वो एक स्पैल जिसने भारत को कहीं का ना छोड़ा..

मोहम्मद आमिर

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    • Author, प्रदीप कुमार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के फ़ाइनल में भारत के सामने जीत के लिए 339 रन का लक्ष्य था. रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी से जोरदार शुरुआत की उम्मीद थी.

लेकिन पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आमिर के इरादे दूसरे थे. सेमीफ़ाइनल मुक़ाबले में चोट की वजह से नहीं खेलने वाले आमिर इस मुक़ाबले के लिए ना केवल फ़िट होकर लौटे बल्कि उन्होंने अपने दम पर भारत को घुटनों पर ला दिया.

25 साल के आमिर ने अपने पहले ही ओवर में भारत के स्टार बल्लेबाज़ रोहित शर्मा को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. इसके बाद अपने दूसरे ओवर में उन्होंने ऑफ़ स्टंप के बाहर विराट कोहली को चकमा दिया, हालांकि कोहली का कैच अज़हर अली ने टपका दिया.

लेकिन अगली ही गेंद पर आमिर ने विराट कोहली को ऑफ़ स्टंप के बाहर हवा में खेलने पर मज़बूर कर दिया, विराट कोहली महज पांच रन बनाकर पवेलियन लौट गए. तीन ओवर की समाप्ति के बाद भारत का स्कोर दो विकेट पर सात रन हो गया.

लेकिन आमिर यहीं नहीं रूके, उन्होंने लय हासिल करने की कोशिश में जुटे शिखर धवन को विकेट के पीछे लपकवा दिया. टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 338 रन बनाने वाले शिखर धवन इस पारी में महज 21 रन बना सके. भारत ने 33 रन पर अपने तीन विकेट गंवा दिए.

मोहम्मद आमिर

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मोहम्मद आमिर ने अपने इस स्पैल में छह ओवर में दो ओवर मेडन रखते हुए 16 रन देकर तीन विकेट चटकाए. उन्होंने इस स्पैल वो कर दिखाया जिसके चलते उन्हें दूसरे स्पैल में गेंदबाज़ी के लिए आने की ज़रूरत ही नहीं पड़ी.

मोहम्मद आमिर वही गेंदबाज़ हैं जिन्हें 2011 में स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में पांच साल की पाबंदी लगाई गई थी, 2016 में उन्होंने क्रिकेट के मैदान में वापसी की. उसी इंग्लैंड में उन्होंने अपने करियर की बेहतरीन गेंदबाज़ी की, जहां उन पर फ़िक्सिंग का दाग़ लगा था.

मोहम्मद आमिर ने जो शुरुआत दी, उसे हसन अली ने अंजाम तक पहुंचाया. दाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज़ हसन अली ने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा 13 विकेट चटकाए.

हसन अली

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फ़ाइनल मुक़ाबले में उन्होंने 6.2 ओवरों की गेंदबाज़ी करते हुए महज 19 रन देकर तीन विकेट लिए. उन्होंने सबसे पहले एमएस धोनी को पवेलियन भेजा. इसके बाद आर अश्विन और जसप्रीत बूमराह को उन्होंने अपना शिकार बनाया.

इन दो तेज़ गेंदबाज़ों के मिशन में 18 साल के लेग ब्रेक स्पिनर शादाब ख़ान की भूमिका भी अहम रही. भारत के ख़िलाफ़ वे थोड़े महंगे ज़रूर रहे, लेकिन पहले उन्होंने युवराज सिंह को ख़तरनाक बनने से पहले पवेलियन भेजा और उसके बाद केदार जाधव को आउट रही सही उम्मीदों पर पानी फेर दिया.

शादाब ख़ान

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मोहम्मद आमिर की तेज़ी, हसन अली की स्विंग और शादाब ख़ान की फिरकी ने टीम इंडिया का बोरिया बिस्तर महज 158 रनों पर बांध दिया. भारत 180 रनों से हार गया, ये किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के फ़ाइनल में रनों के हिसाब से सबसे बड़ी हार है.

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