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'महिलाओं में कारगर नहीं है वायग्रा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दवा कंपनी फ़ाइज़र ने कहा है कि उसके परीक्षणों में इस बात के पक्के सबूत नहीं मिले हैं कि वायग्रा महिलाओं में कामोत्तेजना बढ़ाने में सहायक होती है. कंपनी ने कहा है कि उसे आठ साल के परीक्षणों के बाद यह जान कर निराशा हुई है महिलाओं के यौन रोगों के उपचार में वायग्रा उपयोगी नहीं है. फ़ाइज़र ने कहा है कि वह अमरीका के में वायग्रा महिलाओं को उपलब्ध कराने संबंधी लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करेगा. उल्लेखनीय है कि पुरुषों की सेक्स संबंधी समस्या 'एरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन' के इलाज़ में सबसे लोकप्रिय दवा वायग्रा ही है. फ़ाइज़र ने कहा है कि उसके वैज्ञानिकों वायग्रा को लेकर कोई 3,000 महिलाओं पर प्रयोग कर रहे थे. यह प्रयोग पिछले आठ साल से जारी था. कंपनी के अनुसार वैसे तो महिलाओं में वायग्रा का कोई दुष्प्रभाव नहीं देखा गया, लेकिन इसके असर का भी कोई स्पष्ट सबूत हाथ नहीं लगा है. फ़ाइज़र के प्रमुख करेन केटन ने कहा, "महिलाओं में यौन उत्तेजना संबंधी गड़बड़ियों के बारे में हमारा अनुसंधान ज़्यादा सफल नहीं रहा. दवाओं के विकास के क्रम में इस तरह की नाकामी की आशंका रहती है." कंपनी ने कहा है कि वह महिलाओं की इस समस्या के उपचार के अन्य तरीक़ों पर काम कर रही है. उल्लेखनीय है कि वायग्रा फ़ाइज़र की सबसे लोकप्रिय दवाओं में से है. कंपनी हर साल दो अरब डॉलर से ज़्यादा का वायग्रा बेचती है. वर्ष 1998 में बाज़ार में उतारे जाने के बाद से दो करोड़ 30 लाख से ज़्यादा पुरुषों को वायग्रा खाने की डॉक्टरी सलाह दी जा चुकी है. |
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