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महकती साँसों का राज़, एक बैक्टीरिया के पास | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में शोधकर्ताओं ने ऐसे बैक्टीरिया की पहचान की है जो सांसों की बदबू दूर करके उन्हें महकाने में मदद कर सकता है. किंग्स कॉलेज, लंदन के शोधकर्ताओं का कहना है कि यह बैक्टीरिया ऐसे तत्वों को नष्ट कर सकता है जिनकी वजह से साँसों में बदबू आती है. दरअसल साँसों में बदबू पैदा करने वाले तत्व तब पैदा होते हैं जब एमिनो एसिड वाला सल्फ़र मुँह में आ जाता है. कॉलेज के माइक्रोबॉयोलोजी विभाग के शोधकर्ताओं के अनुसार जीभ, दाँत और मसूढ़ों में से मेथीलोट्रोफ़िक नाम के बैक्टीरिया को अलग करके परीक्षण किया गया जो बदबू के तत्वों को खाने की क्षमता रखता है. अभी तक यह पहचान नहीं हुई थी कि ये बैक्टीरिया मुँह के अंदर के वातावरण का एक सामान्य हिस्सा होते हैं. हालाँकि किंग्स कॉलेज में यह शोध करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि जिनकी साँसों में बदबू होती है संभव है उनकी साँसों की बदबू ख़त्म कर सकने वाले इस बैक्टीरिया का स्तर कुछ कम हो. किंग्स कॉलेज के शोधकर्ताओं ने पहले पाया था कि मेथीलोट्रोफ़िक नाम का बैक्टीरिया पैरों में पाया जाता है जहाँ सल्फ़र तत्वों की वजह से बदबू पैदा हो सकती है. बदबू भगाना संभव शोधकर्ताओं की टीम की मुखिया डॉक्टर एन वुड ने बीबीसी को बताया कि माउथवॉश (मुँह की बदबू दूर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला तरल पदार्थ) और मंजन और टुथपेस्ट में बदलाव करके मेथीलोट्रोफ़िक बैक्टीरिया की सक्रियता बढ़ाई जा सकती है. और इस तरीक़े से साँसों में बदबू की समस्या से निपटा जा सकता है. डॉक्टर एन वुड ने कहा कि मुँह में सक्रिय बैक्टीरिया का स्तर अनेक तत्वों पर निर्भर करता है जैसे- मसूढ़ों और फेफड़ों की बीमारियाँ, धूम्रपान और खान-पान की आदतें. उनका कहना है, "अगर मुँह में बदबू पैदा करने वाले तत्वों का स्तर ज़्यादा है तो मेथीलोट्रोफ़िक बैक्टीरिया का स्तर भी ज़्यादा होगा लेकिन चूँकि बदबू पैदा करने वाले तत्व ज़हरीले होते हैं इसलिए इनमें मेथीलोट्रोफ़िक बैक्टीरिया की सक्रियता कम करने की क्षमता होती है." लंदन में फ्रेश ब्रेथ सेंटर यानी ताज़ा साँस केंद्र के डॉक्टर फ़िल स्टीमर का कहना है कि यह शोध जानदार नज़र आता है. हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि यह सिर्फ़ बदबू दूर करने वाले बैक्टीरिया की सक्रियता बढ़ाने का ही मामला नहीं है बल्कि उन बैक्टीरिया को भी दूर किए जाने की ज़रूरत है जो बदबू फैलाते हैं. |
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