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'तीन डिग्री बढ़ सकता है तापमान' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक का कहना है कि पृथ्वी का तापमान तीन डिग्री सेंटीग्रेड तक बढ़ सकता है. प्रोफेसर सर डेविड किंग ने चेतावनी दी है कि ऐसा इसलिए होगा क्योंकि दुनिया के अधिकतर देशों की सरकारें ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने पर राज़ी नहीं हैं. किंग ने बीबीसी को बताया कि पृथ्वी का तापमान बढ़ने से रोकने के लिए सरकारों को अभी उपाय करने होंगे वर्ना अगले सौ सालों में स्थिति बेहद ख़राब हो सकती है. हालांकि डेविड किंग ने यह भी कहा कि अगर सभी देशों के बीच कोई सहमति बन जाती है तो भी तापमान बढ़ेगा ही. ब्रिटेन की सरकार और यूरोपीय संघ जलवायु परिवर्तन को स्थिर करने के लिए समझौते पर राज़ी हैं लेकिन अमरीका गैसों के उत्सर्जन को सीमित करने पर बिल्कुल तैयार नहीं है. अमरीका के अलावा भारत और चीन में भी गैसों का उत्सर्जन तेज़ी से बढ़ रहा है. हाल ही में हैडले सेंटर ने एक रिपोर्ट पेश की थी और इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर पृथ्वी का तापमान तीन डिग्री सेंटीग्रेड बढ़ा तो क्या प्रभाव पड़ेंगे. प्रोफेसर किंग ने बीबीसी 4 के टुडे कार्यक्रम में कहा कि इन आकड़ों से अफरा तफरी मचाने की ज़रुरत नहीं है लेकिन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहना भी सही नहीं होगा. उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन डाई आक्साइड उत्सर्जन के मामले में राजनेता बहुत बड़ा रिस्क ले रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मानव गतिविधियों से भारी नुक़सान30 मार्च, 2005 | विज्ञान हाथियों पर जलवायु परिवर्तन का ख़तरा07 मई, 2005 | विज्ञान हिमालय के लिए हिलेरी की अपील10 जुलाई, 2005 | विज्ञान 'माँट्रियाल सम्मेलन से कोई उम्मीद नहीं'27 नवंबर, 2005 | विज्ञान 'पर्यावरण की रक्षा में निजी क्षेत्र प्रभावी'11 जनवरी, 2006 | विज्ञान तेज़ी से बढ़ रहा है समुद्री जल स्तर27 जनवरी, 2006 | विज्ञान उत्तरी गोलार्द्ध ज़्यादा गर्म हुआ है10 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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