कोहली को छकाने वाले के पैर में हैं गोली के छर्रे

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वो कहते हैं ना कि हारकर जीतने वाले को ही बाजीगर कहते हैं...श्रीलंका के घातक गेंदबाज़ सुरंगा लकमल की कहानी भी कुछ ऐसी है.
कोलकाता के ईडन गार्डन में भारत के ख़िलाफ़ टेस्ट मुक़ाबले के पहले दिन का उनका गेंदबाज़ी विश्लेषण देखिए 6-6-0-3.
छह ओवर में बिना कोई रन दिए उन्होंने भारत के तीन बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेज दिया.
लकमल ने मैच की पहली ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज़ लोकेश राहुल को पवेलियन भेजा, राहुल खाता भी नहीं खोल सके थे.
उन्होंने दूसरी बार मैच की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया है. टेस्ट मैच की पहली गेंद विकेट चटकाने वाले वो श्रीलंका के एकमात्र गेंदबाज हैं. इसके बाद लकमल ने शिखर धवन और विराट कोहली को भी चलता कर दिया.
पाकिस्तान के लाहौर में हमला
लेकिन लकमल की कहानी यहीं से शुरू नहीं होती, ये कहानी पाकिस्तान के प्रमुख शहर लाहौर में श्रीलंकाई टीम पर चरमपंथी हमले के साथ शुरू होती है.
3 मार्च 2009 को पाकिस्तान के साथ जारी टेस्ट मैच खेल रही श्रीलंका टीम पर मैच के तीसरे दिन गद्दाफ़ी स्टेडियम के नज़दीक चरमपंथी हमला हुआ.
इस हमले में श्रीलंका के कई ख़िलाड़ी घायल हुए. सुरंगा लकमल उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं.

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श्रीलंका की वर्तमान टीम में लकमल सिर्फ़ एक ऐसे ख़िलाड़ी हैं जो उस हमले में घायल हुए थे.
आज भी जिंदा हैं उस हमले के घाव
सुरंगा लकमल उस हमले की याद करके आज भी कांप उठते हैं. जब भी लकमल किसी एयरपोर्ट में मेटल डिटेक्टर से गुजरते हैं तो बीप की आवाज़ें आना शुरू हो जाती हैं.
इसकी वजह लकमल के पैर में फंसे हुए गोलियों के छर्रे हैं जो उन्हें चरमपंथी हमले के दौरान लगी थीं.
ऐसे में जब भी सुरक्षा अधिकारी उन्हें मेटल डिटेक्टर पर रोकते हैं तो उनके मैनेजर को सामने आकर पूरी कहानी बयां करनी पड़ती है.
डेली मेल को दिए इंटरव्यू में लकमल ने कहा था, "मैं आज भी जब मेटल डिटेक्टर से गुजरता हूं तो सिक्योरिटी वाले मुझे रोक लेते हैं जिसके बाद मैनेजर को आकर मेरी मदद करनी होती है. मैंने अपने पैर से छर्रा इसलिए नहीं निकलवाया क्योंकि इसके बाद उपचार होने में काफी समय लगेगा जिससे क्रिकेट में मेरा काफी वक्त खराब हो जाएगा."

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लकमल आगे कहते हैं, "ये मेरा श्रीलंका टीम के साथ पहला विदेशी दौरा था. मुझे उस दिन के बारे में बात करना पसंद नहीं है क्योंकि मानसिक रूप से मुझे काफ़ी कष्ट हुआ था. हम मर सकते थे. लेकिन हम खुशकिस्मत रहे और भगवान बुद्ध ने हमें बचा लिया."
"ये कुछ ऐसा था कि हम बिना हथियारों के युद्ध के मैदान पर पहुंच गए हों. आप बस के अंदर हों और बाहर से चार लोग आप पर गोलियां बरसा रहे हों. आप पर निशाना लगाना बिलकुल आसान था. इस हमले में एक छर्रा मेरे बाएं पैर में घुस गया. डॉक्टरों ने इसका इलाज़ कराने से मना किया है. ये छर्रा अभी भी मेरे पैर में ही है."
भारत से ही हुई थी शुरुआत
कोलकाता टेस्ट से पहले 30 साल के लकमल ने अब तक सिर्फ़ 39 टेस्ट खेले हैं जिनमें उन्होंने 88 विकेट लिए हैं. वनडे मैचों में लकमल ने 67 मैचों में 90 विकेट हासिल किए हैं.

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भारत के साथ पहले दिन के मैच में बिना रन दिए तीन विकेट चटकाने के बाद लकमल ने अपनी कहानी में एक बार फ़िर रंग भर दिए हैं.
टीम इंडिया के ख़िलाफ घातक गेंदबाजी, जिसे स्पैल फ्रॉम हैल भी कहा जा रहा है, के साथ ऑस्ट्रेलिया के रिची बेनो के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.
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