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पैच बढ़ा सकता है सेक्स की चाहत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समय से पहले मेनोपॉज़ की वजह से अक्सर महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है लेकिन अब इंटरिन्सा नाम का ऐसा पैच आ रहा है जो उनकी इस समस्या को दूर करने में मदद करेगा. इंटरिन्सा को महिलाओं के पेट पर बाँधने के बाद इसमें से काफ़ी कम मात्रा में सेक्स हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन शरीर के अंदर जाएगा और सेक्स की इच्छा को जागृत करने का काम करेगा. महिलाओं में सेक्स की इच्छा को बढ़ाने के लिए यह अपनी तरह का पहला उपचार है लेकिन इसे बनाने वाली कंपनी प्रॉक्टर एंड गैम्बल का कहना है कि इसे महिलाओं का वायग्रा नहीं समझा जाना चाहिए. सर्जरी की वजह से जिन महिलाओं में समय से पहले ही मेनोपॉज़ यानी रजोनिवृत्ति हो जाती है उनके लिए ब्रिटेन में डॉक्टर की सलाह पर पहली अप्रैल से राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना के तहत यह पैच उपलब्ध होगा. डॉक्टरों का कहना है कि यह महिलाओं में यौन इच्छा को बढ़ाने का कोई फौरी उपाय नहीं है यह बस उपचार का एक हिस्सा है. असर समय से पहले मेनोपॉज़ की समस्या से ग्रस्त महिलाओं की सहायता करने वाले डेज़ी नेटवर्क के डॉक्टर निक पैनेय कहते हैं," इससे महिलाएं काफ़ी परेशान रहने के साथ ही अपने संबंधों को लेकर चिंतित भी रहती हैं.'' उनके अनुसार, '' इंटरिन्सा ऐसी महिलाओं के लिए उम्मीद की किरण है. अध्ययन से यह बात सामने आई है कि यह सेक्स की इच्छा को बढ़ाता है और उन्हें परेशानी से निजात दिलाता है.'' हालांकि प्रॉक्टर एंड गैम्बल का कहना है कि महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम होने जैसी जटिल समस्या को केवल एक दवा भर से दूर नहीं किया जा सकता है. रॉयल कॉलेज के डॉक्टर जिम केनेडी का कहना है कि महिलाओं में सेक्स की इच्छा कम होने की कई वजह हो सकती है जैसे कि मनोवैज्ञानिक कारण और जिस माहौल में रहती हैं उसका प्रभाव. वे कहते हैं," डॉक्टर इन सारे पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं." | इससे जुड़ी ख़बरें असली मर्द की पहचान क्या है?16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'महिलाओं में कारगर नहीं है वायग्रा'29 फ़रवरी, 2004 | विज्ञान वायग्रा को टक्कर देगी लेविट्रा20 अगस्त, 2003 | विज्ञान बीमारी 'बनाओ', दवा बेचो03 जनवरी, 2003 | पहला पन्ना पुरुषों में भी 'मेनोपॉज़' ? 29 दिसंबरजनवरी, 2002 | पहला पन्ना वायग्रा को सस्ता बनाने की तरकीब15 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना पांडा पर बेअसर वायग्रा10 सितंबर, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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