकर उनके पिता की बात से जुड़ी एक ख़बर को अपने ट्वीट में जोड़ते हुए लिखा, "काम करने के दो अलग अलग तरीके."

नीरज चोपड़ा के जिस ट्वीट को चीमा ने यहां जोड़ा वह जून का था और उसमें नीरज ने बताया था कि वे यूरोप में ट्रेनिंग ले रहे हैं और साथ ही सभी सुविधाओं के लिए सरकार को धन्यवाद दिया था.

नीरज ने लिखा था, "जहां तक टोक्यो 2020 की मेरी तैयारियों का सवाल है, मेरी सभी आवश्यकताओं का बहुत अच्छे तरीके से ख्याल रखा गया है. मैं अभी यूरोप में ट्रेनिंग ले रहा हूं और वीज़ा के सख़्त नियमों के बावजूद भारत सरकार और भारतीय दूतावास के किए गए प्रयासों के लिए आभारी हूं."

वहीं चीमा ने दो दूसरी तस्वीर शेयर की है वो एक स्नैपशॉट है. जिसमें नदीम अशरफ के पिता के कथन के ज़रिए ये बताया गया है कि नदीम की ट्रेनिंग किन हालातों में हुई.

स्नैपशॉट में लिखा है, "नदीम के पिता मोहम्मद अशरफ बताते हैं कि कैसे पाकिस्तान का यह ओलंपियन पहले क्रिकेट खेलना चाहता था लेकिन उनके पिता ने उन्हें जैवलिन थ्रो की सलाह दी. उनके राजमिस्त्री पिता अपनी कमाई से ही उनकी ट्रेनिंग का खर्च उठाते थे और नदीम अशरफ अपने अहाते या घर के बाहर गलियों में प्रैक्टिस किया करते थे. फिटनेस मशीन के लिए भी उनके पिता ने ही खर्च किया था."

इसमें ये भी लिखा गया है कि- "उनके पिता कहते हैं कि सरकार ने अरशद को कोई सहायता नहीं दी. अभ्यास के लिए उन्हें मुल्तान, फ़ैसलाबाद और लाहौर भेजने का खर्च भी उन्होंने ही उठाया. अरशद की छोटी बहन भी जैवलिन थ्रो की खिलाड़ी हैं और फिलहाल लाहौर में ट्रेनिंग ले रही हैं. मोहम्मद अशरफ़ ने सरकार से युवा खिलाड़ियों के लिए मदद और उनके अभ्यास के लिए मैदान की मांग की."

अभिनव बिंद्रा, पीटी ऊषा ने क्या कहा?

इधर भारत में भी कई दिग्गज एथलीट नीरज चोपड़ा को बधाई संदेश भेज रहे हैं.

भारत को हॉकी के अलावा किसी भी अन्य प्रतिस्पर्धा में गोल्ड दिलाने वाले अभिनव बिंद्रा ने नीरज चोपड़ा को अपने बधाई संदेश में कहा कि सभी भारतीयों के साथ ही यह मेरे लिए भी बहुत भावुक पल था. आपने देश का सपना पूरा किया है. शुक्रिया. इसके अलावा क्लब में आपका स्वागत है. मैं आपके लिए बहुत खुश हूं.

अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 के 10 मीटर राइफल शूटिंग में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था.

1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों में भारतीय एथलीट पीटी ऊषा बाधा दौड़ में सेकेंड के अंतराल से चौथे स्थान पर रह गई थीं और ओलंपिक में पदक हासिल करने का सपना पूरा नहीं कर सकी थीं.

उन्होंने नीरज चोपड़ा की इस कामयाबी को अपने सपने से जोड़ा और कहा, "37 साल बाद आज मेरे अधूरे सपने को साकार किया. धन्यवाद मेरे बेटे नीरज चोपड़ा."

गीता फोगाट लिखती हैं, "नीरज चोपड़ा ने इतिहास बनाया, ओलंपिक चैंपियन. कमाल!!!"

असम से एथलीट हीमा दास ने उन्हें बधाई दी.

कॉपीः अभिजीत श्रीवास्तव

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