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अनचाही ईमेल से वायग्रा की बिक्री रूकेगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दवा कंपनी फ़ाइज़र ने इंटरनेट पर जेनेरिक वायग्रा बेचने वाली दवा कंपनियों और इसके लिए अनचाही ईमेल भेजने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई शुरु की है. फ़ाइज़र कंपनी ही वायग्रा बनाती है. कंपनी कोशिश कर रही है कि जेनेरिक वायग्रा बेचने वाली और लाखों लोगों को अनचाही ईमेल भेजने वाली कंपनियों के 'डोमेन' ज़ब्त कर लिए जाएँ. 'डोमेन' वो नाम होते हैं जिससे वेबसाइट के लिए कंपनियों का रजिस्ट्रेशन होता है. कंपनी फ़ाइज़र का कहना है कि वो एक जागरुकता अभियान भी छेड़ने जा रही है जिससे कि लोगों को बताया जा सके कि जेनेरिक वायग्रा से क्या-क्या नुक़सान हो सकते हैं. कंपनी ने यह कार्रवाई एक सर्वेक्षण के परिणाम आने के बाद शुरु की है जिसमें कहा गया है कि अनचाही ईमेल पाने वाले 25 फ़ीसदी लोग मानते हैं कि इसे फ़ाइज़र ही भेज रही है. ऐसी बहुत सी कंपनियाँ हैं जो वायग्रा की दूसरी जेनेरिक दवाएँ बेच रही हैं और इन्ही के प्रचार के लिए अनचाही मेल भी भेजा जाता है. फ़ाइज़र का कहना है कि ये कंपनियाँ वायग्रा नाम का उपयोग जेनेरिक दवाएँ बेचने के लिए ग़लत ढंग से कर रही हैं. फ़ाइज़र ने कहा है कि क़ानूनी रुप से वैध कोई जेनेरिक वायग्रा नहीं है क्योंकि अमरीकी प्रशासन ने ऐसी किसी दवा को मान्यता नहीं दी है. उल्लेखनीय है कि वायग्रा यौन क्षमता बढ़ाने के लिए इस समय की सबसे ज़्यादा बिकने वाली दवाओं में से एक हैं. |
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