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जलवायु परिवर्तन पर कड़ी चेतावनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के कई देशों की सरकारों की समिति (आईपीसीसी) राजनीतिज्ञों को चेतावनी देने जा रही है कि जलवायु परिवर्तन का असर अचानक दिख सकता है और यह दूरगामी होने के साथ-साथ अपरिवर्तनीय भी हो सकता है. इस रिपोर्ट में कहा जाएगा कि लाखों लोग तापमान में होने वाली वृद्धि से प्रभावित होंगे और कोई एक तिहाई प्रजातियाँ इसके कारण नष्ट हो जाएँगीं. आईपीसीसी की रिपोर्ट को अंतिम रुप दे दिया गया है और संभावना है कि स्पेन में चल रहे सम्मेलन में शनिवार को इसे स्वीकार कर लिया जाएगा. इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून शनिवार को जारी करने वाले हैं. ख़बरें हैं कि इस रिपोर्ट को अंतिम रुप देने के लिए गर्मागर्म बहसें हुई हैं लेकिन अमरीका का ज़ोर था कि इसकी भाषा को संतुलित रखा जाए. नोबेल शांति पुरस्कार से पुरस्कृत संस्था आईपीसीसी की यह अंतिम रिपोर्ट उन तीन रिपोर्टों के महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी समेटेगी जिन्हें आईपीसीसी पहले ही जारी कर चुकी है. कड़ी चेतावनी इस अंतिम रिपोर्ट में जिन बिंदुओं पर ज़ोर रहेगा उनमें एक तो यह है कि जलवायु परिवर्तन का असर साफ़ दिखाई दे रहा है, दूसरा इसके पीछे मानव गतिविधियों से उत्सर्जित होने वाली ग्रीनहाउस गैसों का हाथ है और तीसरा यह कि जलवायु परिवर्तन को तर्कसंगत खर्च करके रोका जा सकता है. इससे पहले जो रिपोर्ट प्रकाशित की गई थीं, उसकी तुलना में इस रिपोर्ट की भाषा थोड़ी कड़ी है और इसमें साफ़ कहा गया है कि परिवर्तन 'आकस्मिक और अपरिवर्तनीय' होगा. जलवायु परिवर्तन कार्यक्रम के निदेशक हैंस वेरोल्मे का कहना है, "जलवायु परिवर्तन हो रहा है, इसका असर हमारी ज़िंदगी पर हो रहा है और हमारी अर्थव्यवस्था पर हो रहा है और हमें इससे निपटने के लिए कुछ करना होगा." उनका कहना है, "इस रिपोर्ट के बाद कोई भी राजनीतिज्ञ यह नहीं कह सकेगा कि वह नहीं जानता कि जलवायु परिवर्तन क्या है और इसके बारे में उसे क्या करना है." माना जा रहा है कि आईपीसीसी के शोध और उसकी रिपोर्ट अगले महीने इंडोनेशिया में होने वाले नीति-निर्धारकों के सम्मेलन में काम आने वाली है. इस सम्मेलन के बाद जलवायु परिवर्तन पर नया अंतरराष्ट्रीय समझौता होने की संभावना है. | इससे जुड़ी ख़बरें जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहमति08 सितंबर, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन पर बुश की पहल03 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सहमति07 जून, 2007 | पहला पन्ना जलवायु परिवर्तन पर चीन की योजना04 जून, 2007 | पहला पन्ना बुश उत्सर्जन पर नए लक्ष्य के पक्ष में31 मई, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटेन में कार्बन प्रदूषण में कमी की पहल13 मार्च, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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