ड्रीम 11: आईपीएल के नए टाइटल स्पॉन्सर का चीन से क्या संबंध?

फ़ैंटेसी गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म ड्रीम 11, साल 2020 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का टाइटल स्पॉन्सर बन गया है.

इससे पहले वीवो आईपीएल का टाइटल स्पॉन्सर था. गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच झड़प के बाद भारत में चीनी कंपनियों का विरोध बढ़ रहा था.

बढ़ते विरोध के बाद वीवो का 440 करोड़ रुपए का क़रार इस साल के लिए रद्द कर दिया गया. ऐसे में IPL को टाइटल स्पॉन्सर की तलाश और ज़रूरत, दोनों थी.

ड्रीम 11 ने साढ़े चार महीने की क़रार के लिए 222 करोड़ रुपए की बोली लगाकर ये अधिकार हासिल किया.

IPL के चेयरमैन बृजेश पटेल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "ड्रीम 11 ने 222 करोड़ रुपए की बोली के साथ अधिकार हासिल किया है.''

ऐसी जानकारी है कि पहले इस दौड़ में भारत का दिग्गज औद्योगिक समूह टाटा भी था लेकिन बाद में उसने अंतिम बोली नहीं लगाई.

इसके अलावा दो शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनियाँ बाइजूस (201 करोड) और अनएकेडमी (170 करोड़) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं.

ड्रीम 11 का ये क़रार 31 दिसंबर तक है, ऐसे में 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच संयुक्त अरब अमीरात में खेले जाने वाला टूर्नामेंट अगर किसी वजह से टलता या खिंचता है तो भी यही कंपनी इस साल के अंत तक टाइटल स्पॉन्सर रहेगी.

वीवो का क़रार रद्द होने के पीछे बड़ी वजह उसका चीन से लेना-देना था, लेकिन ड्रीम 11 का भी चीनी कनेक्शन बताया जा रहा है.

स्टोरी: टीम बीबीसी

आवाज़: भरत शर्मा

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