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आईपीएल 2019: क्या सरफ़राज़ और राहुल की बदौलत चेन्नई को मिली चौथी जीत?
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच खेले गए मैच में महेंद्र सिंह धोनी की टीम सीएसके ने पंजाब की टीम को 22 रन से हरा दिया है.
धोनी ने इस मैच में ऐसे समय में रनों की रफ्तार तेज़ की जब मैच पर पंजाब के गेंदबाज़ हावी थे. एक समय चेन्नई का स्कोर 13.4 ओवर के बाद तीन विकेट खोकर पूरे 100 रन था. विकेट पर कप्तान धोनी और अंबाती रायडू थे.
ऐसे में धोनी ने ठाना कि अब गेंदबाज़ो का दबाव समाप्त किया जाए. धोनी ने फ्रंटफुट पर खेलना शुरू किया और सबसे पहले पिछले मैच में दिल्ली के ख़िलाफ हैट्रिक लेने वाले सैम करेन की ख़बर ली.उन्होंने करेन की गेंदो को मिडविकेट और कवर बांउड्री के बाहर पहुंचाकर उनका सारा जोश ठंडा कर दिया.
दूसरी तरफ अंबाती रायडू का भी हौसला खुला और उन्होंने भी मोहम्मद शमी के अंतिम ओवर में खुलकर बल्लेबाज़ी की.
इस तरह धोनी के 23 गेंदों पर बनाए गए नाबाद 37 रन आखिरकार गेम चेंजर साबित हुए लेकिन इसके बावजूद सोशल मीडिया पर लोग इस जीत के लिए विपक्षी टीम के बल्लेबाज़ केएल राहुल और सरफ़राज़ को श्रेय दे रहे है.
सोशल मीडिया पर केएल राहुल का मज़ाक
इस मैच में किंग्स इलेवन पंजाब के सामने जीत के लिए 161 रनों का लक्ष्य था, लकिन वह निर्धारित 20 ओवर खेलकर पांच विकेट खोकर 138 रन ही बना सकी.
पंजाब के सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल ने 55 और सरफ़राज़ खान ने 67 रन बनाए लेकिन बाकि कोई भी बल्लेबाज़ चेन्नई के गेंदबाज़ो का खुलकर सामना नही कर सका.
ट्विटर यूज़र इमरान मलिक लिखते हैं कि जब के एल राहुल और सरफ़राज़ मैदान पर खेल रहे थे तो उनकी कुछ इस तरह की प्रतिक्रिया थी.
चेन्नई के कप्तान धोनी ने एक बॉल में के एल राहुल को रन आउट करने की कोशिश भी की लेकिन गिल्लियां उड़ नहीं सकीं जिससे उन्हें एक जीवनदान मिल गया.
ट्विटर यूज़र 'चौकीदार पंकज' ने लिखा है, "के एल राहुल और सरफ़राज़ को तलाशते हुए आर अश्विन."
चेन्नई के बेहद अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह ने केवल 17 रन देकर दो और स्कॉट कुगलेन ने भी 37 रन देकर दो विकेट हासिल किए.
जीत के बाद धोनी ने कहा कि जीत के लिए 160 रन काफी नही थे लेकिन हरभजन सिंह ने शुरूआत में ही दो विकेट लेकर काम आसान कर दिया.
हालांकि, सुमित मिश्रा नाम के ट्विटर यूज़र लिखते हैं, "ये स्पिनर्स की जीत नहीं बल्कि के एल राहुल और सरफ़राज़ की शानदार जोड़ी की करामात है जिसकी वजह से किंग्स इलेवन पंजाब को अपनी दूसरी हार मिली."
वहीं, कुछ ट्विटर यूज़र्स इस मैच के फ़िक्स होने की बात भी कर रहे हैं.
मनदीप बरार ट्विटर पर लिखते हैं, "मेरे मुताबिक़, इस मैच में फ़िक्स होने के सारे लक्षण मौजूद हैं. दोनों ही बल्लेबाज़ों (राहुल और सरफ़राज़) ने कभी भी स्कोर बढ़ाने की कोशिश नहीं की. इसकी जांच होनी चाहिए."
हरभजन ने दिखाया जादू
अपने ही घर में खेलते हुए स्पिन के मददगार विकेट पर धोनी जानते है कि सूखे विकेट पर अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह ख़तरनाक साबित होते है.
धोनी का निर्णय तब सही साबित हुआ जब हरभजन सिंह ने अपने पहले और पंजाब की पारी के दूसरे ही ओवर में चौथी गेंद पर पहले तो महाकाय बल्लेबाज़ क्रिस गेल को स्टंप कराया और उसके बाद आखिरी गेंद पर मयंक अग्रवाल को भी फॉफ डू प्लेसी के हाथों कैच कराकर चलता किया.
इन शुरूआती झटकों से पंजाब पूरे मैच में नही उभर सकी.
गेल पांच रन बना सके तो मयंक अग्रवाल का तो खाता तक नही खुला.
फॉफ डू प्लेसी की ज़ोरदार पारी
चेन्नई में रन बनाना आसान नही होता क्योंकि उसका विकेट बेहद सूखा होता है जिससे तेज़ गेंदबाज़ो को ना तो स्विंग मिलता है और ना ही उछाल.
ऐसे विकेट पर स्पिनर को भी ख़ुद मालूम नही होता कि गेंद कितना घूमेगी तो बल्लेबाज़ को क्या पता होगा.
ऐसे विकेट पर फॉफ की 38 गेंदों पर दो चौके और चार छक्कों के सहारे बनाए गए 54 रनों की पारी इस मैच की दूसरी सबसे बड़ी पारी साबित हुई.
उनसे अधिक केवल एक रन यानि 55 रन पंजाब के केएल राहुल ने बनाए.
तीन स्पिनर के साथ खेलना सही रणनीति
चेन्नई की विकेट की रग-रग से कप्तान धोनी तो वाकिफ़ है ही साथ ही इमरान ताहिर, हरभजन सिंह और रविंद्र जडेजा भी जानते है कि कहां गेंद की जाए.
हरभजन सिंह ने चार ओवर में 17, ताहिर ने 20 और जडेजा ने 24 रन देकर पंजाब के बल्लेबाज़ो को बांधा रखा.
अब भला तीन गेंदबाज़ मिलकर 12 ओवर में केवल 61 रन दे तो परिणाम में टीम तो जीतेगी ही.
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