वर्ल्ड कप 2019: पाकिस्तान की क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ जब मैच पलट दिया

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- Author, टीम बीबीसी हिन्दी
- पदनाम, नई दिल्ली
'अभी आठ मैच बाक़ी हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी टीम टूर्नामेंट में अच्छा कर सकती है. हम पूरी कोशिश करेंगे कि इस मैच को भूलकर अगले मैच में वापसी करें.'
31 मई की शाम मैच हारने के बाद पाकिस्तान के कप्तान सरफ़राज़ ख़ान ने जब ये बात कही थी तो ख़ुद उन्हें एतबार नहीं रहा होगा कि अगले मैच में उनकी टीम इस तरह का कमाल कर देगी.
वजह ये कि अगला मैच इस टूर्नामेंट की सबसे ताक़तवर टीम मेज़बान इंग्लैंड के साथ खेलना था. लेकिन जैसा कि कहा जाता है, पाकिस्तानी टीम किसी से भी हार सकती है और किसी को भी हरा सकती है.
सोमवार को यही हुआ. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 349 रनों का विशाल लक्ष्य रखा और फिर जब गेंदबाज़ी की बारी आई तो बल्लेबाज़ों से सजी इंग्लैंड टीम के सामने अंत तक संघर्ष करते हुए मैच जीत ही लिया.

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वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ महज़ 105 रन बनाए थे. इस पारी में उसके महज़ चार बल्लेबाज़ ही दहाई अंकों तक पहुंच सके थे. पूरी टीम 21.4 ओवर में पविलियन लौट गई.
इसकी वजह सरफ़राज़ ने शॉर्ट पिच गेंदों से निपटने में मुश्किल और बल्लेबाज़ों के ख़राब शॉट सेलेक्शन को ठहराया था. लेकिन इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों ने इन दोनों मोर्चों पर काफ़ी सुधार दिखाया.
इस मैच में पाकिस्तान के आठ बल्लेबाज़ों ने दहाई अंक में स्कोर बनाया.
टीम के सलामी बल्लेबाज़ों ने बेहतरीन शुरुआत दी और 14वें ओवर तक 82 रन बना लिए थे. इमाम उल-हक़ ने 44 और फ़ख़र ज़मान ने 36 रन बनाए.
इसके बाद बल्लेबाज़ी के लिए उतरे बाबर आज़म ने 63, मोहम्मद हफ़ीज़ ने 84 और सरफ़राज़ अहमद ने 55 रन बनाए. सबसे ख़ास बात है कि पाकिस्तान ने अपनी पूरी पारी में रन रेट नहीं गिरने दिया और अंतिम ओवरों में तेज़ी से रन बटोरकर लक्ष्य को काफ़ी मुश्किल बना दिया.
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इसके बाद गेंदबाज़ी में भी पाकिस्तान ने मैच काबू से बाहर नहीं जाने दिया. 12 पर पहली, 60 पर दूसरी, 86 पर तीसरी और 118 रन पर इंग्लैंड की चौथी विकेट गिरी. इसके बाद जो रूट और जोस बटलर के बीच लंबी साझेदारी हुई.
पांचवीं विकेट गिरी 248 रन पर और शतक बनाने के तुरंत बाद रूट को शदाब ख़ान ने मोहम्मद हफ़ीज़ के हाथों कैच करा दिया. लेकिन तब भी मैच ख़त्म नहीं हुआ था और इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले बटलर ने हमले जारी रखे.
बटलर ने इस मैच में शानदार पारी खेली और सिर्फ़ 76 गेंदों पर 103 रन बनाए. ये अंग्रेज़ी टीम की तरफ़ से वर्ल्ड कप का सबसे तेज़ शतक है.
45वें ओवर में इंग्लैंड 288 रनों तक पहुंच गया था और ऐसा लगने लगा था कि पाकिस्तान 348 रन बनाने के बावजूद हार जाएगा. लेकिन फिर आया टर्निंग पॉइंट.

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मोहम्मद आमिर की पिछली गेंद पर चौका बटोरने वाले बटलर उनकी अगली धीमी गेंद को समझ नहीं पाए और कैच थमा बैठे. जब बटलर आउट हुए तो इंग्लैंड को 61 रन चाहिए थे और इसके लिए टीम के पास 33 गेंदें थीं.
लेकिन जब बटलर रवाना हुए तो पाकिस्तानी गेंदबाज़ों ने मैच को हाथ से निकलने नहीं दिया. इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड ऐसी टीम है, जिसकी बल्लेबाज़ी काफ़ी गहरी मानी जाती है. लेकिन पाकिस्तानी टीम ने कोई कोताही नहीं बरती.
आख़िरकार नतीजा पाकिस्तान के पक्ष में गया और इंग्लैंड 50 ओवर में 334 रनों तक पहुंच सकी और 14 रनों से मैच हार गई.
'मैन ऑफ़ द मैच' जीतने वाले मोहम्मद हफ़ीज़ ने मैच के बाद कहा, ''इस जीत को हम मिस कर रहे थे. हम अच्छी क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन अहम मौक़ों को नहीं भुना पा रहे थे. पूरी टीम ने शानदार खेल दिखाया.''

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उन्होंने कहा, ''हमें अपनी गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग में सुधार करना है. हमें ड्रेसिंग रूम में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए ये जीत चाहिए थी और टीम के हर खिलाड़ी ने इस जीत में योगदान दिया.''
हफ़ीज़ ने कहा, ''काफ़ी लोग कह रहे थे कि इस पिच पर 400 रन बनाए जा सकते हैं लेकिन जब आप खेलने उतरते हैं तो पता चलता है कि वो कैसी है. हमें विश्वास था कि अगर हम 340 रनों तक पहुंच गए तो हमारे गेंदबाज़ ये स्कोर बचा सकते हैं. हमारे दिमाग़ में 340 रन ही थे.''
पहले और दूसरे मैच में क्या फ़र्क रहा?
इस पर हफ़ीज़ ने कहा, ''हार होती है, लेकिन फिर अहसास होता कि कुछ ग़लत हुआ. सभी लोगों ने ज़िम्मेदारी ली और ज़ज़्बा था कि हम अगले मैच में जीतकर आगे बढ़ेंगे.''
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