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सोमवार, 27 दिसंबर, 2004 को 06:07 GMT तक के समाचार
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ज़रा अपने बच्चों के बारे में सोचें...
धूम्रपान रोकने का विज्ञापन
धूम्रपान से दिल और फेफड़े बेकार हो जाते हैं
धूम्रपान एक ऐसी आदत है जिसके बारे में धूम्रपान करने वाले बख़ूबी जानते हैं कि यह सेहत के लिए बहुत ख़तरनाक है लेकिन फिर भी इसकी आदत से मजबूर होते हैं.

सिगरेट के पैकेट पर साफ़ लिखा होता है कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है लेकिन यह वैधानिक चेतावनी बेअसर साबित होती है.

अनेक देशों में धूम्रपान रोकने के लिए अक्सर बड़ी-बड़ी कोशिशें होती रहती हैं जिनमें कुछ कामयाबी भी मिलती है लेकिन जब तक ख़ुद लोग धूम्रपान के ख़तरे को नहीं समझेंगे तब तक इनका असर शायद पूरी तरह नहीं होगा.

ब्रिटेन सरकार धूम्रपान छुड़वाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रही है जिसके तहत ख़ासतौर से अभिभावकों को समझाने की कोशिश की जा रही है कि वे अपने बच्चों के सामने धूम्रपान से बाज़ आएँ.

इस मुहिम के तहत बड़े पैमाने पर रेडियो, टेलीविज़न और अख़बारों में विज्ञापनों का सहारा लिया जाएगा जिसमें बच्चों को अपने उन अभिभावकों की क़ब्रों पर खड़े हुए भी दिखाया जाएगा जिनकी मौत दिल की बीमारियों या फेफड़ों के कैंसर से हुई.

साठ लाख पाउंड की लागत वाले इस अभियान के तहत ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) की एक निशुल्क सेवा भी होगी जिसमें धूम्रपान रोकने की सलाह और अन्य सहायता दी जाएगी.

विज्ञापनों में दिखाया गया है कि किसी सदस्य की धूम्रपान की आदत से पूरे परिवार पर क्या भावनात्मक असर होता है. एक ऐसी माँ को दिखाया जाता है जिसे डॉक्टर फेफड़ों का कैंसर बताता है लेकिन वह अपने बच्चों को इस बारे में कैसे बताए, इस बारे में मुश्किल में नज़र आती है.

सरकार ने उम्मीद जताई है कि धूम्रपान करने वाले जब क्रिसमस के त्यौहार मौसम में अपने परिवार के साथ इन विज्ञापनों को देखेंगे तो ज़रूर कुछ असर होगा और वे धूम्रपान छोड़ने के लिए तैयार होंगे.

नए साल में इस अभियान का दूसरा भाग चलाया जाएगा जिनमें यह जानकारी दी जाएगी कि धूम्रपान छोड़ने के लिए किस तरह की और कहाँ मदद ली जा सकती है.

ब्रिटेन की लोक स्वास्थ्य मंत्री मेलानी जॉन्सन का कहना था, "हम जानते हैं कि धूम्रपान करने वाले 70 प्रतिशत लोग इससे छुटकारा पाना चाहते हैं. उनमें से कुछ अगर अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित नहीं भी हैं तो वे अपने बच्चों के बारे में सोचकर धूम्रपान छोड़ने के लिए तैयार होंगे."

जॉन्सन ने कहा कि सभी लोग अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए पूरे प्रयास करना चाहते हैं और चाहते हैं कि उनके बच्चे उनके सामने पल-बढ़कर अच्छे भविष्य की तरफ़ चलें.

उन्होंने बताया कि एनएचएस ने पिछले साल क़रीब दो लाख लोगों से धूम्रपान की आदत छुड़वाने में कामयाबी हासिल की.

विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान करने वाले अपनी इच्छा शक्ति के बल पर कुछ कम ही भरोसा करते हैं और इस तरह की सेवाओं की मदद से धूम्रपान छोड़ने की चार गुना ज़्यादा संभावना होती है.

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