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रूसी ज्योतिषी ने नासा पर दावा ठोका | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी अंतरिक्ष केंद्र नासा के वैज्ञानिकों का डीप इंपैक्ट नाम का प्रयोग रूस में एक विवाद में घिर गया है. इस प्रयोग के तहत एक मानवरहित अंतरिक्ष यान से एक प्रोजेक्टाइल, टेम्पल-1 नाम को एक पुच्छल तारे से टकराया गया था. लेकिन एक रूसी ज्योतिषी और लेखिका मरीना बे ने एक रूसी अदालत में नासा पर तीस करोड़ डॉलर के मुआवज़े का दावा किया है. 'मानव सभ्यता को ख़तरा' मरीना बे ने आरोप लगाया है कि नासा ने पूरी मानव सभ्यता का भविष्य ख़तरे में डाला. उनका कहना है, "किसी ने फ़िलहाल ये साबित नहीं किया कि इस प्रयोग से कोई ख़तरा नहीं है. इससे पुच्छल तारे का परिक्रमा-पथ बदल सकता था और हो सकता है कि वह किसी दिन पृथ्वी को ही नष्ट कर दे." उन्हें ये भी प्रतीत होता है कि जो भी हो इस प्रयोग ने उनके भाग्य पर असर डाला है. मरीना का दावा है कि वे 'एक संकट' का सामना कर रही हैं और उन्हें तीस करोड़ डालर का मुआवज़ा मिलना चाहिए. लेकिन नासा के इस प्रयोग से जुड़े एक वैज्ञानिक शाडान अर्दालान का कहना था, "ये प्रयोग वैसा ही था जैसे किसी बड़े विमान के साथ एक मच्छर टकरा गया हो. इससे कोई असर नहीं पड़ सकता." |
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