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क्या भारत के ख़िलाफ़ उलटफेर कर सकता है बांग्लादेश?
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
भारत अपनी ज़मीन पर पहली बार बांग्लादेश के खिलाफ गुरुवार को हैदराबाद में टेस्ट मैच खेलने जा रहा है. दोनों देशों के बीच अभी एक मैच ही खेला जाएगा.
इससे पहले दोनों पड़ोसी एक दूसरे के खिलाफ आठ टेस्ट मैच खेले चुके हैं. भारत ने छह मैच जीते जबकि दो टेस्ट मैच ड्रॉ रहे.
भारत ने इससे पहले विराट कोहली की ही कप्तानी में साल 2015 में बांग्लादेश में टेस्ट मैच खेला था. उस वक्त भी दोनों देशों के बीच एक ही टेस्ट खेला गया था.
यह मैच बारिश की वजह से ड्रॉ हो गया था.
वैसे तो विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय बल्लेबाज़ी बेहद दमदार है, लेकिन सलामी जोड़ी में निरंतरता नही दिखती.
केएल राहुल ने इंग्लैंड के ख़िलाफ चेन्नई में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में 199 रन बनाए लेकिन उससे पहले वह रनों के लिए संघर्ष कर रहे थे.
यही हाल उनके जोड़ीदार मुरली विजय का भी है. उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ पहले टेस्ट मैच में 126 रनों की शतकीय पारी खेली.
उसके बाद उन्होंने चौथे टेस्ट मैच में 136 रन बनाकर वापसी की. पिछले साल ज़बरदस्त फॉर्म में रहे कप्तान विराट कोहली ने साल का तीसरा दोहरा शतक जमाते हुए इंग्लैंड के ख़िलाफ मुंबई में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में 235 रन बनाए.
चेतेश्वर पुजारा ने भी अपना दमख़म दिखाते हुए इंग्लैंड के ख़िलाफ दो शतक बनाए थे. इतना ही नही पुछल्ले बल्लेबाज़ो में आर अश्विन और रवींद्र जडेजा ने भी तब पारी को संभाला जब वह ढहती दिखाई दी.
गेंदबाज़ी में भी भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी जैसे तेज़ गेंदबाज़ो में से जिसे भी अवसर मिला उसने उसका फ़ायदा उठाया. आर अश्विन और रवींद्र जडेजा के साथ-साथ जयंत यादव ने भी बेहतरीन स्पिन गेंदबाज़ी की.
दूसरी तरफ बांग्लादेश ने पिछले दिनों इंग्लैंड टेस्ट मैच में हराया था.
इसके बाद भले ही वह न्यूज़ीलैंड से दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ हारे लेकिन पहले टेस्ट मैच में उन्होंने कमाल का खेल दिखाया.
बांग्लादेश ने वेलिंग्टन में खेले गए पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में आठ विकेट पर 595 रन बनाए थे.
इसके बावजूद वह सात विकेट से हार गया. क्योंकि दूसरी पारी में बांग्लादेश की टीम केवल 160 रन पर सिमट गई और बस यही उसकी सबसे बड़ी कमी है.
दरअसल उनके खेल पर एकदिवसीय क्रिकेट का असर अधिक है. धैर्य की कमी उन्हें टेस्ट मैच में आगे बढ़ने से रोक रही है.
इसके बावजूद बांग्लादेश के पास अनुभवी खिलाड़ियों की कोई कमी नही है. कप्तान मुश्फ़िक़ुर रहमान 51 टेस्ट मैचों में चार शतक जमा चुके हैं. ऑलराउंडर साकिब अल हसन तो आईपीएल में खेलने का अनुभव भी रखते हैं.
उन्होंने तो न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ 217 रनों की पारी भी खेली. इनके अलावा सलामी बल्लेबाज़ सौम्य सरकार, तमीम इक़बाल और महमूदुल्लाह भी बड़ी पारी खेल सकते हैं.
गेंदबाज़ी में बांग्लादेश को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उसके तेज़ गेंदबाज़ मुस्तफ़िज़ूर रहमान चोट के कारण पहले ही टीम से बाहर हो गए.
बांग्लादेश ने अपना पहला टेस्ट मैच भी भारत के ही ख़िलाफ साल 2000 में खेला था. तब बांग्लादेश पहली पारी में 400 रन बनाने के बावजूद दूसरी पारी में केवल 91 रन पर सिमटने के कारण भारत से नौ विकेट से हारा था.
मैच से पहले भारत के कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि हम जानते हैं कि उनमें कितनी योग्यता और क्षमता है. हम विपक्ष पर अधिक ध्यान नही देंगे. हम अपने अनुशासन के साथ आगे बढेंगे.
अब देखना है कि पिछले दिनों अपनी ज़मीन पर न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड को हराने वाली भारतीय टीम को बांग्लादेश रोक पाता है या नही. दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सीरिज़ से पहले भारत के लिए हाथ खोलने का यह सुनहरा अवसर है.
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