BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शनिवार, 17 नवंबर, 2007 को 16:42 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
जलवायु संरक्षण के लिए आहवान
प्रदूषण
अनेक देशों में औद्योगिक इकाइयों से कॉर्बन डॉय ऑक्साइड का बेतहाशा उत्सर्जन होता है
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन पर ताज़ा रिपोर्ट में दुनिया भर में बढ़ रहे तापमान की समस्या के समाधान के लिए ठोस उपाय सुझाए गए हैं लेकिन उन पर सख़्ती से अमल किए जाने की ज़रूरत होगी.

बान की मून ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय पैनल आईपीसीसी की ताज़ी रिपोर्ट में इस चुनौती का मुक़ाबला करने के ऐसे उपाय सुझाए गए हैं जो वास्तविक हो सकते हैं.

बान की मून ने कहा कि दिसंबर में इंडोनेशिया के बाली में होने वाले जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में इस बारे में कोई ठोस नीति बनाए जाने की ज़रूरत है.

आईपीसीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन बहुत ख़तरनाक चुनौती बन चुकी है और अगर इससे नहीं निपटा गया तो इसके ऐसे ख़तरनाक प्रभाव हो सकते हैं जिनसे उबरना असंभव हो सकता है.

संयुक्त राष्ट्र इस पैनल आईपीसीसी के वैज्ञानिकों ने स्पेन के वेलेंशिया में लगभग एक सप्ताह तक इस मुद्दे पर चर्चा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है जिसमें कहा गया है कि मानव गतिविधियों की वजह से पृथ्वी बड़ी तेज़ी से एक गर्म गृह बनने की तरफ़ बढ़ रही है.

आईपीसीसी के चेयरमैन राजेंद्र पचौरी ने कहा कि वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि कॉर्बन डॉय ऑक्साइड का उत्सर्जन इतनी तेज़ी से बढ़ रहा है कि यह पिछले दशक में भी नहीं था और इस उत्सर्जन पर तुरंत क़ाबू पाने की ज़रूरत है.

राजेंद्र पचौरी का कहना था कि अगर कॉर्बन डॉय ऑक्साइड का मौजूदा स्तर वातावरण में बना रहा तो भी शोध से पता चलता है कि समुद्र में जल स्तर में 0.4 और 1.4 मीटर की बढ़ोत्तरी होगी क्योंकि गर्मी से पानी पतला होता है और उससे उसका दायरा बढ़ता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बहुत महत्वपूर्ण तथ्य है क्योंकि इससे समुद्र के तटवर्ती इलाक़ों में बड़े परिवर्तन होंगे और निचले इलाक़ों में ख़तरनाक प्रभाव हो सकते हैं, नदियों और निचले जल स्तर वाले द्वीपों में भी ख़तरनाक प्रभाव होंगे.

राजेंद्र पचौरी ने कहा, "अगर इस अवस्था में बर्फ़ के पिघलने से कुछ पानी भी जोड़ दिया जाए तो उस अवस्था का आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है जिसकी चुनौती हमारे सामने है."

ग़ौरतलब है कि तापमान बढ़ने से हिमखंड भी पिघल रहे हैं और उनके पिघलने से जो पानी समुद्रों में जाकर मिलता है उससे भी समुद्रों में जलस्तर बढ़ रहा है.

इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने शनिवार को आधिकारिक रूप से स्पेन में जारी किया.

इससे जुड़ी ख़बरें
जलवायु परिवर्तन पर बुश की पहल
03 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>