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बड़ी उम्र में भी है यौनरोगों का ख़तरा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक ताज़ा शोध में कहा गया है कि साथी का इतिहास जाने बिना यौन संबंधों में कंडोम का इस्तेमाल नहीं करने के कारण पचास से ऊपर की उम्र वाले लोग ख़ुद को यौन संक्रमण के "ख़तरे" में ढकेल रहे हैं. शोध का कहना है कि सर्वेक्षण में शामिल हर दस में एक आदमी ने क़बूल किया कि अपने साथी के यौन इतिहास की जानकारी नहीं रहते हुए भी उन्होंने संक्रमण से बचाव के लिए कंडोम का उपयोग नहीं किया. यौन संबंध से होने वाला संक्रमण (एसटीआई) आम तौर हर उम्र वर्ग में दिख रहा है. इसमें पचास की उम्र पार कर चुके लोग भी शामिल हैं. "सागा" पत्रिका ने इस सर्वेक्षण में पचास साल से ज़्यादा उम्र के क़रीब आठ हज़ार लोगों से पूछताछ की. सर्वेक्षण में इन लोगों के सामान्य स्वास्थ्य के अलावा उनकी यौन ज़िंदगी की भी परख की गई. पत्रिका की संपादक एम्मा सोम्स कहती हैं, "आम मान्यता है कि यौन संक्रमण का ख़तरा युवाओं को है. पचास से ऊपर वाले आमतौर पर गर्भनिरोधक उपाय नहीं करते क्योंकि उन्हें असुरक्षित यौन संबंध बनाने में कोई ख़राबी नज़र नहीं आती." बढ़ते मामले स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यौन संबंधों से फैल रहे संक्रमण के मामले सभी उम्र के लोगों में बढ़े हैं. एजेंसी की एसटीआई शाखा के प्रमुख ग्वेंडा हग्स कहते हैं, "हो सकता है कि ज़्यादा उम्र के लोगों में इस बात को लेकर कम जागरूकता हो कि उन्हें एसटीआई का ख़तरा है."
ग्वेंडा हग्स कहते हैं, "आपकी उम्र कितनी भी क्यों न हो, अगर आप नई साथी से संबंध बना रहे हैं और कंडोम का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो आपको संक्रमण हो सकता है." पत्रिका के अध्ययन में शामिल किए गए 65 फ़ीसदी लोग यौन संबंधों को लेकर सक्रिय मिले. क़रीब-क़रीब आधे लोगों ने कहा कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार ज़रूर यौन संबंध क़ायम करते हैं. संपादक सोम्स कहती हैं, "बड़ी उम्र में लोग सेक्स कर रहे हैं और कोई शक नहीं कि इसमें वियाग्रा की अहम भूमिका है." सोम्स कहती हैं, "यौन क्षमता बढ़ाने में मददगार दवाओं का इस्तेमाल कई लोगों की ज़िंदगी में शामिल हो गया है. कई जोड़ियों में यह लंबे समय तक यौन संबंध बनाने की आकांक्षा पूरी कर रहा है." सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई कि पचास से ज़्यादा उम्र वालों में सेक्स का स्तर बेहतर था. कम दबाव सर्वेक्षण में शामिल 85 फ़ीसदी लोगों ने कहा कि पचास साल की उम्र के बाद सेक्स कम तनाव देता है जबकि 70 फ़ीसदी लोग इसे जवानी के दिनों से ज्यादा संतुष्टि देने वाला मानते हैं.
पत्रिका का कहना है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि उम्र के उस दौर में लोग कम से कम तनाव और शरीर से सुविधाजनक महसूस करना चाहते हैं. हालाँकि बड़ी उम्र में लोग यौवन के दिनों से कम सेक्स करते हैं. 84 फ़ीसदी लोगों ने कहा कि 20 और 30 साल की उम्र की तुलना में पचास के बाद वे यौन संबंध कम बनाते हैं. सोम्स कहती हैं, "संख्या कोई मामला ही नहीं है. वे स्तरीय संबंध का आनंद ले रहे हैं." सर्वेक्षण में ऊपर के दो सामाजिक-आर्थिक समूह के लोगों को शामिल किया गया था और इनमें 75 फ़ीसदी शादीशुदा थे. | इससे जुड़ी ख़बरें यौन संबंधों में आड़े नहीं आ रहा बुढ़ापा23 अगस्त, 2007 | विज्ञान मकड़ी के ज़हर से सेक्स में बेहतरी!04 मई, 2007 | विज्ञान पैच बढ़ा सकता है सेक्स की चाहत27 मार्च, 2007 | विज्ञान सृजनशील लोगों पर बरसता है प्यार30 नवंबर, 2005 | विज्ञान एचआईवी पीड़ितों की संख्या पर चिंता02 जून, 2005 | विज्ञान भारत का पहला एचआईवी मैरिज ब्यूरो31 मई, 2005 | विज्ञान भारत में एड्स 'नियंत्रण से बाहर'19 अप्रैल, 2005 | विज्ञान अनचाही ईमेल से वायग्रा की बिक्री रूकेगी05 अगस्त, 2004 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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