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सिर्फ़ कुछ सिगरेट भी ख़तरनाक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नॉर्वे के शोधकर्ताओं का कहना है कि एक दिन में सिर्फ़ एक से चार तक सिगरेट पीने से ही दिल की बीमारियों से मौत का ख़तरा तीन गुना बढ़ जाता है. इस शोध में बताया गया है कि महिलाओं के स्वास्थ्य पर धूम्रपान का तुलनात्मक तरीके से ज़्यादा असर होता है. यही नहीं कम सिगरेट पीने वालों पर कैंसर जैसी बीमारियों का उतना ही असर हो सकता है जितना ज़्यादा सिगरेट पीने वालों पर. इस शोध दल ने 1970 से 2002 के बीच क़रीब 43 हज़ार लोगों के स्वास्थ्य और मौत की दर का अध्ययन किया. शोध के परिणाम टोबेको कंट्रोल यानी तंबाकू नियंत्रण नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं. फेफड़ों का कैंसर इस अध्ययन में उन लोगों का अध्ययन किया जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया और जो एक दिन में एक से चार सिगरेट के बीच पीते थे. जो लोग एक दिन में एक से चार सिगरेट पीते थे उन्हें दिल की बीमारियों से मौत का तीन गुना ज़्यादा ख़तरा था.
महिलाओं के लिए एक दिन में एक से चार सिगरेट पीने से फेफड़ों के कैंसर से मौत का ख़तरा पाँच गुना बढ़ जाता है. जबकि पुरुषों में एक से चार सिगरेट पीने से यह ख़तरा तीन गुना होता है. हालाँकि यह भी कहा गया है कि चूँकि यह अध्ययन लोगों की एक छोटी संख्या पर किया गया है इसलिए इसके नतीजे कुछ इत्तेफ़ाक के दायरे में भी आ सकते हैं. इस अध्ययन में यह भी पाया गया है कि जो मामली रूप से धूम्रपान करते हैं उन्हें भी दिल से संबंधित बीमारियों से मौत का उन लोगों के मुक़ाबले डेढ़ गुना ज़्यादा ख़तरा होता है जो कभी धूम्रपान नहीं करते हैं. धूम्रपान की आदत में एक दिन में सिगरेटों की संख्या बढ़ने के साथ ही अन्य बीमारियों से भी मौत के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. धूम्रपान के ख़िलाफ़ अभियान चलाने वाले एक संगठन एक्शन ऑन स्मोकिंग की अमांडा सैनफ़र्ड का कहना था कि इस अध्ययन के नतीजे बिल्कुल स्पष्ट हैं, "इस अवधारणा को हमेशा के लिए ख़त्म कर देना चाहिए कि दिन भर में सिर्फ़ कुछ सिगरेट पीने से स्वास्थ्य को कोई नुक़सान नहीं होता." अमांडा कहती हैं कि यह बिल्कुल साफ़ है कि धूम्रपान का कोई भी स्तर सुरक्षित नहीं है. |
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