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आईपीएल 2021: रसेल के पंजे पर चाहर का चौका पड़ा भारी
- Author, टीम बीबीसी हिंदी
- पदनाम, नई दिल्ली
कछुए की गति से मैच की शुरुआत करने वाले मुंबई इंडियन्स की पारी में खरगोश की तेज़ी से कोलकाता नाइटराइडर्स ने जब ताश के पत्ते के ढेर की तरह विकटें ढहाईं, तो पाँच बार की चैंपियन रही मुंबई इंडियन्स स्कोरबोर्ड पर केवल 152 रन ही टिका सकी.
फिर जब एक बार कोलकाता नाइटराइडर्स के ओपनर्स पिच पर जम गए तो लगा कि चैंपियन्स के हाथों से मैच फिसल रहा है. लेकिन फिर यहाँ कमान संभाली उसके गेंदबाज़ों ने.
पहले तो वो मैच को बराबरी के मुक़ाबले में ले कर आए और फिर हार की कग़ार पर खड़ी मुंबई के सिर पर जीत का सेहरा पहना दिया.
इसमें कोई शक़ नहीं कि यह मैच बहुत हद तक गेंदबाज़ों के नाम रहा और गेंदबाज़ों की इस टीमवर्क को कप्तान रोहित शर्मा ने भी मैच के बाद सलाम किया.
मैच के बाद वीरेंद्र सहवाग भी मुंबई के गेंदबाज़ों की तारीफ़ करने से नहीं चूके.
मुंबई इंडियंस के गेंदबाज़ों की तारीफ़ में उन्होंने एक और ट्वीट किया.
लेकिन बात सबसे पहले कोलकाता नाइटराइडर्स के गेंदबाज़ों के प्रदर्शन की.
रसेल का पंजा
जब मुंबई बैटिंग कर रही थी तो उसने अपनी पारी के दौरान अंतिम 17 गेंदों पर पाँच विकेट गंवा दिए.
ये पाँचों विकेट अपनी सूझबूझ भरी गेंदों से आंद्रे रसेल ने फेंके गए दो ओवर्स में लिए और एक समय बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही मुंबई को 152 के स्कोर पर रोकने में बड़ी भूमिका निभाई.
मैच में रसेल का प्रदर्शन इस कदर अहम था कि उन्हें 'गेम चेंजर ऑफ़ द मैच' के साथ 'मोस्ट वैल्युएबल असेट ऑफ़ द मैच' भी चुना गया.
दो ओवर्स में 15 रन देकर पाँच विकेट आईपीएल में रसेल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. सिर्फ एक विकेट के नुक]सान पर 86 रन के स्कोर से पूरी मुंबई की टीम 152 रनों पर सिमट गई. यानी 66 रनों पर उसके आख़िरी नौ विकेट गिर गए.
रसेल के अलावा ताश के पत्तों की तरह ढही मुंबई के बल्लेबाज़ों की पेशानी पर बल डालने का काम पैट कमिंस ने भी किया. जहाँ उन्होंने अपने चार ओवर्स में केवल 24 रन दिए वहीं रोहित शर्मा और ईशान किशन के विकेट भी लिए.
चाहर की फिरकी
कोलकाता को आठ से कम औसत से रन बनाने थे. टी20 के मुक़ाबले में आठ से कम के औसत से रन बनाने का लक्ष्य बहुत मुश्किल नहीं माना जाता है.
इसलिए दोनों ही टीमों के गेंदबाज़ों की तारीफ़ होना लाज़मी है, ख़ास कर मुंबई इंडियंस के गेंदबाज़ों की जिन्होंने सलामी बल्लेबाज़ों के बाद किसी भी जोड़ी को जमने का मौका नहीं दिया.
सलामी जोड़ी तोड़ने वाले राहुल चाहर ने अपनी लेग ब्रेक गुगली पर न केवल कोलकाता के सभी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ों को नचाया बल्कि एक-एक कर उन्हें वापस पवेलियन भी भेजते गए.
जब कोलकाता के ओपनर्स नीतीश राणा और शुभमन गिल ने पहले विकेट के लिए 9 से भी कम ओवर में 72 रन जोड़ दिए तो यह चाहर ही थे जिन्होंने यह जोड़ी तोड़ी.
मैच में शुरुआती चार विकेट उन्होंने ही लिए. सबसे पहले शुभमन गिल, फिर राहुल त्रिपाठी, इयोन मॉर्गन और अपने चौथे ओवर की आख़िरी गेंद पर बड़े स्कोर की ओर बढ़ते नीतीश राणा को उन्होंने चलता किया.
र्गन और अपने चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर बड़े स्कोर की ओर बढ़ते नीतीश राणा को उन्होंने चलता किया.
क्रुणाल की कंजूसी
चार ओवरों में केवल 27 रन देकर चार विकेट झटकने वाले चाहर की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है तो क्रुणाल पंड्या की गेंदबाज़ी भी कम तारीफ़-ए-काबिल नहीं थी.
क्रुणाल ने भले ही एक विकेट लिया लेकिन रन देने में उन्होंने काफी कंजूसी दिखाई. अपने चार ओवरों में उन्होंने केवल 13 रन ही दिए.
रही सही कसर ट्रेंट बोल्ड ने पूरी कर दी. यही कारण था कि नीतीश राणा (57 रन) और शुभमन गिल (33 रन) के अलावा कोलकाता का कोई भी बल्लेबाज़ दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका.
आख़िरी ओवर में ट्रेंट बोल्ट ने अपने अनुभव का जलवा दिखाया. पहले उन्होंने अपनी धीमी गेंद पर आंद्रे रसेल को छकाया फिर पैट कमिंस के ऑफ़ स्टंप्स को यॉर्कर से उड़ा ले गए.
इसके साथ ही उन्नीस-बीस की लड़ाई में कोलकाता नाइट राइडर्स पर मुंबई इंडियंस एक बार फिर बीस साबित हुई.
सूर्यकुमार और नीतीश राणा के अर्धशतक
सूर्यकुमार यादव ने 36 गेंदों पर 56 रनों की पारी खेल कर यह बता दिया कि वे मुंबई इंडियंस के सबसे सफ़ल बल्लेबाज़ों से एक क्यों हैं.
कोलकाता के लिए नीतीश राणा ने भी 47 गेंदों पर सर्वाधिक 57 रन बनाए. यह इस टूर्नामेंट में उनकी लगातार दूसरी हाफ़ सेंचुरी थी.
राणा आईपीएल में अब तक 13 अर्धशतक बना चुके हैं. इन दोनों बल्लेबाज़ों की चर्चा 2020 के सीज़न में भी थी.
ये दोनों उन अनकैप्ड खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने आईपीएल में 10 या उससे अधिक अर्धशतक बनाए हैं.
भज्जी को मिले केवल दो ओवर
कोलकाता ने जब टॉस जीत कर मुंबई को बैटिंग के लिए उतारा और हरभजन सिंह के हाथ में पहला ओवर डालने के लिए गेंद थमाई तो लगा कि पहले मैच में उन्हें सिर्फ एक ओवर दिए जाने के बाद हुई आलोचना से सबक लिया गया है.
भज्जी ने मैच के पहले ओवर में केवल तीन रन खर्चे तो कप्तान मॉर्गन का फ़ैसला सही लगा. लेकिन जब अगले ही ओवर में भज्जी ने 14 रन दिए तो उसके बाद गेंद उन्हें नहीं थमाई गई. एक बार फिर उन्हें उनके कोटे के पूरे ओवर नहीं दिए गए.
आंकड़ों में कोलकाता बनाम मुंबई
आईपीएल में अब तक दोनों टीमों के सफ़र पर नज़र डालें तो कोलकाता के ख़िलाफ़ मुंबई का रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है.
अब तक दोनों टीमों के बीच 28 मैच खेले गए हैं. इस मुक़ाबले में जीत के साथ ही, इनमें से 22 बार जीत का सेहरा मुंबई के सिर बंधा है.
यहाँ तक कि दोनों टीमों के बीच बीते 11 मुक़ाबलों में से 10 मुंबई की झोली में गए हैं.
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