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इस साल रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की संभावना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि वर्ष 2007 दुनिया के लिए सबसे गर्म साल साबित होगा. इसमें अल नीनो की अहम भूमिका होगी. मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो के असर से गर्मी का मौसम लंबा खिंचेगा और तापमान में वृद्धि होगी. उनका कहना है कि इस बात की 60 प्रतिशत संभावना है कि इस वर्ष भूतल का औसत तापमान 1998 के मौजूदा रिकॉर्ड को छू लेगा या इससे आगे निकल जाएगा. 1998 में औसत वैश्विक भूतल तापमान 0.52 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया था और इस वर्ष यह 0.54 प्रतिशत हो सकता है. अल नीनो का असर ब्रिटेन के हैडली सेंटर में मौसम परिवर्तन शोध विभाग के प्रमुख क्रिस फोलैंड का कहना है कि ये आकल मुख्य रूप से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन और अल नीनो के असर के आधर पर किया गया है. दक्षिण अमरीकी तट की ओर से कभी कभी समुद्र में गर्म पानी का बहाव होने लगता है और ये तेज़ होने पर गर्मी बढ़ती है. इस साल अल नीनो पहले से ही प्रशांत महासागर में पहुँच बना चुका है. वहीं ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन से ओज़ोन परत को क्षति पहुँचती है जिससे धरती पर तापमान बढ़ता है. वर्ष 2006 में औसत भूतल तापमान 0.42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. हालाँकि ब्रिटेन में पिछले वर्ष रिकॉर्ड गर्मी पड़ी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'भारत में गर्मी से 28 लोगों की मौत'07 मई, 2006 | भारत और पड़ोस जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ अभियान09 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना चीन में गर्मी के बाद अब ठंड का रिकॉर्ड06 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना क्योटो संधि पर सवाल-जवाब22 अक्तूबर, 2004 | विज्ञान अमरीका में लू से 35 की मौत28 जुलाई, 2005 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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