याद रहेगा विराट कोहली का ये जवाब

विराट कोहली

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भारतीय कप्तान विराट कोहली को 2018 के जनवरी महीने की तीन तारीखें लंबे अर्से तक याद रहेंगी.

5 जनवरी 2018- घरेलू जमीन पर 2017 में धूम मचाने के बाद दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम दक्षिण अफ्रीका में नया इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरी.

17 जनवरी 2018- पहला टेस्ट सिर्फ़ 4 दिन में गंवाने के बाद विराट कोहली की टीम सेंचुरियन के मैदान में भी नंबर एक की रैंकिंग से इंसाफ नहीं कर सकी और दूसरे टेस्ट में उसे 135 रन से हार झेलनी पड़ी

27 जनवरी 2018- भारतीय कोच रवि शास्त्री के शब्दों में "फ़ायर विद फ़ायर" यानी आग का जवाब आग से देते हुए भारतीय टीम ने तीसरे टेस्ट में अफ्रीकी मेजबानों को तीसरे टेस्ट में चौथे ही दिन 63 रन से हरा दिया.

जीत से खुश कप्तान कोहली ने मैच के तुरंत बाद भविष्यवाणी कर दी, "मुझे यकीन है कि हम घर के बाहर और ज्यादा जीत सकते हैं."

कोहली के लिए ये जीत ख़ास मायने रखती है. दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ उनका बल्ला लगातार चल रहा था. तीन मैचों में एक शतक और 47.66 के औसत से 286 रन बनाकर वो टीम के टॉप स्कोरर थे.

लेकिन पहले दो टेस्ट मैचों में करारी हार के बाद उनकी कप्तानी सवालों के घेरे में थी. चयन और मैदान पर लिए गए उनके फ़ैसलों पर सवाल उठाए जा रहे थे.

कोहली

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बदले फैसले

जोहानिसबर्ग में खेले गए तीसरे टेस्ट में भी जब भारतीय टीम पहली पारी में 187 रन पर ढेर हो गई तो टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने के फ़ैसले पर सवाल उठा.

कोहली ने मैच के बाद जवाब दिया. उन्होंने कहा, "हमने चुनौती ठानी. पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला कई लोगों को नहीं सुहाया लेकिन हम जानते थे कि ये सही फ़ैसला था."

ऐसा नहीं है कि कोहली ने फ़ैसले सिर्फ ज़िद में लिए हों. तीसरे टेस्ट में कुछ फ़ैसले ऐसे भी थे जिनकी सलाह आलोचक दे रहे थे.

  • पहले दो मैच में बाहर रहे अजिंक्य रहाणे को प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई
  • रहाणे ने मुश्किल हालात के बीच दूसरी पारी में 48 रन बनाकर चयन को सही साबित किया
  • दूसरे मैच में बाहर बिठा दिए गए भुवनेश्वर कुमार को तीसरे मैच में खिलाया गया
  • भुवनेश्वर ने पहली पारी में 30 और दूसरी पारी में 33 रन बनाए
  • भुवनेश्वर ने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में एक विकेट भी लिया

बतौर बल्लेबाज़ शानदार फॉर्म और तीसरे टेस्ट के ठीक पहले आईसीसी की ओर से 'प्लेयर ऑफ द ईयर' और 'वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर' पुरस्कार मिलने से भी कोहली का भरोसा आसमान पर था.

जैसा कि मैच के बाद उन्होंने कहा, "हम जानते थे के पहले दो मैचों में भी हम करीब थे."

रवि शास्त्री

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पिचक गई दक्षिण अफ्रीका

हालांकि, तीसरा टेस्ट मैच भी एक वक्त भारतीय टीम के हाथ से निकलता दिख रहा था. डीन एल्गर और हाशिम अमला दूसरे विकेट के लिए 119 रन जोड़ चुके थे. लेकिन भारतीय टीम अपने गेमप्लान को लेकर आश्वस्त थी.

मैच के बाद कोच रवि शास्त्री ने कहा, " हम जानते थे अंडर प्रेशर साउथ अफ्रीका टीम बहुत जल्दी पिचकती है, आज फिर वो दिखा "

कप्तान कोहली को भी ऐसा ही यकीन था, "एल्गर और अमला बहुत अच्छा खेले, लेकिन मैं एक चीज़ जानता था कि जब विकेट गिरेंगे और दवाब बनेगा तब वापसी करना बहुत मुश्किल होगा. "

कोहली की टीम की इस जीत को कोच शास्त्री भारत की अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट जीत में शुमार कर रहे हैं. वो कहते हैं, "मैं काफी क्रिकेट देख चुका हूं ये हमारी सबसे साहसिक जीतों में शुमार होगी."

तारीख को यादगार बना चुकी कोहली की टीम आखिरी टेस्ट पास करने में कामयाब रही लेकिन इम्तिहान ख़त्म नहीं हुआ. अब सामने है वनडे की चुनौती. जहां दक्षिण अफ्रीका पहले और भारतीय टीम दूसरे पायदान पर है.

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