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जलवायु परिवर्तन पर चीन की योजना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन का कहना है कि आर्थिक विकास की गति बरकरार रखते हुए जलवायु परिवर्तन का ध्यान रखना एक बड़ी चुनौती है. चीन की ओर से जलवायु परिवर्तन पर पहली बार राष्ट्रीय योजना सामने आई है. चीन का कहना है कि वह ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाएगा. इसके लिए वह परमाणु, जल और पवन ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाएगा. साथ ही कोयले पर आधारित मौजूदा संयंत्रों को बेहतर बनाया जाएगा. यह योजना चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ की जी-8 की बैठक में हिस्सा लेने से पहले घोषित की गई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि चीन की अर्थव्यवस्था जिस तरह से बढ़ रही है, वह एक साल में कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन के मामले में अमरीका को पीछे छोड़ देगा. बीजिंग स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जलवायु परिवर्तन पर चीन ने इससे पहले भी अहम घोषणाएँ की हैं लेकिन वह निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने में असफल रहा है. दरअसल जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र की नई व्यवस्था की बात कही है. जर्मनी ने ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने के लिए एक प्रारूप तैयार किया है जिसे विकसित औद्योगिक देशों के समूह जी-8 की बैठक में पेश किया जाना है. जर्मनी चाहता है कि जी-8 के सदस्य देश एक नियत समयसीमा में ग्रीनहाउस गैसों में बड़ी कटौती के लिए तैयार हो जाएँ. संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी बीबीसी से बातचीत में कहा कि धनी देशों को उत्सर्जन के लिए कड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए. वैज्ञानिक पहले ही यह चिंता व्यक्त कर चुके हैं कि अगर तुरंत कुछ नहीं किया गया तो दुनिया को बचाना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा. चिंता इस बात को लेकर भी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो ऐसे परिवर्तन होने शुरू हो जाएँगे जिनको पलटा नहीं जा सकेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश उत्सर्जन पर नए लक्ष्य के पक्ष में31 मई, 2007 | पहला पन्ना वनों से बढ़ता पृथ्वी का तापमान!10 अप्रैल, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन का असर करोड़ों पर06 अप्रैल, 2007 | विज्ञान ब्रिटेन में कार्बन प्रदूषण में कमी की पहल13 मार्च, 2007 | पहला पन्ना 'युद्ध जितना ख़तरनाक है जलवायु परिवर्तन'02 मार्च, 2007 | पहला पन्ना बढ़ते पारे के लिए मानव ज़िम्मेदार02 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन के 'गंभीर परिणाम' होंगे15 मई, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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