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आज उड़ान भरेगा डिस्कवरी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईंधन टैंक में ख़राबी के बावजूद नासा के अधिकारियों ने अंतरिक्ष यान डिस्कवरी के उड़ान को हरी झंडी दिखा दी है. यान मंगलवार को उड़ान भरेगा. इससे पहले डिस्कवरी की उड़ान ख़राब मौसम के कारण दो बार ख़राब मौसम के कारण स्थगित हो चुकी थी. सुरक्षा की नई चिंता तकनीक ने पैदा की थी. यान का मुआयना करने के बाद इंजीनियरों ने कहा था कि उसके बाहरी ईंधन टैंक की इन्सूलेटिंग फ़ोम यानी बाह्य आवरण में दरार है. नासा ने इस बात की पुष्टि की थी कि यान के ईंधन टैंक के पास 12 सेंटीमीटर लंबी और तीन मिलीमीटर गहरी दरार है. लेकिन अब नासा ने कहा है कि इस दरार से कोई ख़तरा नहीं है. नासा के प्रवक्ता ने कहा है कि डिस्कवरी की उड़ान को मंज़ूरी देते हुए कोई अतिरिक्त ख़तरा मोल नहीं लिया जा रहा है. दो हफ़्ते की उड़ान डिस्कवरी के उड़ान के लिए समय तीसरी बार समय तय किया गया है. मंगलवार को ग्रीनविच मान समय के अनुसार 18.38 को, यानी भारतीय समय के अनुसार आधी रात के बाद डिस्कवरी उड़ान भरेगा. जिस इन्सूलेटिंग फ़ोम यानी बाह्य आवरण की चिंता की जा रही है वह एक पुरानी समस्या है क्योंकि इससे पहले जब डिस्कवरी की दुर्घटना हुई थी तो भी इन्सूलेटिंग फ़ोम यानी बाह्य आवरण को दोषी ठहराया गया था. लेकिन शटल प्रोग्राम के प्रबंधक जॉन शैनॉन का कहना है कि दरार सात सेंटीमीटर लंबी है और उन्हें नहीं लगता कि इससे कोई समस्या होगी.
योजना के मुताबिक डिस्कवरी यान दो हफ़्ते से भी कम समय के लिए अंतरिक्ष में रहेगा. यान में एक जर्मन यात्री भी जाएगा जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र में जाकर छह महीने बिताने वाला पहला यूरोपीय अंतरिक्ष यात्री बन जाएगा. ये यान अंतरिक्ष में नए सुरक्षा उपकरणों और उनकी कार्यप्रणाली का परीक्षण करेगा. लेकिन इस उड़ान का मुख्य मकसद उन सुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण करना है जो फ़रवरी 2003 में कोलंबिया यान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद शुरू की गईं हैं. धरती पर वापस आते समय कोलंबिया के बाहरी टैंक से इन्सूलेटिंग फ़ोम टूट गई थी जिसके कारण इसमें सवार कल्पना चावला समेत सभी सातों अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई थी. ग़ौरतलब है कि कुछ समय पहले नासा ने भारतीय मूल की एक और अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को उड़ान भरने के लिए चुना है. | इससे जुड़ी ख़बरें डिस्कवरी की उड़ान मुश्किलों में फंसी03 जुलाई, 2006 | विज्ञान नासा फिर अंतरिक्ष उड़ानें शुरू करेगा17 जून, 2006 | विज्ञान शटल कार्यक्रम बंद नहीं होगा07 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान नासा मार्च से पहले नहीं भेजेगा कोई यान18 अगस्त, 2005 | विज्ञान नासा और इसरो में ऐतिहासिक समझौता09 मई, 2006 | विज्ञान अंतरिक्ष यात्रा के लिए चुनी गई हैं सुनीता07 मई, 2006 | पहला पन्ना नासा यान मंगल ग्रह की कक्षा में पहुँचा11 मार्च, 2006 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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