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मकड़ी के ज़हर से सेक्स में बेहतरी! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्राज़ीली और अमरीकी वैज्ञानिक इस संभावना पर शोध कर रहे हैं कि क्या मकड़ी के ज़हर को पुरुषों की नपुंसकता दूर करने के लिए इलाज के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इन वैज्ञानिकों ने इस संभावना पर दो साल पहले तब शोध करना शुरू किया जब इस तरह की ख़बरें आईं कि एक व्यक्ति को जब मकड़ी ने काट लिया था तो उसे काफ़ी लंबी अवधि तक लेकिन दर्द भरी उत्तेजना हुई थी. दो साल के शोध में पाया गया है कि मकड़ी के ज़हर या तरल पदार्थ में Tx2-6 नामक रसायन पाया जाता है जो पुरुषों में उत्तेजना बढ़ाता है. अमरीका के जियोर्जिया कॉलेज में हुए इस शोध के पूरे नतीजे एक महीने में आने की संभावना जताई जा रही है. इस पदार्थ को पुरुषों में आज़माने से पहले अमरीका में अभी इस क्षेत्र में और ज़्यादा शोध किए जा रहे हैं. फिलहाल कुछ पशुओं पर इसे आज़माया गया जो काफ़ी सफल रहा यानी पशुओं में इसके प्रयोग से यौन उत्तेजना में बढ़ोत्तरी देखी गई. कहा जाता है कि ब्राज़ील में पाई जाने वाली मकड़ी बहुत ज़हरीली होती है और कुछ मामलों में तो इसका ज़हर जानलेवा साबित हो सकता है. ब्राज़ीली और अमरीकी शोधकर्ताओं ने कुछ ऐसे लोगों से पूछताछ की जिन्होंने दावा किया था कि मकड़ी के काटे जाने के बाद उनके यौन जीवन में काफ़ी सुधार आया था. अभी तक तो वैज्ञानिकों का मानना है कि यौन उत्तेजना बढ़ाने के लिए फिलहाल बाज़ार में उपलब्ध वियाग्रा जैसी दवाइयों को अगर मकड़ी के तरल पदार्थ में मिलाकर इस्तेमाल किया जाए तो शायद और बेहतर परिणाम मिल सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पैच बढ़ा सकता है सेक्स की चाहत27 मार्च, 2007 | विज्ञान मकड़ी के आतंक के जाल में ऑस्ट्रिया 07 अगस्त, 2006 | विज्ञान असली मर्द की पहचान क्या है?16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लिंग परिवर्तन से परहेज़ नहीं18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस लंदन में बना एक अलग सा पार्क24 मई, 2006 | पहला पन्ना सिर्फ़ एक झलक तोड़ सकती है ध्यान20 अप्रैल, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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