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आईने में खुद को पहचानते हैं हाथी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक नए शोध के मुताबिक हाथी भी आईने में खुद का चेहरा पहचान लेते हैं. अभी तक ऐसा माना जाता रहा है कि ऐसी सजगता केवल मनुष्यों, बंदरों और डॉल्फ़िन में ही पाई जाती है. अमरीकी शोधकर्त्ताओं ने एक लंबे आईने के सामने एशियाई हाथियों के व्यवहार पर किए गए एक अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला है. हाथियों ने अपने माथे पर पोते गए सफेद निशान को बार-बार छुआ. खुद को पहचानने का यह एक ऐसा तरीका है जो बच्चों और गुरिल्लों पर भी आजमाया जाता रहा है. वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क का विशाल आकार होने के चलते हाथियों पर यह परीक्षण करने की सोची. आइने में अपना चेहरा देखकर प्रतिक्रिया तो सभी जानवर देते हैं लेकिन खुद का चेहरा पहचानने का संकेत उनमें से कुछ ही दे पाते हैं. शोध उदाहरण के लिए कुक्कुर प्रजाति के जानवर अपने प्रतिबिंब को दूसरा कुत्ता समझकर आईने के पीछे उन्हें ढूँढने तक का प्रयत्न करते हैं.
ढ़ाई मीटर की लंबाई-चौड़ाई वाले एक वर्गाकार आईने के सामने एशियाई हाथियों ने भी ऐसा ही किया. लेकिन हैप्पी नाम के एक हाथी ने बार-बार अपने सूँड़ से अपने माथे के उस हिस्से को छुआ जहाँ क्रॉस का निशान बना दिया गया था. दिलचस्प है कि हाथी ने केवल सफेद रंग के निशान को ही बार-बार छूने की कोशिश की. शोधकर्ताओं ने हाथी के माथे के एक हिस्से पर बेरंग पेंटिंग भी बनाई थी लेकिन हैप्पी का ध्यान उस ओर नहीं गया क्योंकि वो चिन्ह उसे दिखाई नहीं दे रहा था. इससे यह पता चलता है कि वे केवल गंध के आधार पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. हालाँकि केवल एक ही हाथी ने ऐसी तेज़ी दिखाई लेकिन वैज्ञानिकों ने यह दलील दी कि आधे से कम गुरिल्ले ही इस जाँच में खरा उतर पाते हैं. अटलांटा के नेशनल प्राइमेट रिसर्च सेंटर से जुड़े जोशुआ प्लोतनिक कहते हैं, "हाथियों को पहले भी आईने के सामने परखा गया है लेकिन वो आईने आकार में छोटे थे. पहली बार इतने बड़े आईने के सामने के उन्हें रखा गया." | इससे जुड़ी ख़बरें मुंबई के हाथियों में लगेंगे माइक्रोचिप08 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पहाड़ियों से दूरी चाहते हैं अफ़्रीकी हाथी30 जुलाई, 2006 | विज्ञान हाथियों के संरक्षण पर एशियाई सम्मेलन28 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना जंगली हाथियों पर नियंत्रण की कोशिश02 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हाथी भगाने के लिए मिर्ची बम08 जून, 2005 | भारत और पड़ोस हाथियों पर जलवायु परिवर्तन का ख़तरा07 मई, 2005 | विज्ञान हाथियों के उत्पात को रोकने के लिए करंट28 अप्रैल, 2005 | भारत और पड़ोस आवाज़ की नकल का उस्ताद हाथी23 मार्च, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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