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Women T20 World Cup: किसके दम पर ख़िताब जीतेगी भारतीय टीम?
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
मेज़बान ऑस्ट्रेलिया और भारत की टीमें जब रविवार को मेलबर्न क्रिकेट मैदान में सातवें आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल में आमने-सामने होंगी तो स्टेडियम में करीब 80,000 दर्शकों की निगाहें भी उन पर होंगी.
क्रिकेट प्रेमियों की यह संख्या बताती है कि इस फ़ाइनल को लेकर लोगों में कितना उत्साह है. जब दर्शकों का यह हाल है तो खिलाड़ियों की हालत कैसी होगी इसे आसानी से समझा जा सकता है.
कागज़ पर तो एक नज़र में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी लगता है क्योंकि वह चार बार की टी-20 विश्व कप की चैंपियन रह चुकी है, जबकि भारतीय टीम अपना पहला टी20 विश्वकप फ़ाइनल खेल रही है.
भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर का यह लगातार सांतवा विश्व टी-20 टूर्नामेंट है. वह फ़ाइनल को लेकर बेहद रोमांच से भरी हैं. उन्होंने एक दिन पहले कहा, ''यह एक नया दिन होगा, एक नई शुरुआत होगी, पहली गेंद से ही टीम सकारात्मक खेलेगी, ग्रुप स्टेज में लगातार चार मैच जीतने से टीम जोश से भरी है.''
हरमनप्रीत कौर जानती हैं कि फ़ाइनल बेहद महत्वपूर्ण है और वह सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ियों को मैदान में उतारना चाहती हैं. उन्होंने बड़ी मासूमियत से कहा कि दोनों ही टीमों में ख़िताब जीतने की क्षमता है जो अच्छा खेलेगी वह जीत जाएगी.
कौन रोकेगा ऑस्ट्रेलिया को?
लाख टके का सवाल यह है कि पहला फ़ाइनल खेल रही भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को पांचवी बार चैंपियन बनने से कैसे रोकेगी?
इसके लिए कप्तान हरमनप्रीत कौर को अपने गेंदबाज़ों पर ही भरोसा है ख़ासकर अपनी गुगली के जाल में फंसाने वाली लेग ब्रेक स्पिन गेंदबाज़ पूनम यादव पर.
66 टी-20 अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में 94 विकेट अपने नाम कर चुकीं पूनम यादव ने अभी तक इस टूर्नामेंट में चार मैच खेलकर सर्वाधिक नौ विकेट हासिल किए हैं.
सबसे बड़ी बात उन्होंने ग्रुप स्टेज में पहले ही मैच में मेज़बान और पिछली चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ केवल 19 रन देकर चार विकेट झटके.
इसके बाद भारतीय टीम का मनोबल ऐसा बढ़ा कि उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अगले मैचों में बांग्लादेश, न्यूज़ीलैंड और श्रीलंका को मात देकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की.
पूनम यादव ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हुए मैच को याद करते हुए कहती हैं कि जब वह गेंदबाज़ी के लिए आईं तो सामने पिच पर जमकर खेल रहीं एलिसा हिली ने उनके पहले ओवर में ही छक्का मार दिया, जिसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने समझाया कि घबराने की ज़रूरत नहीं है, इसके बाद उसी ओवर में उन्होंने हिली का विकेट भी लिया, हिली तब तक 51 रन बना चुकी थीं.
ऑस्ट्रेलिया का मजबूत बैटिंग ऑर्डर
ज़ाहिर है कि अगर फ़ाइनल मैच में भी हिली का बल्ला ऐसे ही बोला तो भारत की मुश्किलें बढ़ जाएंगी. हिली वैसे भी सलामी बल्लेबाज़ हैं. 111 टी-20 अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुकीं हिली ने भारत के अलावा बांग्लादेश के ख़िलाफ़ भी 83 रन की ज़ोरदार पारी खेली. हिली अभी तक 161 रन बना चुकी है.
पूनम यादव ने उसी मैच में ऑस्ट्रेलिया की सबसे अनुभवी एलिस पैरी को बिना खाता खोले विदा किया. पैरी के पास टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है.
पैरी साल 2009 में हुए पहले टी-20 विश्व कप से लेकर अभी तक हुए सभी विश्व कप में टीम का हिस्सा रही हैं लेकिन वह फील्डिंग करते समय चोट के कारण दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ सेमीफाइनल नहीं खेल सकीं. इसके पहले वह ऑस्ट्रेलिया के लिए टी-20 विश्व कप के सभी 36 मैच में टीम का हिस्सा रहीं. देखना होगा कि वह फाइनल में खेल पाती हैं या नहीं.
इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया के पास बल्लेबाज़ों की कमी नहीं है. सलामी बल्लेबाज़ बेथनी मूनी अभी तक इस विश्व कप में पांच पारियां खेलकर 181 रन बना चुकीं हैं. पिछली तीन पारियों में उन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ नाबाद 81, न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 60 और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 28 रन बनाए हैं.
मूनी खब्बू बल्लेबाज़ हैं, जबकि हीली सीधे हाथ से खेलती हैं. सलामी जोड़ी का यह तालमेल गेंदबाज़ों के लिए मुश्किलें बढ़ाता है. सलामी जोड़ी और वह भी जब फॉर्म में हो तो भारत की चिंता बढ़ सकती है.
इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया की एश्ली गार्डनर कहने को ऑफ़ ब्रेक गेंदबाज़ हैं लेकिन वह बल्ला भी ख़ूब चला लेती हैं. भारत के ख़िलाफ़ भी उन्होंने 34 रन बनाए थे.
फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान ख़ुद मेग लेनिंग भी सस्ते में विकेट देना नहीं चाहेंगी. ग्रुप स्टेज के मैच में वो भारत के ख़िलाफ़ पांच रन ही बना सकी थी, लेकिन इसकी भरपाई उन्होंने श्रीलंका के ख़िलाफ़ नाबाद 41 और सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ नाबाद 49 रन बनाकर की.
ऑस्ट्रेलिया की एक और मध्य क्रम की खब्बू बल्लेबाज़ राचेल हेन्स से भी भारत को एक बार फिर पार पाना होगा. भारत के ख़िलाफ़ ग्रुप मैच में तो वह केवल छह रन बना सकीं लेकिन श्रीलंका के ख़िलाफ़ 60 रन बनाकर उन्होंने अपना दमख़म दिखाया.
भारत की तगड़ी गेंदबाज़ी
अब ऐसा भी नहीं है कि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को सिमटाने की ज़िम्मेदारी सिर्फ गुगली गेंदबाज़ पूनम यादव पर ही है. उनका साथ देने के लिए तेज़ गेंदबाज़ शिखा पांडेय भी हैं.
शिखा पांडेय ने ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ केवल 14 रन देकर तीन विकेट हासिल किए. यही कारण था कि जीत के लिए 133 रन का पीछा करते हुए पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.5 ओवर में 115 रन पर सिमट गई.
लेग स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड और ऑफ़ स्पिनर दीप्ति शर्मा पर भी भारतीय गेंदबाज़ी का भार रहेगा. दीप्ति शर्मा को हालांकि अभी तक दो ही विकेट मिले हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उन्होंने नाबाद 49 रन बनाकर अपनी बल्लेबाज़ी प्रतिभा का परिचय दिया.
राजेश्वरी गायकवाड ने अभी तक पांच विकेट हासिल किए हैं. सबसे बड़ी बात है कि इन सभी गेंदबाज़ों ने बड़ी सधी हुई और किफायती गेंदबाज़ी की है, यही कारण है कि तीन मैचों में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए किसी भी मैच में 150 रन तक भी ना पहुंचने वाली भारतीय टीम जीतने में कामयाब रही.
हरमनप्रीत को जन्मदिन का तोहफ़ा मिलेगा?
चार बार की चैंपियन और छठी बार फ़ाइनल खेल रही मेज़बान ऑस्ट्रेलियाई टीम के ख़िलाफ़ भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर भी गेंदबाज़ी को ही टीम की ताक़त मानती हैं.
वैसे भारतीय टीम पहली बार फाइनल में पहुंची है तो इसलिए टीम पर दबाव नहीं है. इसके बावजूद रविवार को ही विश्व महिला दिवस पर अपना 31वां जन्मदिन मनाने वाली भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा है उन्हें टीम से जीत की ट्रॉफ़ी चाहिए.
इसके लिए अब फाइनल में उन्हें भी अपने हाथ खोलने होंगे. उनके बल्ले से अभी तक इस टूर्नामेंट में केवल 26 रन निकले हैं. एक और अनुभवी बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना भी महज़ 38 रन ही बना सकीं हैं. अगर गेंदबाज़ ऑस्ट्रेलिया को सस्ते में ना निपटा पाए तो अकेले शेफाली वर्मा ही क्या कर लेंगी.
शेफाली वर्मा ने अभी तक 161 रन बनाए है. जो भी हो दांव गेंदबाज़ों पर ही है, लेकिन ट्रॉफ़ी को थामने के लिए बल्लेबाज़ों को भी साथ देना होगा.
दोनों टीमें इस प्रकार हैंः
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रॉड्रिग्ज, दीप्ति शर्मा, वेदा कृष्णमूर्ति, शिखा पांडे, तानिया भाटिया (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, पूनम यादव, राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, ऋचा घोष, पूजा वस्त्रकार और राधा यादव.ऑस्ट्रेलिया: मेग लेनिंग (कप्तान), रशेल हेन्स, एश्ले गार्डनर, डेलिसा किमिंस, एलिस पेरी, एरिन बर्न्स, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, एलिसा हिली, बेथ मूनी, जेस जोनासन, सोफी मोलिनिक्स, मेगन शूट, जॉर्जिया वेरहैम औरमॉली स्ट्रेनो.
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