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इटली में धूम्रपान पर पाबंदी से नाराज़गी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इटली में बार, रेस्टोरेंट और दफ़्तर जैसे सभी सार्वजनिक स्थानों पर सोमवार से धूम्रपान पर पाबंदी लगा दी गई है. लेकिन जहाँ के लोगों को कॉफी-बार में बैठ कर एस्प्रेसो कॉफी और सिगरेट पीने की आदत लग चुक हो, वहाँ इसके ख़िलाफ आवाज़ उठना भी स्वाभाविक है. कुछ बार मालिक और धूम्रपान के शौकीन इस आदेश की आलोचना कर रहे हैं. अगर कोई व्यवसायी अपने यहाँ धूम्रपान नहीं रोक पाता है तो उसके क़रीब एक लाख रुपए धुएँ में उड़ सकते हैं. व्यक्तिगत रुप से दूसरी बार पकड़े जाने पर लगभग 16 हज़ार रुपयों का ज़ुर्माना भरना पड़ सकता है. जबकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पास सिगरेट जलाने पर दोगुना ज़ुर्माना भरना पड़ेगा. नए क़ानून के अनुसार धूम्रपान के लिए विशेष बंद कमरों की व्यवस्था होनी चाहिए जिनमें धुआँ बाहर निकालने वाले यंत्र लगे हों. भारी ख़र्च लेकिन कुछ संस्थान ही अभी इस तरह की व्यवस्था कर पाए हैं. व्यवसायियों का कहना है कि क़ानून के हिसाब से चलने के लिए भारी ख़र्च करना पड़ेगा. इस क़ानून को लागू करने में थोड़ी देर भी की गई, ताकि नए साल के जश्न में कोई रुकावट न पड़े. आयरलैंड और नॉर्वे में भी पिछले वर्ष इसी तरह सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पर रोक लगा दी गई थी. बीबीसी के रोम संवाददाता डेविड विले का कहना है कि रेस्टोरेंट और बार में दो बड़े लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव नज़र आ रहे हैं. एक तो टेबल पर से एशट्रे ग़ायब हैं और दूसरा ‘ धूम्रपान निषेध ’ के बोर्ड पहली बार दिखाई पड़ रहे हैं. इटली के दो लाख चालीस हज़ार बार, रेस्टोरेंट और क्लबों के सगंठन के अध्यक्ष एडी सोमारिवा का कहना है कि सरकार धूम्रपान पर नहीं बल्कि उन लोगों पर निशाना साध रही है. लेकिन पेशे से डॉक्टर इटली के स्वास्थ्य मंत्री गिरोलामो सिरचिआ का कहना है, " नया क़ानून उन लोगों को बचाने के लिए भी है जो सिगरेट न पीते हुए भी धुआँ निगलने के लिए मजबूर हैं." उनका कहना है कि इटली में असामयिक होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण धूम्रपान ही है, जिसे रोका जा सकता है अधिकांश लोग काम और खेलने की जगहों पर फैले ज़हरीले धुएँ से परेशान हैं और फिर इसके ख़िलाफ़ तीन चौथाई जनता का समर्थन भी तो है. अभियान स्वास्थ्य मंत्रालय ने धूम्रपान के विरुद्ध लोगों को उत्साहित करने के लिए एक अभियान चलाया है. इसमें महिलाओ से विशेष आग्रह किया गया है. ‘सुंदरता को धुएँ से धुंधला न करें’ जैसे पोस्टर भी लगाए गए हैं.
ऐसा अनुमान है कि इटली की लगभग 6 करोड़ आबादी में से ड़ेढ करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं. अब ये लोग केवल घर की चारदीवारी और खुली जगहों पर ही धूम्रपान कर पाएँगें. लेकिन इस नए क़ानून को ले कर सरकार में भी सभी ख़ुश नहीं हैं. एक समाचार पत्र से बात करते हुए रक्षा मंत्री अंतोनियो मारतीनो ने कहा कि, "मैं 18 वर्ष की उम्र से धूम्रपान कर रहा हूँ. यह मेरा पवित्र अधिकार है." इटली के व्यापारिक संगठन का कहना है कि केवल पाँच प्रतिशत बार और रेस्टोरेंट मालिकों ने ही धूम्रपान के लिए विशेष प्रबंध किए हैं. रोम के समाचार पत्र ‘ला रिपब्लिका’ के अनुसार विद्वानों के तर्क, सिद्धांतों की लड़ाई, क़ानूनी झगड़ों, प्रदर्शनों और भ्रम के बावजूद भी धूम्रपान पर प्रतिबंध लागू तो हो ही गया है. |
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