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नासा के नए मंगल अभियान की शुरुआत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का ताज़ा मंगल अभियान शुरू हो गया है. इस अभियान का मकसद मंगल पर पानी का पता लगाना और अन्य जानकारी एकत्र करना है. अमरीका में फ़्लोरिडा से मंगल ग्रह के लिए नासा का एक मानवरहित अंतरिक्ष यान 'मार्स रेक्नाइसेंस ऑर्बिटर' अंतरिक्ष में भेजा गया. इससे पहले 72 करोड़ डॉलर के इस यान की उड़ान तकनीकी वजह से दो बार रद्द कर दी गई थी. एक छोटी बस के आकार का ये यान मंगल ग्रह तक मार्च माह में पहुँचेगा. ये यान चार साल तक मार्स का सर्वेक्षण करते हुए उसके वायुमंडल और मौसम के बारे में जानकारी एकत्र करेगा. मंगल पर भेजा जाने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा यान है और ये कई आधुनिक उपरकरण लेकर गया है. इस पर ऐसे रेडार लगे हुए हैं जो मार्स की सतह के बारे में पता लगाएँगे ताकि भविष्य में वहाँ मानव जा सकें. |
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