आईपीएल का आयोजन भारत से हज़ारों किलोमीटर दूर क्यों?

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

आख़िरकार तमाम अटकलों को दूर करने के बाद बीसीसीआई देसी विदेशी खिलाड़ियों से सजे अपने सबसे बड़े घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल ) के आयोजन पर अंतिम मुहर लगवाने पर कामयाब रही. भारत सरकार ने पिछले दिनों संयुक्त अरब अमीरात में आईपीएल के आयोजन को मंज़ूरी दे दी.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोविड-19 महामारी के बीच बीसीसीआई आईपीएल को हर हाल में इस साल यूएई में ही क्यों कराना चाहती है?

इस सवाल के जवाब में क्रिकेट समीक्षक और आईपीएल में कमेंट्री भी कर चुकें अयाज़ मेमन विस्तार से कहते हैं कि सभी जानते हैं कि अगर घरेलू सीज़न हो तो आईपीएल से बीसीसीआई को हर साल लगभग चार हज़ार करोड़ रुपये की आमदनी होती है. कोविड -19 के कारण अब आईपीएल यूएई में होगा तो दर्शक ना होने से स्टेडियम टिकट और विज्ञापन नही होंगे.

दूसरे कई कारण से भी कमाई को झटका लगेगा तो शायद पूरे चार हज़ार करोड़ रुपये की आमदनी ना हो तो भी बीसीसीआई को इतना अधिक नुक़सान नहीं होगा. बीसीसीआई को आईपीएल के अलावा किसी अन्य टूर्नामेंटों से इतनी अधिक कमाई नहीं होती. फ़िलहाल सभी गतिविधियाँ बंद है, आईपीएल बीसीसीआई के लिए कमाई का ज़रिया है, और फ़िर दूसरे बोर्ड भी चाहते हैं कि आईपीएल हो. इससे उन्हें और खिलाड़ियों को फ़ायदा होता है.

अयाज़ मेमन आगे कहते हैं, ''आईपीएल के होने में संशय सिर्फ़ इतना था कि अगर विश्व टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट खेला जाता तो आईपीएल के लिए कहां से अलग से विंडो मिलती या यह कैसे होता. अब जब विश्व टी-20 नहीं हो रहा है तो आईपीएल का रास्ता खुल गया. यूएई में कोविड के कारण हालात भारत जितने बुरे नहीं हैं. यूएई की हालत दूसरे देशों से भी बेहतर है और भारत और उसके समय में भी बहुत अंतर नहीं है. इससे टेलिकास्ट यानि प्रसारण पर भी अधिक असर नहीं पड़ेगा. इन सब कारणों से बीसीसीआई ने आईपीएल को यूएई में कराने का फ़ैसला किया, हालाँकि यह निर्णय बिलकुल अंतिम समय पर लिया गया इससे कुछ फ़्रैन्चाइज़ी नाराज़ भी हैं क्योंकि ऐसे में उनकी तैयारी आधी अधूरी सी है.''

दर्शकों का साथ मिलेगा?

क्या आईपीएल को टेलीविज़न दर्शकों का साथ मिलेगा जबकि पिछले दिनों इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज़ के बीच भी क्रिकेट सिरीज़ खेली गई.

इस सवाल के जवाब में अयाज़ मेमन कहते हैं कि इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज़ के बीच खेली गई टेस्ट सिरीज़ में स्टेडियम में दर्शक मौजूद नहीं थे लेकिन उसे अच्छी रेटिंग मिली. ख़ुद अयाज़ मेमन ने कोई मैच नहीं छोड़ा.

वह आगे कहते हैं कि इंग्लैंड में सिरीज़ को मीडिया कवरेज ख़ूब मिली. भारत में भी मीडिया में जिनसे अयाज़ मेमन की बातचीत हुई उनका यह कहना था कि बहुत सारे लोगों ने मैच देखे. इसका कारण यह भी कहा कि लॉकडाउन में रहते रहते लोग तंग हो गए थे.

अयाज़ मेमन यह भी कहते हैं कि एक बात का डर था कि ख़ाली स्टेडियम में बिना दर्शकों के खिलाड़ी कैसे उत्साह के साथ खेलेंगे? लेकिन तीनों टेस्ट मैच के परिणाम ने दिखाया कि कितने जोश और कशमकश के बीच यह सिरीज़ खेली गई और कोई हादसा नहीं हुआ. हांलाकि जोफ्रा आर्चर से ग़लती हुई जिसके कारण वह दूसरे टेस्ट मैच से बाहर हो गए. अभी हालात ऐसे हैं कि वैक्सीन आने में एक दो साल लग जाएँगे को इंग्लैंड वेस्ट इंडीज़ सिरीज़ ने दिखाया है कि ऐसे हालात में भी क्रिकेट खेली जा सकती है.

आईपीएल के यूएई में कराने का एक कारण यह भी है कि वहां बीसीसीआई पहले भी साल 2014 में भारत में आम चुनाव की वजह से भी आधा आईपीएल करा चुकी है. इस बार भी कोशिश थी कि नॉकआउट से पहले के मुक़ाबले यूएई में और बाद के मुक़ाबले भारत में खेले जाए लेकिन भारत में दिनोंदिन बढ़ते कोविड के मामलों के कारण ऐसा संभव नहीं लगा.

भारत में क्यों नहीं हो सकता आयोजन?

लेकिन खेल पत्रकार और आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के मीडिया मैनेजर रह चुके जी राजारमन कुछ और ही मानते हैं.

वह कहते हैं कि बीसीसीआई का कोविड -19 के बीच हर हाल में आईपीएल का यूएई में कराने का निर्णय मजबूरी तो नहीं है लेकिन आईपीएल बीसीसीआई के लिए पैसा बनाने का सबसे बड़ा साधन है. खिलाड़ियों को भी इससे फ़ायदा होता है. शायद बीसीसीआई को लगा कि अब जबकि कुछ और नहीं हो रहा है तो आईपीएल ही करा लो, लेकिन यह समझ से परे है कि वह इसे भारत से बाहर क्यों करा रहे है.

भारत में बहुत सी ऐसी जगह है जहां क्रिकेट हो सकता है. अभी आईपीएल कराने की ज़रूरत भी नहीं थी लेकिन ऐसा लगता है कि आईसीसी ने भी विश्व टी-20 स्थगित कर भारत का साथ दिया.

जी राजारमन आगे कहते हैं कि आईपीएल कराने के लिए सब लोग उत्सुक थे और एक ऐसा माहौल बन गया कि आईपीएल की संभावना बन गई. लेकिन यह समझ से बाहर हैं कि मिडिल ईस्ट जैसी जगह जहाँ कोविड की रफ़्तार और असर जनसंख्या के आधार पर भारत से छह गुना अधिक है वहाँ पर आईपीएल क्यों कराया जा रहा है. जनसंख्या के आधार पर भारत में अगर कोविड के शिकार एक हज़ार हैं तो यूएई में छह हज़ार. यूएई में जनसंख्या कम है शायद इसलिए आईपीएल वहाँ कराया जा रहा है. खिलाड़ियों को ख़तरा उठाकर आईपीएल में नहीं उतारना चाहिए. जैविक रूप से सुरक्षित माहौल वाले स्टेडियम भारत में भी बनाए जा सकते है.

जी राजारमन यह भी कहते हैं कि खिलाड़ियों ख़ासकर तेज़ गेंदबाज़ों के लिए फ़िटनेस के कारण बल्लेबाज़ों के मुक़ाबले अधिक समस्याएँ पैदा होंगी.

अब अगर यूएई सुरक्षित नहीं है तो भारत में कैसे हो आयोजन?

इसे लेकर जी राजारमन कहते हैं कि यह तो आँकड़ों के आधार पर गंभीर या सामान्य लगेगा. बीसीसीआई भारत में आईपीएल कराकर दुनिया को बड़ा संदेश दे सकता था कि हम करके दिखा सकते हैं. आईपीएल अगर भारत में नहीं करा सकते तो कहीं और भी मत कराइए. विम्बलंडन जैसा टूर्नामेंट रद्द हो गया लेकिन वह यूएई में नहीं हो रहा. बहुत से बैडमिंटन टूर्नामेंट रद्द हो गए लेकिन वह मिडिल ईस्ट में नहीं हो रहे.

जी राजारमन आगे कहते हैं कि बीसीसीआई कुछ दबाव में आईपीएल करा रही है. यह दबाव किसका है कहना मुश्किल है पर है ज़रूर.

तो क्या आईपीएल कामयाब होगा?

जी राजारमन कहते हैं कि आईपीएल तो कामयाब है और कामयाब रहेगा चाहे वह दक्षिण अफ्रीका में हो या यूएई में. लेकिन जब ओलंपिक जैसे खेल स्थगित हो सकते हैं तो आईपीएल क्यों नहीं यह सवाल ज़रूर बीसीसीआई या आईपीएल गवर्निंग काउंसिल से पूछा जाना चाहिए.

बीसीसीआई के आईपीएल को यूएई में ही हर हाल में कराए जाने को लेकर भारत के पूर्व आलराउंडर मदन लाल कहते हैं कि सबसे पहली बात तो यह है कि आईपीएल होना ही चाहिए. क्रिकेट हुए बहुत लम्बा समय हो गया है. इसके अलावा आईपीएल एक बहुत बड़ा ब्रांड है. भारत में कोविड के बढ़ते मामलों के अलावा बरसात का सीज़न भी है. कोई नहीं चाहता कि आधे से अधिक मैच बारिश की भेंट चढ़ जाए. यूएई में सारे मैच आसानी से हो सकते है, सबको मैच देखने को मिलेंगे.

क्या वहाँ सभी खिलाड़ी ठीक-ठाक रहेंगे?

मदन लाल कहते हैं कि यह सब खिलाड़ियों पर भी निर्भर करेगा. सब जानते हैं कि कोविड सब तरफ़ फैला हुआ है ऐसे में सारी ज़िम्मेदारी मैनेजमेंट और फ़्रेंचाइज़ी की है. इंग्लैंड और वेस्ट इंडीज़ के बीच कोविड के बावजूद कामयाबी के साथ टेस्ट सिरीज़ खेली गई. उन्होंने बख़ूबी चीज़ों को सँभाला. ऐसे ही हमें करना पड़ेगा. सभी नियमों का पालन करना पड़ेगा. भारत में भी लोग आईपीएल का आनंद ले सकेंगे.

मदन लाल आगे हल्के फुल्के अंदाज़ में कहते हैं कि आईपीएल होने से भारत में मैच देखने के चक्कर में अपने आप ही सात से दस बजे के बीच लॉकडॉउन भी हो जाएगा.

इसी बीच एक ख़बर यह भी आई जिसमें कितनी सच्चाई है यह तो बाद में पता चलेगा कि वीवो ने आईपीएल के टाइटल स्पांसर के रूप में अपने क़दम खींच लिए है. इसे लेकर मदन लाल कहते हैं कि उसने कोविड को देखते हुए एक साल के लिए यह क़दम उठाया है, लेकिन बीसीसीआई को उससे थोड़े कम में ही सही नया स्पांसर मिल जाएगा.

आईपीएल का नया सीज़न 19 सितंबर से 10 नवंबर तक खेला जाएगा. इस तेरहवें संस्करण में कुल साठ मुक़ाबले खेले जाएंगे. लीग 53 दिनों की होगी. 10 मैच दोपहर में खेले जाएंगे.

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