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जलवायु परिवर्तन पर बुश की पहल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा के लिए दुनिया के अग्रणी औद्योगिक देशों को आमंत्रित किया है. बातचीत सितंबर में होगी. इसमें संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ भी हिस्सा लेंगे. अमरीका धरती का तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले ग्रीन हाउस गैसों का ऊत्सर्जन कम करने में आनाकानी करता रहा है. बुश का कहना है कि बातचीत में मुख्य ध्यान आर्थिक विकास की गति को मंदा किए बगैर ग्रीन हाउस गैसों का ऊत्सर्जन कम करने पर होगा. अमरीका क्योटो समझौते को भी मानने से इनकार करता रहा है. इस समझौते की अवधि 2012 में ख़त्म हो रही है. सितंबर में होने वाले कॉफ़्रेंस में क्योटो की तरह कोई समझौता होने की उम्मीद उतनी नहीं है लेकिन व्हाइट हाउस ने भरोसा जताया है कि वर्ष 2008 तक नया समझौता आकार ले लेगी. इस बातचीत में भारत और ब्राज़ील जैसे ताकतवर विकासशील देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रण दिया गया है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हरित भारत अभियान' शुरू करेगी सरकार13 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस पूरी झील ही ग़ायब हो गई04 जुलाई, 2007 | विज्ञान असहमतियों के बीच सम्मेलन शुरु06 जून, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन पर चीन की योजना04 जून, 2007 | पहला पन्ना 'ऐसी आज़ादी के लिए तो नहीं लड़े थे'22 मई, 2007 | भारत और पड़ोस जलवायु परिवर्तन पर बैंकॉक में सम्मेलन30 अप्रैल, 2007 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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