|
वनों से बढ़ता पृथ्वी का तापमान! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों का कहना है कि बर्फ़ीले इलाक़ों में पेड़ लगाने से पृथ्वी के तापमान में और वृद्धि हो सकती है क्योंकि पेड़ गरमी को परावर्तित नहीं होने देतीं. अमरीकी शोधकर्ताओं का मानना है कि बर्फ़ीले इलाक़ों में पेड़ों के काटे जाने से पृथ्वी के बढ़ते तापमान को रोकने की कोशिशों में मदद मिल सकती है. यह शोध नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेस में प्रकाशित हुआ है और इसमें पर्यावरण की इस जटिलता को उजागर किया गया है. अभी तक यह माना जाता रहा है कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से दुनिया के तापमान में वृद्धि हो रही है. दरअसल पेड़ों की पत्तियाँ कार्बन डाइऑक्साइड जैसी ग्रीन हाउस गैसों को वातावरण से हटा देती हैं. लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि रूस, यूरोप और कनाडा के बर्फ़ीले इलाक़ों के पेड़ों की पत्तियाँ बर्फ़ को ढक लेती है जिससे वह इसे परावर्तित नहीं कर पाती हैं. इससे पृथ्वी पर सूरज की रोशनी का अधिक अवशोषण होता है. हालांकि वैज्ञानिकों ने इससे बचने के लिए पेड़ों को काटे जाने को नहीं कहा है. उल्लेखनीय है कि हाल में जलवायु परिवर्तन पर जारी एक अहम रिपोर्ट में कहा गया है कि इसकी वजह से करोड़ों लोगों को पानी नहीं मिलेगा, फसलें चौपट हो जाएँगीं और बीमारियाँ फैलेंगी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के परिणाम पूरी दुनिया में दिखाई देने लगे हैं. रिपोर्ट में एक धुँधले भविष्य की तस्वीर दिखाई गई है. इसके अनुसार भविष्य में पानी की किल्लत होगी. साथ ही बाढ़ एक सामान्य समस्या होगी, बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ेंगी. इसके अनुसार फसलों में लगातार कमी आएगी और लाखों लोग भूखे रहेंगे. इसमें कहा गया है कि दोनों ध्रुव, अफ़्रीका, एशिया और प्रशांत महासागर के छोटे द्वीप इसके निशाने पर होंगे. |
इससे जुड़ी ख़बरें बढ़ती गर्मी से गंगोत्री ग्लेशियर ख़तरे में06 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस शीत ऋतु में गर्माहट ने रिकॉर्ड तोड़े16 मार्च, 2007 | विज्ञान ब्रिटेन में कार्बन प्रदूषण में कमी की पहल13 मार्च, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहमति 15 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान बाध्यकारी प्रावधान स्वीकार नहीं:अमरीका03 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना एफिल टावर की बत्तियां गुल02 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना प्रदूषण में कटौती पर ठोस निर्णय नहीं18 नवंबर, 2006 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन के 'गंभीर परिणाम' होंगे15 मई, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||