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शटल कार्यक्रम बंद नहीं होगा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी(नासा) ने अपने अंतरिक्ष शटल कार्यक्रम को जारी रखने का फ़ैसला किया है, हालांकि ये काफ़ी पुराने हो चुके हैं. इसी के साथ नासा ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण से अपना पल्ला नहीं झाड़ने का भी फ़ैसला किया है. अमरीकी सरकार ने यों तो नासा के 2007 के बजट में थोड़ी बढ़ोत्तरी की है, इसके बावजूद उसे अन्य अनुसंधानों पर होने वाले ख़र्च में कटौती करनी पड़ेगी. उल्लेखनीय है कि बुश प्रशासन अक्टूबर 2010 से आगे शटल कार्यक्रम के लिए नासा को धन नहीं देने का फ़ैसला कर चुका है. अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 16 शटल मिशन भेजने पर होने वाले ख़र्च की व्यवस्था के लिए नासा को अगले तीन वर्षों में साढ़े तीन अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करनी होगी. नासा ने यह अतिरिक्त रकम अपने विज्ञान कार्यक्रम और भावी चंद्र अभियान के प्रस्तावित बजट से निकालने का फ़ैसला किया है. नासा के प्रशासक माइकल ग्रिफ़िन ने इन कटौतियों पर अफ़सोस जताते हुए कहा, "अच्छा होता जो हमें ये क़दम नहीं उठाना पड़ता. लेकिन ऐसा करना ज़रूरी हो गया था." विरोध के स्वर नासा के इस क़दम पर वैज्ञानिक समुदाय ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कैलीफ़ोर्निया स्थित प्लेनेटरी सोसायटी के वेज़ली हैंट्रेस ने नासा पर ज़रूरी कार्यक्रमों से धन निकालकर एक ऐसे कार्यक्रम में लगाने का आरोप लगया है जिसे कि ख़त्म किया जाना है. हालांकि अगले साल के अपने 16.8 अरब डॉलर के बारे में नासा ने स्पष्ट किया है कि मंगल और शनि ग्रह से जुड़े अपने कार्यक्रमों में वह धन की कमी नहीं होने देगा. इसी के साथ नासा ने हब्बल, चंद्रा और स्पित्सर अंतरिक्ष वेधशालाओं पर भी ख़र्च में कोई कटौती नहीं करने की घोषणा की है. | इससे जुड़ी ख़बरें स्टारडस्ट ने धूल के कण धरती पर भेजे15 जनवरी, 2006 | विज्ञान फिर चाँद पर पड़ेंगे मानव क़दम19 सितंबर, 2005 | विज्ञान ब्रह्मांड में धमाके से वैज्ञानिक उत्साहित12 सितंबर, 2005 | विज्ञान नासा के नए मंगल अभियान की शुरुआत12 अगस्त, 2005 | विज्ञान नासा ने अगला अंतरिक्ष अभियान टाला12 अगस्त, 2005 | विज्ञान डिस्कवरी की सफल वापसी09 अगस्त, 2005 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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