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शीत ऋतु में गर्माहट ने रिकॉर्ड तोड़े | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की सरकारी एजेंसी के अध्ययन में कहा गया है कि इस वर्ष उत्तरी गोलार्ध में अबतक की सबसे ज़्यादा गर्मी रिकॉर्ड की गई. जाड़ों की गर्मी के इस पारे ने अबतक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. यानी पिछले 125 वर्षों के दौरान शीत ऋतु में इतनी गर्मी कभी भी दर्ज नहीं हुई है. इस वर्ष भू-स्तर और महासागरीय स्तर पर संयुक्त रूप से दिसंबर और फरवरी के दौरान का तापमान औसत से 0.72 डिग्री सेल्सियस (1.3 डिग्री फ़ारनहाइट) अधिक रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद से मौसम विज्ञानी अनुमान लगा रहे हैं कि वर्ष 2007 सबसे ज़्यादा गर्म वर्ष साबित हो सकता है. अमरीका के नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन का मानना है कि संभव है कि प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों की मौसमी गर्मी की वजह से जाड़े के तापमान में यह वृद्धि हुई हो. रिपोर्ट संस्था ने बताया कि वर्ष 1995 के बाद से अबतक के 10 सर्वाधिक गर्म वर्ष दर्ज किए गए हैं. यह भी बताया गया है कि धरती का तापमान प्रत्येक दशक में 0.2 डिग्री बढ़ जाता है. हालांकि संस्था के जे लॉरिमोर तापमान में वृद्धि के बारे में कहते हैं, "हम ऐसा नहीं कह रहे हैं कि इस बार की शीत ऋतु ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव का एक प्रमाण है." उन्होंने बताया कि यह नई जानकारी जलवायु परिवर्तन पर हो रहे एक बड़े शोध का हिस्सा हैं. इस शोध की पिछले महीने जारी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि जलवायु परिवर्तन के पीछे एक बड़ा कारण मानव जनित गतिविधियाँ ही है. यह भी कहा गया है कि इस सदी के अंत तक तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस से लेकर चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोत्तरी दर्ज हो सकती है. हालांकि तापमान में बढ़ोत्तरी का यह आकड़ा कम से कम 1.1 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 6.4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकता है. | इससे जुड़ी ख़बरें जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहमति 15 फ़रवरी, 2007 | विज्ञान इस साल रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की संभावना04 जनवरी, 2007 | विज्ञान जलवायु परिवर्तन के 'गंभीर परिणाम' होंगे15 मई, 2006 | विज्ञान 'तीन डिग्री बढ़ सकता है तापमान'16 अप्रैल, 2006 | विज्ञान उत्तरी गोलार्द्ध ज़्यादा गर्म हुआ है10 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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