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10 साल बाद हुई ऐसी रनों की बरसात
- Author, दिनेश उप्रेती
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत और इंग्लैंड के बीच तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में क्या रहा ख़ास. इस सवाल का जवाब किसी के लिए भी देना आसान है....रनों की बरसात.
विकेट चाहे पुणे का रहा हो, कटक का या फिर कोलकाता के मशहूर इडेन गार्डेन का, सभी जगह बल्लेबाज़ों ने जमकर रन कूटे.
चौके, छक्कों की ऐसी झड़ी लगी कि चाहे तेज़ गेंदबाज़ हों या फिरकी गेंदबाज़, सभी पर कहर टूटा.
तीन मैचों की सिरीज़ में कुल जमा 2090 रन बने और अब तक के क्रिकेट इतिहास में तीन मैचों की सिरीज़ का ये सबसे बड़ा जोड़ है.
इससे पहले साल 2007 में एफ्रो-एशिया कप में तीन वनडे मुक़ाबलों में 1892 रन बने थे.
सिरीज़ के पहले मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 350 रन बनाए थे.
जवाब में भारत ने विराट कोहली (122) और केदार जाधव (120) की शतकीय पारियों की बदौलत मैच 48.1 ओवरों में 7 विकेट खोकर 356 रन बना दिए.
कटक में दूसरे वनडे मुक़ाबले में पहले खेलने की बारी भारत की थी और मेजबान टीम ने युवराज सिंह (150) और महेंद्र सिंह धोनी (134) की पारियों के दम पर 381 रन बना डाले.
इंग्लैंड के बल्लेबाज़ भी आसानी से हार मानने वाले नहीं थे और जेसन रॉय (82) और कप्तान इयॉन मोर्गन (102) ने 50 ओवरों में 8 विकेट पर 366 रन बना दिए.
तीसरे और आखिरी वनडे में कोलकाता में सिरीज़ का सबसे रोमांचक मैच खेला गया.
यहाँ इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 8 विकेट पर 321 रन बनाए, लेकिन भारत 50 ओवरों में जीत से 6 रन दूर रह गया.
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