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एफिल टावर की बत्तियां गुल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जलवायु परिवर्तन पर अपनी चिंताएं ज़ाहिर करने के लिए यूरोप के लोगों ने अनोखा तरीका निकाला और जानी मानी कलाकृतियों की बिजली पांच मिनट के लिए बंद कर दी. इन कलाकृतियों में पेरिस का एफिल टावर और रोम का जाना माना कोलोसियम भी शामिल था. इसके अलावा यूरोप के कई अन्य स्थानों पर भी पांच मिनट के लिए बिजली बंद कर दी गई. पेरिस के आसमान को जगमगाने वाले एफिल टावर के 20 हज़ार बल्ब गुरुवार की शाम सात बजकर 55 मिनट पर बंद हो गए, पांच मिनट के लिए. पेरिस के हिल्टन होटल में जहां बड़ी संख्या में वैज्ञानिक और विभिन्न देशों के अधिकारी बैठकर जलवायु परिवर्तन पर जारी होने वाली रिपोर्ट को अंतिम रुप दे रहे थे वहीं पेरिस के लोगों ने अपनी चिंता ज़ाहिर करने का दूसरा तरीका खोज लिया था.
पेरिस में ही राष्ट्रपति पद के सोशलिस्ट उम्मीदवार सीगोलेन रॉयल की आम सभा में भी लोगों ने बत्ती गुल कर दी और पांच मिनट तक रॉयल अंधेरे में खड़े रहे. पूर्व में पर्यावरण मंत्री रह चुके रॉयल ने जलवायु परिवर्तन के लिए लोगों की कोशिशों का स्वागत किया और कहा कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो पर्यावरण उनके एजेंडे में ऊपर रहेगा. उधर ब्रसेल्स का एक मार्केट और रोम के कोलोसियम में भी पांच मिनट के लिए बत्तियां बुझा दी गईं थी. हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने इस तरह से पांच मिनट के लिए बत्ती बुझाने का विरोध करते हुए कहा कि बत्ती बुझा कर फिर जलाने से अधिक बिजली खर्च होती है. | इससे जुड़ी ख़बरें पिकासो के बनाए रेखाचित्रों की नीलामी27 जून, 2005 | पत्रिका फ़्रांस में हिंसक झड़पें, 160 गिरफ़्तार19 मार्च, 2006 | पहला पन्ना पेरिस के एलबम पर सेंसर की कैंची26 अगस्त, 2006 | पत्रिका फ्रांस का विवादास्पद रोज़गार क़ानून?04 अप्रैल, 2006 | पहला पन्ना 'शिराक के मयख़ाने' की नीलामी20 अक्तूबर, 2006 | पत्रिका काइली मिनोग की ड्रेस सबसे अच्छी10 जनवरी, 2007 | पत्रिका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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