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IPL 2020: UAE में कैसे खेले जाएंगे मैच और क्या है बायो बबल?
- Author, शिवकुमार उलगनाथन
- पदनाम, बीबीसी तमिल संवाददाता
बाक़ी के खेलों की तरह ही 2020 क्रिकेट के लिए एक बुरा साल साबित हुआ है. कोरोना वायरस महामारी के चलते कई खेलों के आयोजन या तो रद्द कर दिए गए हैं या फिर इन्हें आगे बढ़ाना पड़ा है. इस साल जुलाई में होने वाले टोक्यो ओलंपिक्स को एक साल के लिए टाल दिया गया है.
क्रिकेट पर भी कोरोना की मार पड़ी है और कई टूर्नामेंट्स या तो रद्द हो गए हैं या फिर आगे के लिए टाल दिए गए हैं.
ज़बरदस्त कमाई करने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को 29 मार्च से शुरू होना था और इसकी तारीख़ पहले बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी गई थी. लेकिन, बाद में बीसीसीआई ने आईपीएल 2020 को आगे अनिश्चित काल तक के लिए टाल दिया था.
बाद में आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल ने 2 अगस्त को ऐलान किया कि आईपीएल का 13वां एडिशन 19 सितंबर से शुरू होगा. इसका फाइनल 10 नवंबर को खेला जाएगा.
टूर्नामेंट यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) में होगा और इसके मैच दुबई, शारजाह और अबु धाबी में खेले जाएंगे. हालांकि, भारत सरकार से ज़रूरी क्लीयरेंस मिलने के बाद ही यह होगा.
माना जा रहा है कि बीसीसीआई इस हफ़्ते के आख़िर तक इस टूर्नामेंट के शेड्यूल का ऐलान कर देगी.
ऐसे में अगर शुरुआती ख़बरों के मुताबिक़ टूर्नामेंट 19 सितंबर से शुरू हो जाता है तो पहला मैच किन टीमों के बीच होगा?
अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक ऐलान तो नहीं हुआ है, लेकिन मुंबई इंडियंस टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने सोशल मीडिया पर इस बारे में इशारा किया है.
एम.एस धोनी को उनके रिटायरमेंट पर याद करते हुए रोहित ने कहा है, "भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक. क्रिकेट के इर्द-गिर्द उनका असर बेहद बड़ा है. वो विजन वाले शख्स हैं और एक टीम खड़ी करना जानते हैं. निश्चित तौर पर उन्हें नीली जर्सी में मिस करेंगे. 19 तारीख़ को टॉस के वक्त मिलते हैं महेंद्र सिंह धोनी."
दर्शकों की इजाज़त होगी या नहीं?
लेकिन, शेड्यूल के बारे में चीज़ें कुछ दिनों में ही साफ़ हो जाएंगी.
साथ ही एक और सवाल इस बारे में है कि क्या दर्शकों को स्टेडियम में मैच देखने की इजाज़त होगी? इस सवाल का जवाब बीसीसीआई और एमिरेट्स बोर्ड और यूएई सरकार ही दे सकती है.
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कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्टेडियम में 20 से 25 फ़ीसदी दर्शकों की इजाज़त मिल सकती है और इसके लिए सभी सेफ्टी उपाय किए जाएंगे.
लेकिन, इस बारे में भी औपचारिक ऐलान होना अभी बाकी है और स्टेडियम के अंदर दर्शकों को आने की इजाज़त पर अभी केवल कयासबाज़ी ही चल रही है. लेकिन, अगर दर्शकों को इजाज़त मिलती है तो आईपीएल ऐसा पहला बड़ा खेल आयोजन होगा जिसमें स्टेडियम में दर्शक आएंगे.
बायो बबल
शेड्यूल और ग्राउंड्स के बाद सबसे अहम चीज़ एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और गाइडलाइंस होंगी.
वायरस के फैलने का जोख़िम कम करने के लिए बायो बबल की चर्चा चल रही है.
बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह ने एक बयान में कहा था कि गवर्निंग काउंसिल ने व्यापक एसओपी पर भी चर्चा की है और इन्हें अंतिम रूप देकर पब्लिश कराया जाएगा. इनमें बायो सिक्योर माहौल को तैयार करने के लिए एजेंसियों को जोड़ना भी शामिल है.
अब सवाल यह है कि ये एसओपी कब आएंगी क्योंकि टूर्नामेंट में इनकी अहम भूमिका होगी. बायो बबल का आइडिया क्रिकेट टीमों को बाहरी दुनिया से अपेक्षाकृत अलग-थलग रखने का है ताकि कोविड-19 के फैलने के जोख़िम को न्यूनतम किया जा सके.
बायो सिक्योर बबल को पहली बार हाल में संपन्न हुए इंग्लैंड-वेस्ट इंडीज़ सीरीज़ के दौरान लागू किया गया था. बायो बबल का मसला उस वक़्त उठ खड़ा हुआ था जब इंग्लैंड के गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर को दूसरे टेस्ट मैच में बाहर बैठाया गया था क्योंकि उन्होंने अपने दोस्त के यहां जाकर बायो सिक्योर एनवायरनमेंट को तोड़ा था.
बायो सिक्योर बबल को लेकर चिंताएं उठती रहती हैं कि क्या यह हक़ीक़त में मुमकिन है या नहीं. पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने हाल में ही कहा था कि बायो सिक्योर माहौल लंबे वक़्त में हक़ीक़त से परे है. उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को क़रीब एक महीने तक अलग रखना आसान काम नहीं है.
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि क्रिकेट फैन्स अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और टीमों के साथ स्टेडियम में लगी बड़ी एलईडी के ज़रिए कनेक्ट हो सकते हैं. इस तरह की टेक्नोलॉजी को हाल में हुए इंग्लिश प्रीमियर फुटबॉल लीग सीज़न में इस्तेमाल किया गया था. इसे कैसे इस्तेमाल किया जाएगा इस बारे में ब्योरा अभी जारी नहीं हुआ है.
खाली स्टेडियम या न्यूनतम दर्शक, बायो सिक्योर एनवायरनमेंट, एलईडी वॉल्स, एसओपी तय होना- ये सभी चर्चा में हैं जिनसे आईपीएल टूर्नामेंट का ढांचा पूरी तरह से बदल सकता है. इसके बावजूद यह एक त्योहार के जैसे होगा.
क्रिकेट विशेषज्ञों और फैन्स को लगता है कि तमाम पाबंदियों और अवरोधों के बावजूद यह खेल विजेता बनकर उभरेगा.
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